UP DAP Khaad Home Delivery: अब उत्तर प्रदेश में घर बैठे मिलेगी खाद ! सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश सरकार अब किसानों को खाद की होम डिलीवरी सुविधा देने की तैयारी में है. सहकारिता विभाग गैस सिलेंडर जैसी व्यवस्था लागू करेगा, जिससे किसान घर बैठे खाद बुक कर सकेंगे. रबी सीजन से पहले सरकार वितरण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और सुविधाजनक बनाने में जुट गई है.
UP DAP Khaad Home Delivery: यूपी में किसानों के लिए खाद वितरण की व्यवस्था अब पूरी तरह बदलने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खरीफ सीजन में खाद की किल्लत और लंबी कतारों से सबक लेते हुए सहकारिता विभाग अब नई सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत किसानों को घर बैठे खाद की होम डिलीवरी मिलेगी. यह व्यवस्था घरेलू गैस सिलेंडर बुकिंग जैसी होगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी.
खाद वितरण में अब नहीं लगेंगी लंबी कतारें
बीते खरीफ सीजन में खाद की कमी और वितरण को लेकर प्रदेशभर में हंगामे और अव्यवस्था की स्थिति रही थी. समितियों के बाहर किसानों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली थीं, जिससे विवाद और मारपीट जैसी घटनाएं तक सामने आईं. इस बार सरकार ने रबी सीजन से पहले पूरी तैयारी कर ली है. सहकारिता विभाग ने निर्देश दिया है कि समितियों पर भीड़ कम करने के लिए दो पीओएस (POS) मशीनें लगाई जाएं ताकि वितरण प्रक्रिया तेजी से हो सके.
मंत्रा डिवाइस और दोहरी POS व्यवस्था से बढ़ेगी रफ्तार
वर्तमान में अधिकतर समितियों पर सिर्फ एक पीओएस मशीन है, जिससे खाद वितरण की प्रक्रिया धीमी रहती है. अब सहकारिता विभाग ने योजना बनाई है कि जिन समितियों में कंप्यूटराइज्ड सिस्टम मौजूद है, वहां मंत्रा डिवाइस को जोड़ा जाएगा. वहीं गैर-कंप्यूटराइज्ड समितियों पर दो पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी. इस व्यवस्था से खाद वितरण की गति कई गुना बढ़ेगी और किसानों को घंटों लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग किसानों के लिए अलग व्यवस्था
गैस सिलेंडर जैसी होगी खाद की होम डिलीवरी
उत्तर प्रदेश में अब गैस सिलेंडर की तरह खाद की भी बुकिंग और सप्लाई की व्यवस्था लागू की जा रही है. किसान ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे. इसके बाद समितियों की ओर से किसानों के घर तक खाद की डिलीवरी की जाएगी. इस प्रणाली से ग्रामीण किसानों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें अब बार-बार समितियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
शुल्क और तकनीकी व्यवस्था पर काम जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने बताया कि विभाग खाद वितरण को और सुविधाजनक बनाने के लिए तेजी से काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी प्रणाली के तहत किसानों को ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दी जाएगी और समिति स्तर पर डिलीवरी की व्यवस्था होगी. इसके लिए डिलीवरी शुल्क, भुगतान प्रणाली और तकनीकी ढांचे पर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है. राठौर ने भरोसा जताया कि यह प्रणाली लागू होने के बाद किसानों को अभूतपूर्व राहत मिलेगी.
UP DAP Khaad Home Delivery: अब उत्तर प्रदेश में घर बैठे मिलेगी खाद ! सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
UP DAP Khaad Home Delivery: यूपी में किसानों के लिए खाद वितरण की व्यवस्था अब पूरी तरह बदलने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खरीफ सीजन में खाद की किल्लत और लंबी कतारों से सबक लेते हुए सहकारिता विभाग अब नई सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत किसानों को घर बैठे खाद की होम डिलीवरी मिलेगी. यह व्यवस्था घरेलू गैस सिलेंडर बुकिंग जैसी होगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी.
खाद वितरण में अब नहीं लगेंगी लंबी कतारें
बीते खरीफ सीजन में खाद की कमी और वितरण को लेकर प्रदेशभर में हंगामे और अव्यवस्था की स्थिति रही थी. समितियों के बाहर किसानों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली थीं, जिससे विवाद और मारपीट जैसी घटनाएं तक सामने आईं. इस बार सरकार ने रबी सीजन से पहले पूरी तैयारी कर ली है. सहकारिता विभाग ने निर्देश दिया है कि समितियों पर भीड़ कम करने के लिए दो पीओएस (POS) मशीनें लगाई जाएं ताकि वितरण प्रक्रिया तेजी से हो सके.
मंत्रा डिवाइस और दोहरी POS व्यवस्था से बढ़ेगी रफ्तार
वर्तमान में अधिकतर समितियों पर सिर्फ एक पीओएस मशीन है, जिससे खाद वितरण की प्रक्रिया धीमी रहती है. अब सहकारिता विभाग ने योजना बनाई है कि जिन समितियों में कंप्यूटराइज्ड सिस्टम मौजूद है, वहां मंत्रा डिवाइस को जोड़ा जाएगा. वहीं गैर-कंप्यूटराइज्ड समितियों पर दो पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी. इस व्यवस्था से खाद वितरण की गति कई गुना बढ़ेगी और किसानों को घंटों लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग किसानों के लिए अलग व्यवस्था
सरकार ने इस बार किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की है. सहकारिता विभाग ने सभी समितियों को निर्देश दिया है कि बुजुर्ग, दिव्यांग और महिला किसानों के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई जाएं ताकि उन्हें परेशानी न हो. इसके साथ ही, कंप्यूटराइज्ड समितियों पर अब ऑनलाइन भुगतान के लिए क्यूआर कोड की सुविधा भी शुरू की जाएगी. इससे किसान सीधे अपने मोबाइल से भुगतान कर सकेंगे.
गैस सिलेंडर जैसी होगी खाद की होम डिलीवरी
उत्तर प्रदेश में अब गैस सिलेंडर की तरह खाद की भी बुकिंग और सप्लाई की व्यवस्था लागू की जा रही है. किसान ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे. इसके बाद समितियों की ओर से किसानों के घर तक खाद की डिलीवरी की जाएगी. इस प्रणाली से ग्रामीण किसानों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें अब बार-बार समितियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
शुल्क और तकनीकी व्यवस्था पर काम जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने बताया कि विभाग खाद वितरण को और सुविधाजनक बनाने के लिए तेजी से काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी प्रणाली के तहत किसानों को ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दी जाएगी और समिति स्तर पर डिलीवरी की व्यवस्था होगी. इसके लिए डिलीवरी शुल्क, भुगतान प्रणाली और तकनीकी ढांचे पर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है. राठौर ने भरोसा जताया कि यह प्रणाली लागू होने के बाद किसानों को अभूतपूर्व राहत मिलेगी.