Fatehpur News: फतेहपुर में 112 पंचायत सचिवों पर गिरी गाज, जून का वेतन रोका, दो दिन में जवाब नहीं दिया तो निलंबन
फतेहपुर जिले में 15वें वित्त आयोग की धनराशि का समय पर उपयोग नहीं करने और विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले 112 ग्राम पंचायत सचिवों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. डीपीआरओ ने सभी का जून माह का वेतन रोक दिया है. साथ ही दो दिन के भीतर लंबित भुगतान कर स्पष्टीकरण देने के निर्देश जारी किए गए हैं. आदेश की अनदेखी करने वालों पर निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकती है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ग्रामीण विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पंचायत सचिवों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. 15वें वित्त आयोग की धनराशि का समय पर उपयोग न करने और विकास योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) राम शंकर वर्मा ने जिले के 112 ग्राम पंचायत सचिवों का जून माह का वेतन तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है. साथ ही सभी को दो दिन के भीतर कार्य पूर्ण कर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है.
बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरी कार्यशैली
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डीपीआरओ राम शंकर वर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को पहले भी कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, दूरभाष और कारण बताओ नोटिस के माध्यम से निर्देश दिए गए थे कि 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का नियमानुसार उपयोग करते हुए विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाए. इसके बावजूद अधिकांश ग्राम पंचायतों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली.

इन विकास खंडों के 112 पंचायत सचिव कार्रवाई की जद में
दो दिन में पूरा करना होगा भुगतान और देना होगा जवाब
डीपीआरओ ने सभी संबंधित पंचायत सचिवों को निर्देश दिया है कि वे दो दिनों के भीतर अपनी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध 15वें वित्त आयोग की धनराशि के अनुसार लंबित विकास कार्यों का भुगतान नियमानुसार सुनिश्चित करें. इसके साथ ही धनराशि खर्च न किए जाने का स्पष्ट और संतोषजनक स्पष्टीकरण लेकर स्वयं जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में उपस्थित हों.
आदेश में साफ कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित पंचायत सचिवों के खिलाफ निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
ग्राम विकास अधिकारियों का वेतन रोकने की भी संस्तुति
कार्रवाई केवल पंचायत सचिवों तक सीमित नहीं रखी गई है. डीपीआरओ ने जिला विकास अधिकारी को पत्र भेजकर सूची में शामिल ग्राम विकास अधिकारियों (वीडीओ) का जून माह का वेतन भी अग्रिम आदेशों तक रोकने का अनुरोध किया है. इससे स्पष्ट है कि प्रशासन विकास योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के प्रति नरमी बरतने के पक्ष में नहीं है.
Fatehpur News: फतेहपुर में 112 पंचायत सचिवों पर गिरी गाज, जून का वेतन रोका, दो दिन में जवाब नहीं दिया तो निलंबन
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ग्रामीण विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पंचायत सचिवों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. 15वें वित्त आयोग की धनराशि का समय पर उपयोग न करने और विकास योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) राम शंकर वर्मा ने जिले के 112 ग्राम पंचायत सचिवों का जून माह का वेतन तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है. साथ ही सभी को दो दिन के भीतर कार्य पूर्ण कर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है.
बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरी कार्यशैली
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डीपीआरओ राम शंकर वर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को पहले भी कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, दूरभाष और कारण बताओ नोटिस के माध्यम से निर्देश दिए गए थे कि 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का नियमानुसार उपयोग करते हुए विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाए. इसके बावजूद अधिकांश ग्राम पंचायतों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली.
प्रशासन के अनुसार सचिवों की लापरवाही का असर मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर भी दिखाई दे रहा है. विकास कार्यों की धीमी प्रगति के कारण फतेहपुर जिले की रैंकिंग लगातार प्रभावित हो रही है, जिसे शासन स्तर पर गंभीरता से लिया गया है.
इन विकास खंडों के 112 पंचायत सचिव कार्रवाई की जद में
डीपीआरओ द्वारा जारी सूची में असोथर, बहुआ, भिटौरा, देवमई, हसवा, हथगाम, खजुहा, मलवां, तेलियानी और विजयीपुर विकास खंडों की ग्राम पंचायतें शामिल हैं. इन पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की धनराशि का उपयोग बेहद कम या बिल्कुल नहीं किया गया. हसवा ब्लॉक की सेमरा और अकबरपुर इतरौरा जैसी ग्राम पंचायतों में खर्च का प्रतिशत शून्य पाया गया है, जबकि कई अन्य पंचायतों में भी धनराशि लंबे समय से बिना उपयोग के पड़ी हुई है.
दो दिन में पूरा करना होगा भुगतान और देना होगा जवाब
डीपीआरओ ने सभी संबंधित पंचायत सचिवों को निर्देश दिया है कि वे दो दिनों के भीतर अपनी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध 15वें वित्त आयोग की धनराशि के अनुसार लंबित विकास कार्यों का भुगतान नियमानुसार सुनिश्चित करें. इसके साथ ही धनराशि खर्च न किए जाने का स्पष्ट और संतोषजनक स्पष्टीकरण लेकर स्वयं जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में उपस्थित हों.
आदेश में साफ कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित पंचायत सचिवों के खिलाफ निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
ग्राम विकास अधिकारियों का वेतन रोकने की भी संस्तुति
कार्रवाई केवल पंचायत सचिवों तक सीमित नहीं रखी गई है. डीपीआरओ ने जिला विकास अधिकारी को पत्र भेजकर सूची में शामिल ग्राम विकास अधिकारियों (वीडीओ) का जून माह का वेतन भी अग्रिम आदेशों तक रोकने का अनुरोध किया है. इससे स्पष्ट है कि प्रशासन विकास योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के प्रति नरमी बरतने के पक्ष में नहीं है.