UPPCL News: फतेहपुर में बिजली विभाग के SDO पर ठेकेदार का हमला ! ऑफिस में घुसकर सिर फोड़ा, खून से लथपथ पहुंचे अस्पताल
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में बिजली विभाग के SDO अमित शर्मा पर ठेकेदार ने दफ्तर में घुसकर हमला कर दिया. विवाद बिल पास कराने को लेकर हुआ बताया जा रहा है. आरोपी ने डंडे से सिर पर वार किया, जिससे SDO गंभीर रूप से घायल हो गए. पिछले महीने ही इसी कार्यालय के तत्कालीन SDO को रिश्वत लेते पकड़ा गया था.
Fatehpur UPPCL News: फतेहपुर के बिजली विभाग में एक बार फिर बवाल मच गया. सोमवार शाम ठेकेदार और उसके दो साथियों ने दफ्तर में घुसकर SDO अमित शर्मा पर जानलेवा हमला कर दिया. बिल पास कराने को लेकर हुए विवाद में ठेकेदार ने डंडे से सिर पर वार किया जिससे SDO लहूलुहान हो गए. खास बात यह है कि इसी कार्यालय के पूर्व SDO प्रेमचन्द्र यादव को पिछले महीने एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते पकड़ा था.
ठेकेदार ने दफ्तर में घुसकर किया हमला, SDO का सिर फोड़ा
जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित विद्युत वितरण खंड प्रथम कार्यालय में सोमवार शाम हंगामा मच गया. प्रयागराज निवासी ठेकेदार बलराम सिंह अपने दो साथियों पप्पू सिंह और पिंटू सिंह के साथ दफ्तर पहुंचा था. बिल पास कराने की बात पर जब SDO अमित शर्मा ने कार्य की जांच करने की बात कही, तो ठेकेदार गुस्से में आगबबूला हो गया. उसने अपने साथियों के साथ SDO पर हमला कर दिया. डंडे से सिर पर वार करने के साथ घूंसों और लातों से मारपीट की, जिससे SDO का सिर फट गया और खून बहने लगा.
बिल पास को लेकर भड़का ठेकेदार, जान से मारने की कोशिश
घायल SDO अमित शर्मा ने बताया कि ठेकेदार बलराम सिंह कई दिनों से बिल पास कराने का दबाव बना रहा था. सोमवार को उसने कार्य जांच के बाद भुगतान करने की बात कही, तो ठेकेदार ने गाली गलौज शुरू कर दी. इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ गला दबाया, लकड़ी के डंडे से सिर पर वार किया और सरकारी फाइलें फाड़ दीं. हमला इतना तेज था कि SDO मौके पर गिर पड़े और खून से लथपथ हो गए.
बचाने पहुंचे जेई को भी पीटा, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग
हमले के दौरान मलवां के जूनियर इंजीनियर (JE) अनूप कुमार ने जब बीच-बचाव की कोशिश की तो ठेकेदारों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा. उन्होंने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए JE से भी हाथापाई की. कार्यालय में मौजूद अन्य स्टाफ ने किसी तरह दोनों अधिकारियों को बचाया और पुलिस को सूचना दी. अचानक हुई इस घटना से पूरे कार्यालय में अफरातफरी मच गई और कर्मचारी दहशत में आ गए.
पिछले महीने रिश्वत कांड से बदनाम हुआ था यही दफ्तर
आपको बता दें कि यह वही विद्युत वितरण खंड प्रथम का कार्यालय है जो पिछले महीने भी सुर्खियों में रहा था. तब तत्कालीन SDO प्रेमचन्द्र यादव और उनके निजी मुंशी अतुल सिंह को प्रयागराज एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. उस घटना के बाद विभाग की छवि पर पहले से ही सवाल उठे थे. अब SDO पर हुए इस हमले ने विभाग को एक बार फिर विवादों में ला दिया है.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपियों की तलाश जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल SDO को अस्पताल भेजा गया और पूरे मामले में आरोपियों बलराम सिंह, पप्पू सिंह और पिंटू सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. कोतवाल तारकेश्वर राय ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.
वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप, कर्मचारियों में आक्रोश
हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है. वीडियो में ठेकेदार और उसके साथी SDO के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया है. कई कर्मचारियों ने सुरक्षा की मांग करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है. वहीं विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सके.
UPPCL News: फतेहपुर में बिजली विभाग के SDO पर ठेकेदार का हमला ! ऑफिस में घुसकर सिर फोड़ा, खून से लथपथ पहुंचे अस्पताल
Fatehpur UPPCL News: फतेहपुर के बिजली विभाग में एक बार फिर बवाल मच गया. सोमवार शाम ठेकेदार और उसके दो साथियों ने दफ्तर में घुसकर SDO अमित शर्मा पर जानलेवा हमला कर दिया. बिल पास कराने को लेकर हुए विवाद में ठेकेदार ने डंडे से सिर पर वार किया जिससे SDO लहूलुहान हो गए. खास बात यह है कि इसी कार्यालय के पूर्व SDO प्रेमचन्द्र यादव को पिछले महीने एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते पकड़ा था.
ठेकेदार ने दफ्तर में घुसकर किया हमला, SDO का सिर फोड़ा
जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित विद्युत वितरण खंड प्रथम कार्यालय में सोमवार शाम हंगामा मच गया. प्रयागराज निवासी ठेकेदार बलराम सिंह अपने दो साथियों पप्पू सिंह और पिंटू सिंह के साथ दफ्तर पहुंचा था. बिल पास कराने की बात पर जब SDO अमित शर्मा ने कार्य की जांच करने की बात कही, तो ठेकेदार गुस्से में आगबबूला हो गया. उसने अपने साथियों के साथ SDO पर हमला कर दिया. डंडे से सिर पर वार करने के साथ घूंसों और लातों से मारपीट की, जिससे SDO का सिर फट गया और खून बहने लगा.
बिल पास को लेकर भड़का ठेकेदार, जान से मारने की कोशिश
घायल SDO अमित शर्मा ने बताया कि ठेकेदार बलराम सिंह कई दिनों से बिल पास कराने का दबाव बना रहा था. सोमवार को उसने कार्य जांच के बाद भुगतान करने की बात कही, तो ठेकेदार ने गाली गलौज शुरू कर दी. इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ गला दबाया, लकड़ी के डंडे से सिर पर वार किया और सरकारी फाइलें फाड़ दीं. हमला इतना तेज था कि SDO मौके पर गिर पड़े और खून से लथपथ हो गए.
बचाने पहुंचे जेई को भी पीटा, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग
हमले के दौरान मलवां के जूनियर इंजीनियर (JE) अनूप कुमार ने जब बीच-बचाव की कोशिश की तो ठेकेदारों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा. उन्होंने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए JE से भी हाथापाई की. कार्यालय में मौजूद अन्य स्टाफ ने किसी तरह दोनों अधिकारियों को बचाया और पुलिस को सूचना दी. अचानक हुई इस घटना से पूरे कार्यालय में अफरातफरी मच गई और कर्मचारी दहशत में आ गए.
पिछले महीने रिश्वत कांड से बदनाम हुआ था यही दफ्तर
आपको बता दें कि यह वही विद्युत वितरण खंड प्रथम का कार्यालय है जो पिछले महीने भी सुर्खियों में रहा था. तब तत्कालीन SDO प्रेमचन्द्र यादव और उनके निजी मुंशी अतुल सिंह को प्रयागराज एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. उस घटना के बाद विभाग की छवि पर पहले से ही सवाल उठे थे. अब SDO पर हुए इस हमले ने विभाग को एक बार फिर विवादों में ला दिया है.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपियों की तलाश जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल SDO को अस्पताल भेजा गया और पूरे मामले में आरोपियों बलराम सिंह, पप्पू सिंह और पिंटू सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. कोतवाल तारकेश्वर राय ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.
वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप, कर्मचारियों में आक्रोश
हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है. वीडियो में ठेकेदार और उसके साथी SDO के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया है. कई कर्मचारियों ने सुरक्षा की मांग करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है. वहीं विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सके.