
Fatehpur News: जब फहमीदा ने पूछा- कहां गई योगी सरकार? दबंगों की धमकी से घर छोड़ने को मजबूर दंपति, पुलिस पर संरक्षण देने का आरोप
फतेहपुर में फहमीदा बानो ने पड़ोसियों पर मकान की दीवार और छत क्षतिग्रस्त करने, कब्जे की कोशिश, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए हैं. महिला का कहना है कि कई शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई. डर के कारण वह पति के साथ घर छोड़ने को मजबूर है और पुलिस पर सवाल उठा रही है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की सदर कोतवाली क्षेत्र के इमिलिहाबाग खेलदार मोहल्ले में रहने वाला एक दंपति दबंगों की प्रताड़ना और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर अपना घर छोड़ने को मजबूर है. पीड़िता फहमीदा बानो का आरोप है कि पड़ोस के कुछ लोग उसके मकान की दीवार और छत को नुकसान पहुंचाकर कब्जे की कोशिश कर रहे हैं.
विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई, जबकि पति के पहुंचने पर उस पर भी हमला किया गया. महिला ने कहा कि उसने कई बार पुलिस और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. अब फहमीदा ने सवाल उठाया है कि जब योगी सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा करती है तो उसके मामले में उसे न्याय क्यों नहीं मिल रहा.
क्या है पूरा मामला?

महिला के मुताबिक दीवारों को तोड़कर वहां बल्ली लगाने का काम किया गया. जब उन्होंने आरोपितों से अपने हिस्से की सीमा के भीतर निर्माण करने को कहा तो विवाद शुरू हो गया.
विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट
फहमीदा के मुताबिक निर्माण का विरोध करने पर पड़ोस के लोग उनके साथ गाली-गलौज करने लगे और मारपीट की. इसके बाद उन्होंने फोन करके अपने पति को घटना की जानकारी दी.
महिला का कहना है कि पति के मौके पर पहुंचने के बाद पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग छत की दीवार फांदकर उनके घर में घुस आए. उन्होंने कहा कि इन लोगों के हाथों में लाठी-डंडे, धारदार हथियार और कट्टा था. आरोपितों ने उनके और उनके पति के साथ मारपीट शुरू कर दी.
महिला के अनुसार जब उनके पति ने बीच-बचाव करते हुए आरोपितों को रोकने की कोशिश की तो उनके साथ आए कुछ अज्ञात लोगों ने भी पति पर हमला कर दिया. इस हमले में उनके पति घायल हो गए.
असलहा लहराकर धमकी देने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि घटना के दौरान आरोपितों ने असलहा लहराते हुए पुलिस को सूचना देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी. फहमीदा के मुताबिक आरोपितों ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए यह भी कहा कि शासन और प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता. महिला का कहना है कि इस घटना के बाद से वह और उसका पति लगातार डर के माहौल में रह रहे हैं.
घायल पति ने 112 पर पुलिस को दी सूचना
फहमीदा के मुताबिक 5 अगस्त 2026 को उसके पति ने घायल अवस्था में 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी. पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपित मौके से फरार हो गए.
महिला के अनुसार 112 पुलिस ने उन्हें कोतवाली जाकर शिकायत करने की सलाह दी. इसके बाद वह और उसके पति कोतवाली पहुंचे और घटना की तहरीर दी.
फहमीदा का कहना है कि इसके बाद पुलिस ने दोनों को मेडिकल के लिए सदर अस्पताल भेजा. हालांकि, महिला का आरोप है कि अस्पताल में केवल उसके पति का मेडिकल कराया गया, जबकि उसका मेडिकल नहीं कराया गया. पीड़िता का दावा है कि शिकायत के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई.
एक साल पहले भी मारपीट का आरोप
फहमीदा बानो का कहना है कि उसके साथ मारपीट और विवाद की यह पहली घटना नहीं है. करीब एक साल पहले भी उसके पति की गैरमौजूदगी में उसके साथ मारपीट की गई थी.
महिला के मुताबिक उसने इस मामले में 8 जनवरी 2025 को आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की थी. शिकायत का संदर्भ संख्या 400172250349996 बताया गया है. फहमीदा के अनुसार इसके बाद उसने 8 नवंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक फतेहपुर और 20 नवंबर 2025 को कोतवाली प्रभारी को भी प्रार्थना पत्र दिया था.
महिला का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. उसके मुताबिक कार्रवाई नहीं होने से आरोपितों के हौसले बढ़ते गए.
