UP Free Scooty Yojana 2026: यूपी की 45 हजार मेधावी छात्राओं को मिलेगा मुफ्त स्कूटी का तोहफा, जानिए नियम
उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू करने जा रही है. पहले चरण में करीब 45 हजार मेधावी छात्राओं को मुफ्त पेट्रोल स्कूटी दी जाएगी. इसके लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से पात्र छात्राओं का डाटा मांगा गया है. परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होने और निर्धारित शैक्षणिक मानदंड पूरा करने वाली छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा.
UP Free Scooty Yojana 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार की महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसके तहत राज्य विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाली मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी. उच्च शिक्षा विभाग ने चयन प्रक्रिया शुरू करते हुए विभिन्न शिक्षण संस्थानों से पात्र छात्राओं का विवरण भी मांग लिया है.
पहले चरण में 45 हजार छात्राओं को मिल सकती है स्कूटी
राज्य सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. शुरुआती चरण में लगभग 45 हजार छात्राओं को मुफ्त स्कूटी वितरित किए जाने की संभावना है. कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को प्रोफार्मा भेजकर पात्र छात्राओं का डाटा मांगा गया है. डाटा प्राप्त होने के बाद चयनित छात्राओं की सूची जारी की जाएगी.
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत कौन होंगी पात्र?

- छात्रा उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालय या डिग्री कॉलेज में अध्ययनरत हो.
- परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम हो.
- स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की छात्राएं योजना के दायरे में आएंगी.
पहले चरण में मेधावी छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी.
नौ लाख छात्राओं को मिल सकता है दीर्घकालिक लाभ
उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में करीब नौ लाख छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं. सरकार का मानना है कि यह योजना केवल परिवहन सुविधा नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी.
ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाली कई छात्राएं आवागमन की परेशानी के कारण नियमित रूप से कॉलेज नहीं पहुंच पाती हैं. स्कूटी मिलने से उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी.
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी
सरकार योजना को पूरी तरह ऑनलाइन संचालित करने की तैयारी कर रही है. इससे आवेदन, सत्यापन और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और पात्र छात्राओं तक सीधे लाभ पहुंच सकेगा. शासन से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद आवेदन प्रक्रिया और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे.
कॉलेजों में यूनिफॉर्म लागू करने पर भी विचार
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि राज्य के महाविद्यालयों में यूनिफॉर्म व्यवस्था को लेकर डाटा एकत्र किया गया है और उसका अध्ययन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 75 प्रतिशत महाविद्यालयों में यूनिफॉर्म का उपयोग हो रहा है. अभी इस संबंध में कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन शेष कॉलेजों के लिए भी भविष्य में आदेश जारी किए जा सकते हैं.
UP Free Scooty Yojana 2026: यूपी की 45 हजार मेधावी छात्राओं को मिलेगा मुफ्त स्कूटी का तोहफा, जानिए नियम
UP Free Scooty Yojana 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार की महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसके तहत राज्य विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाली मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी. उच्च शिक्षा विभाग ने चयन प्रक्रिया शुरू करते हुए विभिन्न शिक्षण संस्थानों से पात्र छात्राओं का विवरण भी मांग लिया है.
पहले चरण में 45 हजार छात्राओं को मिल सकती है स्कूटी
राज्य सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. शुरुआती चरण में लगभग 45 हजार छात्राओं को मुफ्त स्कूटी वितरित किए जाने की संभावना है. कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को प्रोफार्मा भेजकर पात्र छात्राओं का डाटा मांगा गया है. डाटा प्राप्त होने के बाद चयनित छात्राओं की सूची जारी की जाएगी.
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत कौन होंगी पात्र?
सरकार ने योजना के लिए कुछ प्रमुख पात्रता मानदंड तय किए हैं.
- छात्रा उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालय या डिग्री कॉलेज में अध्ययनरत हो.
- परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम हो.
- स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की छात्राएं योजना के दायरे में आएंगी.
पहले चरण में मेधावी छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी.
80, 85 और 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाली छात्राओं का डाटा मांगा गया है. उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि विभाग ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से उन स्नातक प्रथम वर्ष की छात्राओं का डाटा मांगा है जिन्होंने 80, 85 और 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं. इसी आधार पर पहले चरण के लाभार्थियों का चयन किया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी दी जाएगी.
नौ लाख छात्राओं को मिल सकता है दीर्घकालिक लाभ
उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में करीब नौ लाख छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं. सरकार का मानना है कि यह योजना केवल परिवहन सुविधा नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी.
ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाली कई छात्राएं आवागमन की परेशानी के कारण नियमित रूप से कॉलेज नहीं पहुंच पाती हैं. स्कूटी मिलने से उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी.
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी
सरकार योजना को पूरी तरह ऑनलाइन संचालित करने की तैयारी कर रही है. इससे आवेदन, सत्यापन और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और पात्र छात्राओं तक सीधे लाभ पहुंच सकेगा. शासन से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद आवेदन प्रक्रिया और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे.
कॉलेजों में यूनिफॉर्म लागू करने पर भी विचार
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि राज्य के महाविद्यालयों में यूनिफॉर्म व्यवस्था को लेकर डाटा एकत्र किया गया है और उसका अध्ययन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 75 प्रतिशत महाविद्यालयों में यूनिफॉर्म का उपयोग हो रहा है. अभी इस संबंध में कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन शेष कॉलेजों के लिए भी भविष्य में आदेश जारी किए जा सकते हैं.