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UPPCL News: यूपी में बिजली विभाग का नया खेल! मैसेज आते ही दोगुना हो रहा बिजली कनेक्शन का लोड, प्रदेशभर में हड़कंप

UPPCL News: यूपी में बिजली विभाग का नया खेल! मैसेज आते ही दोगुना हो रहा बिजली कनेक्शन का लोड, प्रदेशभर में हड़कंप
उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग का नया खेल मैसेज आते ही बढ़ रहा कनेक्शन का लोड (प्रतीकात्मक फोटो): Image Credit Original Source

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के मोबाइल पर अचानक बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाने के मैसेज पहुंचने से हड़कंप मच गया है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना और सहमति के विभाग ने उनके कनेक्शन का भार बढ़ा दिया है. कई लोगों का कहना है कि एक या दो बार अधिक बिजली की डिमांड आने पर ही यह कार्रवाई की गई है, जबकि नियम कुछ और कहते हैं.

UPPCL News: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रीपेड मीटर को लेकर पहले से नाराज उपभोक्ताओं के सामने अब बिजली कनेक्शन का स्वीकृत लोड बिना पूर्व सूचना बढ़ाए जाने का मामला सामने आया है. प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को मोबाइल पर ऐसे मैसेज मिले हैं, जिनमें उनके कनेक्शन का भार बढ़ाने की जानकारी दी गई है. इस कार्रवाई के बाद लोगों में नाराजगी है और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.

शुक्रवार रात आए मैसेज से मच गई खलबली

शुक्रवार रात करीब आठ बजे हजारों बिजली उपभोक्ताओं के मोबाइल पर यूपीपीसीएल की ओर से मैसेज पहुंचे. इन मैसेजों में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान स्वीकृत सीमा से अधिक बिजली की मांग दर्ज होने के कारण उनके कनेक्शन का स्वीकृत लोड बढ़ा दिया गया है. मैसेज मिलते ही उपभोक्ताओं ने एक-दूसरे को फोन कर जानकारी ली और सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई.

उपभोक्ताओं का आरोप, बिना सूचना बढ़ाया गया लोड

प्रदेश के अलग-अलग जिलों से उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि विभाग ने न तो पहले कोई नोटिस दिया और न ही उनकी सहमति ली. कई लोगों का कहना है कि उनके कनेक्शन का भार सीधे एक से दो किलोवाट या चार से पांच किलोवाट कर दिया गया. उनका कहना है कि यदि विभाग को लोड बढ़ाना था तो पहले कारण बताते हुए नोटिस जारी किया जाना चाहिए था.

एक महीने की अधिक डिमांड पर ही कार्रवाई का आरोप

उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले यदि किसी उपभोक्ता की बिजली की अधिकतम मांग लगातार कई बार स्वीकृत सीमा से अधिक जाती थी, तभी विभाग कार्रवाई करता था. लेकिन इस बार केवल एक या दो बिलिंग अवधि में अधिक डिमांड दर्ज होने के आधार पर ही कनेक्शन का लोड बढ़ा दिया गया. इससे लोगों में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं.

Read More: UP Panchayat Election 2026: कार्यकाल खत्म होने से पहले बजट खपाने की होड़, कासगंज में दो प्रधान बर्खास्त

महिला उपभोक्ता ने उठाए सवाल

लखनऊ की एक उपभोक्ता शकुंतला ने बताया कि उनका पांच किलोवाट का बिजली कनेक्शन है. उनके अनुसार कई महीनों तक उनकी अधिकतम डिमांड पांच किलोवाट से कम रही. केवल हाल की एक बिलिंग अवधि में डिमांड 6.55 किलोवाट पहुंची, जिसके बाद विभाग ने बिना किसी सूचना के उनका लोड एक किलोवाट बढ़ा दिया. उनका सवाल है कि यदि नियम तीन बार अधिकतम मांग सीमा पार होने की बात कहते हैं, तो एक बार की अधिक डिमांड पर कार्रवाई क्यों की गई.

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छोटे घरेलू उपभोक्ता भी आए प्रभावित

कानपुर के काकादेव निवासी रामलखन ने बताया कि उनके घर में केवल एक पंखा और दो बल्ब हैं, फिर भी उनका एक किलोवाट का कनेक्शन बढ़ाकर दो किलोवाट कर दिया गया. वहीं कल्याणपुर निवासी डॉ. भक्ति विजय शुक्ल का कहना है कि उनका चार किलोवाट का कनेक्शन था और कभी भी निर्धारित सीमा से अधिक लोड नहीं गया, इसके बावजूद उनका स्वीकृत भार बढ़ाकर पांच किलोवाट कर दिया गया.

Read More: Ayodhya Ram Mandir CEO Vacancy 2026: राम मंदिर में CEO बनने का मौका, 18 जुलाई तक करें आवेदन, जानिए योग्यता, उम्र सीमा, वेतन और पूरी प्रक्रिया

फतेहपुर समेत कई जिलों में पहुंचे ऐसे मैसेज

फतेहपुर निवासी अमित शुक्ला ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पिता के मोबाइल पर भी ऐसा ही मैसेज आया, जिसमें बिजली कनेक्शन का भार अचानक दो गुना बढ़ाए जाने की सूचना दी गई. इसी कई और उपभोक्ताओं ने भार बढ़ने पर नाराजगी जताई. पूरे प्रदेश में लगातार बढ़ रहे बिजली कनेक्शन लोड से लोगों मे नाराजगी है.

क्या कहते हैं यूपीपीसीएल के नियम?

