UP Cabinet Expansion 2026: योगी मंत्रिमंडल का आज बड़ा विस्तार, फतेहपुर की कृष्णा पासवान समेत कई नए चेहरों की चर्चा
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार आज रविवार को होने जा रहा है. जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए छह नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है. फतेहपुर की खागा विधायक कृष्णा पासवान का नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में प्रमुखता से चर्चा में है.
Yogi Cabinet Expansion 2026: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार रविवार को दोपहर 3 बजे राजभवन में प्रस्तावित है. माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा सरकार इस विस्तार के जरिए दलित, पिछड़ा, सवर्ण और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है. फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से विधायक कृष्णा पासवान का नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल होने से जिले में राजनीतिक उत्साह बढ़ गया है.
छह रिक्त पदों पर नए मंत्रियों की ताजपोशी संभव
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं. वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कुल 54 मंत्री हैं. ऐसे में छह पद रिक्त हैं, जिन्हें इस विस्तार में भरा जा सकता है.
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा इस विस्तार के जरिए सामाजिक प्रतिनिधित्व को और मजबूत करना चाहती है. दलित, पिछड़ा वर्ग, जाट, ब्राह्मण और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मौका दिए जाने की संभावना है. कुछ मौजूदा राज्यमंत्रियों को पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है, जबकि कुछ नेताओं को संगठन में भेजे जाने की भी चर्चा है.
फतेहपुर की कृष्णा पासवान का नाम चर्चा में, जिले में उत्साह
खागा क्षेत्र में उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा दलित वर्ग को साधने के लिए कृष्णा पासवान जैसे प्रतिनिधित्वकारी चेहरे को आगे बढ़ा सकती है. यदि ऐसा होता है तो जिले को लंबे समय बाद मंत्रिमंडल में प्रभावशाली प्रतिनिधित्व मिल सकता है.
मनोज पांडेय और पूजा पाल को मिल सकता है मंत्री पद
राज्यसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा उम्मीदवार का समर्थन करने वाले रायबरेली के विधायक मनोज पांडेय और कौशाम्बी की विधायक पूजा पाल को भी मंत्री बनाया जा सकता है.
मनोज पांडेय इससे पहले सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं. वहीं पूजा पाल को शामिल करने से भाजपा को महिला और पिछड़ा-दलित समीकरण साधने में मदद मिल सकती है.
इन नेताओं के नाम भी संभावित सूची में शामिल
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जिन अन्य नेताओं के नाम चर्चा में हैं उनमें भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेंद्र दिलेर, मथुरा के विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा तथा भाजपा प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल शामिल हैं.
इन नामों से स्पष्ट है कि भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्य यूपी के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रही है. जातीय प्रतिनिधित्व के साथ-साथ संगठन और सरकार के बीच समन्वय को भी प्राथमिकता दी जा रही है.
कुछ राज्यमंत्रियों को मिल सकती है पदोन्नति
सूत्रों के मुताबिक कई राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है. इनमें सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के नाम प्रमुख हैं.
मुख्यमंत्री योगी ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद तय किया कार्यक्रम
शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन में मुलाकात की. इसी बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार का कार्यक्रम अंतिम रूप से तय हुआ. रविवार को दोपहर 3 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा.
राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि पिछले कई महीनों से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें चल रही थीं. अब कार्यक्रम तय होने के साथ ही सभी संभावित नामों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
अखिलेश यादव का तंज, महिलाओं को आरक्षण देने की मांग
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भाजपा सरकार पर तंज कसा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि "दिल्ली से पर्ची आ गई क्या?" और इसे मुख्यमंत्री की शक्ति का "कटाव-छटाव" बताया.
अखिलेश यादव ने यह भी मांग की कि मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाए. साथ ही उन्होंने उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक पर भी व्यंग्य करते हुए राजनीतिक टिप्पणी की.
2024 में हुआ था पहला विस्तार
योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिमंडल विस्तार 5 मार्च 2024 को हुआ था. उस समय ओम प्रकाश राजभर, दारा सिंह चौहान, अनिल कुमार और सुनील कुमार शर्मा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था.
लोकसभा चुनाव के बाद जितिन प्रसाद के केंद्र सरकार में शामिल होने से कैबिनेट मंत्रियों की संख्या घटकर 21 रह गई. अब दूसरे विस्तार के जरिए सरकार राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को फिर से मजबूत करने की तैयारी में है.
