
UP Rain Alert: उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-वज्रपात की आशंका पर सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश
उत्तर प्रदेश में 1 से 6 सितंबर तक मौसम बिगड़ने की संभावना को देखते हुए योगी सरकार ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं. भारत मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में भारी से मूसलाधार बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका है. वहीं सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, प्रयागराज समेत कुछ जिलों में आकस्मिक बाढ़ का खतरा भी जताया गया है. राहत आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन को लगातार निगरानी और जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
UP Rain Alert: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है और आने वाले दिनों में कई जिलों में तेज से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग के 1 से 6 सितंबर तक के पूर्वानुमान को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क कर दिया है. सरकार ने संभावित बाढ़, जलभराव, मेघगर्जन और वज्रपात से निपटने के लिए पहले से तैयारियां मजबूत करने के निर्देश दिए हैं.
6 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 1 सितंबर से 6 सितंबर तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है. कई जिलों में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश के कारण जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है.पूर्वानुमान को देखते हुए राहत आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं.
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

वहीं अवध और तराई क्षेत्र के बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकरनगर भी अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं.
पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के एटा, कासगंज, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत आसपास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है.
इन 10 जिलों में आकस्मिक बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कुछ जिलों के लिए आकस्मिक बाढ़ को लेकर भी चेतावनी दी गई है. सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, भदोही, चित्रकूट और कौशाम्बी में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है.
इन जिलों के प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. नदियों के जलस्तर, नालों, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक राहत और बचाव की व्यवस्था तत्काल पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश हैं.
मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर भी चेतावनी
प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की भी संभावना है. यह खतरा केवल पूर्वांचल तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य यूपी, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर से जुड़े जिलों में भी सतर्कता की जरूरत बताई गई है.
प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर, लखनऊ, अयोध्या, आगरा, कानपुर, झांसी और मथुरा समेत कई जिलों में वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र के मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर समेत अन्य जिलों में भी मेघगर्जन और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है.
सभी जिलों के प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश
योगी सरकार ने संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों को प्राथमिकता दी है. राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से संबंधित जिलों को निर्देश दिया गया है कि मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखी जाए.
प्रशासन को स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव की व्यवस्थाएं तैयार रखने, संवेदनशील इलाकों की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है.