बिजली विभाग की नियमावली के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता की दर्ज अधिकतम मांग एक वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन बार स्वीकृत भार सीमा से अधिक हो जाती है, तो अगले वित्तीय वर्ष के बिलिंग चक्र से उसका स्वीकृत भार संशोधित किया जा सकता है. नियमों में यह भी उल्लेख है कि उपभोक्ता को इस संशोधन की सूचना दी जानी चाहिए और बढ़े हुए लोड का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए. साथ ही बढ़े हुए लोड के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा धनराशि जमा कराने का भी प्रावधान है.

06 Jul 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

UPPCL News: यूपी में बिजली विभाग का नया खेल! मैसेज आते ही दोगुना हो रहा बिजली कनेक्शन का लोड, प्रदेशभर में हड़कंप

UPPCL News: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रीपेड मीटर को लेकर पहले से नाराज उपभोक्ताओं के सामने अब बिजली कनेक्शन का स्वीकृत लोड बिना पूर्व सूचना बढ़ाए जाने का मामला सामने आया है. प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को मोबाइल पर ऐसे मैसेज मिले हैं, जिनमें उनके कनेक्शन का भार बढ़ाने की जानकारी दी गई है. इस कार्रवाई के बाद लोगों में नाराजगी है और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.

शुक्रवार रात आए मैसेज से मच गई खलबली

शुक्रवार रात करीब आठ बजे हजारों बिजली उपभोक्ताओं के मोबाइल पर यूपीपीसीएल की ओर से मैसेज पहुंचे. इन मैसेजों में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान स्वीकृत सीमा से अधिक बिजली की मांग दर्ज होने के कारण उनके कनेक्शन का स्वीकृत लोड बढ़ा दिया गया है. मैसेज मिलते ही उपभोक्ताओं ने एक-दूसरे को फोन कर जानकारी ली और सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई.

उपभोक्ताओं का आरोप, बिना सूचना बढ़ाया गया लोड

प्रदेश के अलग-अलग जिलों से उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि विभाग ने न तो पहले कोई नोटिस दिया और न ही उनकी सहमति ली. कई लोगों का कहना है कि उनके कनेक्शन का भार सीधे एक से दो किलोवाट या चार से पांच किलोवाट कर दिया गया. उनका कहना है कि यदि विभाग को लोड बढ़ाना था तो पहले कारण बताते हुए नोटिस जारी किया जाना चाहिए था.

एक महीने की अधिक डिमांड पर ही कार्रवाई का आरोप

उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले यदि किसी उपभोक्ता की बिजली की अधिकतम मांग लगातार कई बार स्वीकृत सीमा से अधिक जाती थी, तभी विभाग कार्रवाई करता था. लेकिन इस बार केवल एक या दो बिलिंग अवधि में अधिक डिमांड दर्ज होने के आधार पर ही कनेक्शन का लोड बढ़ा दिया गया. इससे लोगों में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं.

महिला उपभोक्ता ने उठाए सवाल

लखनऊ की एक उपभोक्ता शकुंतला ने बताया कि उनका पांच किलोवाट का बिजली कनेक्शन है. उनके अनुसार कई महीनों तक उनकी अधिकतम डिमांड पांच किलोवाट से कम रही. केवल हाल की एक बिलिंग अवधि में डिमांड 6.55 किलोवाट पहुंची, जिसके बाद विभाग ने बिना किसी सूचना के उनका लोड एक किलोवाट बढ़ा दिया. उनका सवाल है कि यदि नियम तीन बार अधिकतम मांग सीमा पार होने की बात कहते हैं, तो एक बार की अधिक डिमांड पर कार्रवाई क्यों की गई.

छोटे घरेलू उपभोक्ता भी आए प्रभावित

कानपुर के काकादेव निवासी रामलखन ने बताया कि उनके घर में केवल एक पंखा और दो बल्ब हैं, फिर भी उनका एक किलोवाट का कनेक्शन बढ़ाकर दो किलोवाट कर दिया गया. वहीं कल्याणपुर निवासी डॉ. भक्ति विजय शुक्ल का कहना है कि उनका चार किलोवाट का कनेक्शन था और कभी भी निर्धारित सीमा से अधिक लोड नहीं गया, इसके बावजूद उनका स्वीकृत भार बढ़ाकर पांच किलोवाट कर दिया गया.

फतेहपुर समेत कई जिलों में पहुंचे ऐसे मैसेज

फतेहपुर निवासी अमित शुक्ला ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पिता के मोबाइल पर भी ऐसा ही मैसेज आया, जिसमें बिजली कनेक्शन का भार अचानक दो गुना बढ़ाए जाने की सूचना दी गई. इसी कई और उपभोक्ताओं ने भार बढ़ने पर नाराजगी जताई. पूरे प्रदेश में लगातार बढ़ रहे बिजली कनेक्शन लोड से लोगों मे नाराजगी है.

क्या कहते हैं यूपीपीसीएल के नियम?

बिजली विभाग की नियमावली के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता की दर्ज अधिकतम मांग एक वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन बार स्वीकृत भार सीमा से अधिक हो जाती है, तो अगले वित्तीय वर्ष के बिलिंग चक्र से उसका स्वीकृत भार संशोधित किया जा सकता है. नियमों में यह भी उल्लेख है कि उपभोक्ता को इस संशोधन की सूचना दी जानी चाहिए और बढ़े हुए लोड का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए. साथ ही बढ़े हुए लोड के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा धनराशि जमा कराने का भी प्रावधान है.

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