10 अगस्त को फिर जान से मारने की मिली धमकी
फहमीदा ने आरोप लगाया कि 10 अगस्त 2026 को गुलफाम पुत्र इकबाल निवासी इमिलिहाबाग खेलदार उसके घर के सामने आया और उसे जान से मारने की धमकी दी.
महिला के मुताबिक गुलफाम ने उससे कहा कि पिछली घटना के बाद भी उसका मन नहीं भरा है और अब उसके साथ ऐसा किया जाएगा जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी.
पीड़िता का आरोप है कि धमकी देने के बाद गुलफाम वहां से चला गया. इस घटना के बाद महिला और उसका पति और ज्यादा भयभीत हैं.
डर के कारण घर छोड़ने को मजबूर दंपति
लगातार विवाद, कथित मारपीट और धमकियों से परेशान फहमीदा बानो का कहना है कि अब उसे अपने और अपने पति की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है.
महिला का कहना है कि यदि भविष्य में उसके या उसके पति के साथ कोई बड़ी अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. इसी डर के चलते वह और उसका पति अपना घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं.
फहमीदा के मुताबिक जिस मकान में वह अपने पिता की मौत के बाद रहने का सहारा लेकर रह रही थी, अब उसी मकान को छोड़ने की स्थिति बन गई है.
फहमीदा ने पूछा- कहां गई योगी सरकार?
पीड़िता ने अपनी शिकायतों और घटनाओं का हवाला देते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया है. फहमीदा बानो का कहना है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जानी जाती है. ऐसे में उसकी शिकायतों के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है.
फहमीदा ने सवाल उठाते हुए कहा, "योगी सरकार तो अपराधियों को समाप्त करने वाली सरकार है, फिर मेरी शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. पुलिस अपराधियों को संरक्षण क्यों दे रही है. क्या मुझे न्याय नहीं मिलेगा."
महिला का कहना है कि उसने पुलिस से लेकर अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाई, लेकिन उसे अब तक सुरक्षा और न्याय नहीं मिला.
Fatehpur News: जब फहमीदा ने पूछा- कहां गई योगी सरकार? दबंगों की धमकी से घर छोड़ने को मजबूर दंपति, पुलिस पर संरक्षण देने का आरोप
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की सदर कोतवाली क्षेत्र के इमिलिहाबाग खेलदार मोहल्ले में रहने वाला एक दंपति दबंगों की प्रताड़ना और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर अपना घर छोड़ने को मजबूर है. पीड़िता फहमीदा बानो का आरोप है कि पड़ोस के कुछ लोग उसके मकान की दीवार और छत को नुकसान पहुंचाकर कब्जे की कोशिश कर रहे हैं.
विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई, जबकि पति के पहुंचने पर उस पर भी हमला किया गया. महिला ने कहा कि उसने कई बार पुलिस और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. अब फहमीदा ने सवाल उठाया है कि जब योगी सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा करती है तो उसके मामले में उसे न्याय क्यों नहीं मिल रहा.
क्या है पूरा मामला?
फहमीदा बानो सदर कोतवाली क्षेत्र के इमिलिहाबाग खेलदार मोहल्ले की रहने वाली हैं. उनका कहना है कि उनके पिता और भाई की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है. मायके पक्ष में अब उनका कोई सहारा नहीं है. ऐसे में वह अपने पति महफूज आलम के साथ अपने पिता के मकान में रहती हैं.
फहमीदा कहतीं हैं कि पड़ोस में रहने वाले फैजान, शैबान, राजा, शायबा, रानी उर्फ शाहीन समेत कुछ अज्ञात लोग उनके मकान की दीवार और छत को नुकसान पहुंचाकर कब्जे की कोशिश कर रहे हैं.
महिला के मुताबिक दीवारों को तोड़कर वहां बल्ली लगाने का काम किया गया. जब उन्होंने आरोपितों से अपने हिस्से की सीमा के भीतर निर्माण करने को कहा तो विवाद शुरू हो गया.
विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट
फहमीदा के मुताबिक निर्माण का विरोध करने पर पड़ोस के लोग उनके साथ गाली-गलौज करने लगे और मारपीट की. इसके बाद उन्होंने फोन करके अपने पति को घटना की जानकारी दी.
महिला का कहना है कि पति के मौके पर पहुंचने के बाद पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग छत की दीवार फांदकर उनके घर में घुस आए. उन्होंने कहा कि इन लोगों के हाथों में लाठी-डंडे, धारदार हथियार और कट्टा था. आरोपितों ने उनके और उनके पति के साथ मारपीट शुरू कर दी.