UP Cabinet Expansion 2026: योगी मंत्रिमंडल का आज बड़ा विस्तार, फतेहपुर की कृष्णा पासवान समेत कई नए चेहरों की चर्चा
Yogi Cabinet Expansion 2026: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार रविवार को दोपहर 3 बजे राजभवन में प्रस्तावित है. माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा सरकार इस विस्तार के जरिए दलित, पिछड़ा, सवर्ण और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की रणनीति पर काम कर रही है. फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से विधायक कृष्णा पासवान का नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल होने से जिले में राजनीतिक उत्साह बढ़ गया है.
छह रिक्त पदों पर नए मंत्रियों की ताजपोशी संभव
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं. वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कुल 54 मंत्री हैं. ऐसे में छह पद रिक्त हैं, जिन्हें इस विस्तार में भरा जा सकता है.
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा इस विस्तार के जरिए सामाजिक प्रतिनिधित्व को और मजबूत करना चाहती है. दलित, पिछड़ा वर्ग, जाट, ब्राह्मण और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मौका दिए जाने की संभावना है. कुछ मौजूदा राज्यमंत्रियों को पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है, जबकि कुछ नेताओं को संगठन में भेजे जाने की भी चर्चा है.
फतेहपुर की कृष्णा पासवान का नाम चर्चा में, जिले में उत्साह
फतेहपुर की खागा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कृष्णा पासवान का नाम संभावित मंत्रियों में प्रमुखता से लिया जा रहा है. अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाली कृष्णा पासवान को यदि मंत्रिमंडल में स्थान मिलता है तो यह जनपद के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि होगी.
खागा क्षेत्र में उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा दलित वर्ग को साधने के लिए कृष्णा पासवान जैसे प्रतिनिधित्वकारी चेहरे को आगे बढ़ा सकती है. यदि ऐसा होता है तो जिले को लंबे समय बाद मंत्रिमंडल में प्रभावशाली प्रतिनिधित्व मिल सकता है.
मनोज पांडेय और पूजा पाल को मिल सकता है मंत्री पद
राज्यसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा उम्मीदवार का समर्थन करने वाले रायबरेली के विधायक मनोज पांडेय और कौशाम्बी की विधायक पूजा पाल को भी मंत्री बनाया जा सकता है.
मनोज पांडेय इससे पहले सपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव रखते हैं. वहीं पूजा पाल को शामिल करने से भाजपा को महिला और पिछड़ा-दलित समीकरण साधने में मदद मिल सकती है.
इन नेताओं के नाम भी संभावित सूची में शामिल
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जिन अन्य नेताओं के नाम चर्चा में हैं उनमें भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेंद्र दिलेर, मथुरा के विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा तथा भाजपा प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल शामिल हैं.
इन नामों से स्पष्ट है कि भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्य यूपी के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रही है. जातीय प्रतिनिधित्व के साथ-साथ संगठन और सरकार के बीच समन्वय को भी प्राथमिकता दी जा रही है.
कुछ राज्यमंत्रियों को मिल सकती है पदोन्नति
सूत्रों के मुताबिक कई राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है. इनमें सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के नाम प्रमुख हैं.
मुख्यमंत्री योगी ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद तय किया कार्यक्रम
शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन में मुलाकात की. इसी बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार का कार्यक्रम अंतिम रूप से तय हुआ. रविवार को दोपहर 3 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा.
राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि पिछले कई महीनों से मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें चल रही थीं. अब कार्यक्रम तय होने के साथ ही सभी संभावित नामों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
अखिलेश यादव का तंज, महिलाओं को आरक्षण देने की मांग
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भाजपा सरकार पर तंज कसा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि "दिल्ली से पर्ची आ गई क्या?" और इसे मुख्यमंत्री की शक्ति का "कटाव-छटाव" बताया.
अखिलेश यादव ने यह भी मांग की कि मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाए. साथ ही उन्होंने उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक पर भी व्यंग्य करते हुए राजनीतिक टिप्पणी की.
2024 में हुआ था पहला विस्तार
योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिमंडल विस्तार 5 मार्च 2024 को हुआ था. उस समय ओम प्रकाश राजभर, दारा सिंह चौहान, अनिल कुमार और सुनील कुमार शर्मा को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था.
लोकसभा चुनाव के बाद जितिन प्रसाद के केंद्र सरकार में शामिल होने से कैबिनेट मंत्रियों की संख्या घटकर 21 रह गई. अब दूसरे विस्तार के जरिए सरकार राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को फिर से मजबूत करने की तैयारी में है.