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Fatehpur News: फतेहपुर में बड़ा हादसा ! खादी ग्रामोद्योग की जर्जर इमारत ढही, महिला मजदूर की मौत, कई घायल

Fatehpur News: फतेहपुर में बड़ा हादसा ! खादी ग्रामोद्योग की जर्जर इमारत ढही, महिला मजदूर की मौत, कई घायल
फतेहपुर में खादी ग्रामोद्योग की जर्जर बिल्डिंग गिरने से महिला मजदूर की मौत कई घायल: Image Yugantar Pravah

Fatehpur News In Hindi

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) में खादी ग्रामोद्योग की जर्जर इमारत शुक्रवार शाम भरभरा कर गिर गई. निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे में महिला मजदूर की मौत हो गई, जबकि कई मजदूर घायल हो गए हैं जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. मौके पर भारी पुलिस बल लगा हुआ है.

Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले के आईटीआई रोड स्थित खादी ग्रामोद्योग परिसर में शुक्रवार की शाम करीब साढ़े चार बजे बड़ा हादसा हो गया. 60 साल पुरानी जर्जर इमारत की छत अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे निर्माण कार्य में लगे मजदूर मलबे के नीचे दब गए.

इस दर्दनाक हादसे में गढ़ीवा निवासी महिला मजदूर शशी देवी (45) की मौत हो गई, जबकि दो अन्य महिला मजदूरों सहित कुल दस लोग घायल हो गए. गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने शशी को मृत घोषित कर दिया. बाकी घायलों का इलाज जारी है.

45 दिन से चल रहा था निर्माण, ढहा अधजर्जर हिस्सा

जानकारी के मुताबिक, खादी ग्रामोद्योग की इस इमारत में हथकरघा से वस्त्र निर्माण होता है जबकि दूसरे हिस्से में बिक्री होती है जो कि अभी ठीक ठाक स्थिति में है. वर्षों पुरानी इस इमारत की हालत बेहद खराब थी.

करीब 45 दिन पहले इसके एक हिस्से को गिराकर निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जबकि बाकी आधा हिस्सा अब भी अधजर्जर हालत में खड़ा था. शुक्रवार को जब मजदूर रोज की तरह निर्माण कार्य में जुटे थे, तभी अचानक ऊपर की गैलरी की छत दरकने लगी. मजदूर कुछ समझ पाते, उससे पहले ही छत भरभराकर गिर पड़ी और सभी मजदूर मलबे के नीचे दब गए.

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घटनास्थल पर चीख-पुकार, स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा

जैसे ही हादसा हुआ, घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. मजदूरों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े और राहत कार्य में जुट गए. सूचना पर पहुंची पुलिस, दमकल, नगर पालिका और राजस्व विभाग की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे सभी मजदूरों को बाहर निकाला. आनन-फानन में सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. जहां डॉक्टरों ने शशी देवी को मृत घोषित कर दिया और अन्य चार की हालत गंभीर बताई जा रही है.

Read More: UP School Closed: यूपी में भीषण ठंड के चलते इस तारीख तक बंद रहेंगे स्कूल, योगी सरकार का आदेश

इन मजदूरों की हुई पहचान

हादसे में घायल हुए मजदूरों की पहचान रामकुमार (40) निवासी शिकदारपुर बिंदकी, अलका निवासी गड़रयिनपुरवा, पप्पू, कल्लू निवासी चांदपुर मजरे रारा, संजय निवासी मलाव थरियांव, ओमप्रकाश, अनीता और मुन्ना के रूप में हुई है. इनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है.

एसपी ने मौके पर पहुंचकर दिए जांच के निर्देश

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल (IPS Dhawal Jaiswal) मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया इमारत की जर्जर हालत के बावजूद उसमें निर्माण कार्य कराया जाना हादसे का कारण प्रतीत हो रहा है. जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी.

मजदूरों की जान से हुआ खिलवाड़, नहीं थे सुरक्षा इंतजाम 

हादसे के बाद जब स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मलबे में दबे मजदूरों के पास न तो हेलमेट थे, न सेफ्टी बेल्ट और न ही कोई अन्य सुरक्षा उपकरण.

आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से मजदूर जर्जर इमारत में बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के काम कर रहे थे. निर्माण स्थल को सुरक्षित घेरे में भी नहीं लिया गया था. लोगों का कहना है कि यह साफ तौर पर मजदूरों की जान को खतरे में डालकर निर्माण कार्य कराया जा रहा था.

02 May 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

Fatehpur News: फतेहपुर में बड़ा हादसा ! खादी ग्रामोद्योग की जर्जर इमारत ढही, महिला मजदूर की मौत, कई घायल

Fatehpur News In Hindi

Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले के आईटीआई रोड स्थित खादी ग्रामोद्योग परिसर में शुक्रवार की शाम करीब साढ़े चार बजे बड़ा हादसा हो गया. 60 साल पुरानी जर्जर इमारत की छत अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे निर्माण कार्य में लगे मजदूर मलबे के नीचे दब गए.

इस दर्दनाक हादसे में गढ़ीवा निवासी महिला मजदूर शशी देवी (45) की मौत हो गई, जबकि दो अन्य महिला मजदूरों सहित कुल दस लोग घायल हो गए. गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने शशी को मृत घोषित कर दिया. बाकी घायलों का इलाज जारी है.

45 दिन से चल रहा था निर्माण, ढहा अधजर्जर हिस्सा

जानकारी के मुताबिक, खादी ग्रामोद्योग की इस इमारत में हथकरघा से वस्त्र निर्माण होता है जबकि दूसरे हिस्से में बिक्री होती है जो कि अभी ठीक ठाक स्थिति में है. वर्षों पुरानी इस इमारत की हालत बेहद खराब थी.

करीब 45 दिन पहले इसके एक हिस्से को गिराकर निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जबकि बाकी आधा हिस्सा अब भी अधजर्जर हालत में खड़ा था. शुक्रवार को जब मजदूर रोज की तरह निर्माण कार्य में जुटे थे, तभी अचानक ऊपर की गैलरी की छत दरकने लगी. मजदूर कुछ समझ पाते, उससे पहले ही छत भरभराकर गिर पड़ी और सभी मजदूर मलबे के नीचे दब गए.

घटनास्थल पर चीख-पुकार, स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा

जैसे ही हादसा हुआ, घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई. मजदूरों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े और राहत कार्य में जुट गए. सूचना पर पहुंची पुलिस, दमकल, नगर पालिका और राजस्व विभाग की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे सभी मजदूरों को बाहर निकाला. आनन-फानन में सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. जहां डॉक्टरों ने शशी देवी को मृत घोषित कर दिया और अन्य चार की हालत गंभीर बताई जा रही है.

इन मजदूरों की हुई पहचान

हादसे में घायल हुए मजदूरों की पहचान रामकुमार (40) निवासी शिकदारपुर बिंदकी, अलका निवासी गड़रयिनपुरवा, पप्पू, कल्लू निवासी चांदपुर मजरे रारा, संजय निवासी मलाव थरियांव, ओमप्रकाश, अनीता और मुन्ना के रूप में हुई है. इनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है.

एसपी ने मौके पर पहुंचकर दिए जांच के निर्देश

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल (IPS Dhawal Jaiswal) मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया इमारत की जर्जर हालत के बावजूद उसमें निर्माण कार्य कराया जाना हादसे का कारण प्रतीत हो रहा है. जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी.

मजदूरों की जान से हुआ खिलवाड़, नहीं थे सुरक्षा इंतजाम 

हादसे के बाद जब स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मलबे में दबे मजदूरों के पास न तो हेलमेट थे, न सेफ्टी बेल्ट और न ही कोई अन्य सुरक्षा उपकरण.

आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से मजदूर जर्जर इमारत में बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के काम कर रहे थे. निर्माण स्थल को सुरक्षित घेरे में भी नहीं लिया गया था. लोगों का कहना है कि यह साफ तौर पर मजदूरों की जान को खतरे में डालकर निर्माण कार्य कराया जा रहा था.

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