महिला के अनुसार जब उनके पति ने बीच-बचाव करते हुए आरोपितों को रोकने की कोशिश की तो उनके साथ आए कुछ अज्ञात लोगों ने भी पति पर हमला कर दिया. इस हमले में उनके पति घायल हो गए.
असलहा लहराकर धमकी देने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि घटना के दौरान आरोपितों ने असलहा लहराते हुए पुलिस को सूचना देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी. फहमीदा के मुताबिक आरोपितों ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए यह भी कहा कि शासन और प्रशासन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता. महिला का कहना है कि इस घटना के बाद से वह और उसका पति लगातार डर के माहौल में रह रहे हैं.
घायल पति ने 112 पर पुलिस को दी सूचना
फहमीदा के मुताबिक 5 अगस्त 2026 को उसके पति ने घायल अवस्था में 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी. पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपित मौके से फरार हो गए.
महिला के अनुसार 112 पुलिस ने उन्हें कोतवाली जाकर शिकायत करने की सलाह दी. इसके बाद वह और उसके पति कोतवाली पहुंचे और घटना की तहरीर दी.
फहमीदा का कहना है कि इसके बाद पुलिस ने दोनों को मेडिकल के लिए सदर अस्पताल भेजा. हालांकि, महिला का आरोप है कि अस्पताल में केवल उसके पति का मेडिकल कराया गया, जबकि उसका मेडिकल नहीं कराया गया. पीड़िता का दावा है कि शिकायत के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई.
एक साल पहले भी मारपीट का आरोप
फहमीदा बानो का कहना है कि उसके साथ मारपीट और विवाद की यह पहली घटना नहीं है. करीब एक साल पहले भी उसके पति की गैरमौजूदगी में उसके साथ मारपीट की गई थी.
महिला के मुताबिक उसने इस मामले में 8 जनवरी 2025 को आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की थी. शिकायत का संदर्भ संख्या 400172250349996 बताया गया है. फहमीदा के अनुसार इसके बाद उसने 8 नवंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक फतेहपुर और 20 नवंबर 2025 को कोतवाली प्रभारी को भी प्रार्थना पत्र दिया था.
महिला का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. उसके मुताबिक कार्रवाई नहीं होने से आरोपितों के हौसले बढ़ते गए.
10 अगस्त को फिर जान से मारने की मिली धमकी
फहमीदा ने आरोप लगाया कि 10 अगस्त 2026 को गुलफाम पुत्र इकबाल निवासी इमिलिहाबाग खेलदार उसके घर के सामने आया और उसे जान से मारने की धमकी दी.
महिला के मुताबिक गुलफाम ने उससे कहा कि पिछली घटना के बाद भी उसका मन नहीं भरा है और अब उसके साथ ऐसा किया जाएगा जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी.
पीड़िता का आरोप है कि धमकी देने के बाद गुलफाम वहां से चला गया. इस घटना के बाद महिला और उसका पति और ज्यादा भयभीत हैं.
डर के कारण घर छोड़ने को मजबूर दंपति
लगातार विवाद, कथित मारपीट और धमकियों से परेशान फहमीदा बानो का कहना है कि अब उसे अपने और अपने पति की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है.
महिला का कहना है कि यदि भविष्य में उसके या उसके पति के साथ कोई बड़ी अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. इसी डर के चलते वह और उसका पति अपना घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं.
फहमीदा के मुताबिक जिस मकान में वह अपने पिता की मौत के बाद रहने का सहारा लेकर रह रही थी, अब उसी मकान को छोड़ने की स्थिति बन गई है.
फहमीदा ने पूछा- कहां गई योगी सरकार?
पीड़िता ने अपनी शिकायतों और घटनाओं का हवाला देते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया है. फहमीदा बानो का कहना है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जानी जाती है. ऐसे में उसकी शिकायतों के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है.
फहमीदा ने सवाल उठाते हुए कहा, "योगी सरकार तो अपराधियों को समाप्त करने वाली सरकार है, फिर मेरी शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही. पुलिस अपराधियों को संरक्षण क्यों दे रही है. क्या मुझे न्याय नहीं मिलेगा."
महिला का कहना है कि उसने पुलिस से लेकर अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाई, लेकिन उसे अब तक सुरक्षा और न्याय नहीं मिला.