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Cough Syrup Ban: यूपी में इस कफ़ सिरप पर लगा बैन ! सभी कंपनियों की होगी जांच, जानिए क्या है आदेश

Cough Syrup Ban: यूपी में इस कफ़ सिरप पर लगा बैन ! सभी कंपनियों की होगी जांच, जानिए क्या है आदेश
यूपी में बैन हुई कोल्ड्रिफ सिरप सभी कंपनियों की होगी जांच (फाइल फोटो): Image Credit Original Source

मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप से अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि पूरे देश में मौतों का आंकड़ा 14 तक पहुंच गया है. इसको गंभीर मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने संदिग्ध सिरप की बिक्री पर रोक लगाई और सभी ब्रांड के सिरप की जांच कराने का आदेश जारी किया है.

Cough Syrup Ban: दूषित कफ सिरप से मासूमों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा. मध्य प्रदेश और राजस्थान में 11 बच्चों की मौत और देशभर में 14 मौतों के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार भी अलर्ट मोड में आ गई है. सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध कोल्ड्रिफ सिरप (Coldrif Syrup) की बिक्री तत्काल रोकने और पूरे प्रदेश में सभी ब्रांड के सिरप की जांच कराने के आदेश दिए हैं.

मध्य प्रदेश और राजस्थान में 11 मौतें, देशभर में 14

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कफ सिरप ने अब तक 14 मासूमों की जान ले ली है. इनमें से 11 मौतें सिर्फ मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई हैं, जबकि केरल और अन्य राज्यों से भी घटनाएं सामने आई हैं. लैब रिपोर्ट में पाया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) नामक जहरीला रसायन मौजूद है. यह केमिकल बच्चों की किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाता है और सेवन करने पर मौत तक का कारण बन सकता है.

तमिलनाडु की कंपनी पर गिरी जिम्मेदारी

जांच में साफ हुआ है कि यह सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्री सन फार्मास्युटिकल कंपनी (Sresan Pharmaceutical Company) द्वारा तैयार किया गया था. रिपोर्ट में जहरीले रसायन की पुष्टि के बाद इस कंपनी की दवाओं पर कई राज्यों ने रोक लगा दी है. मध्य प्रदेश, राजस्थान और केरल में इसी कंपनी के सिरप से बच्चों की किडनी फेल होने और मौत के केस दर्ज किए गए हैं.

यूपी सरकार ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ स्थित औषधि प्रशासन मुख्यालय ने सभी जिलों को आदेश भेजे हैं. इसमें कहा गया है कि सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों, मेडिकल स्टोरों और दवा गोदामों से सभी ब्रांड के कफ सिरप के नमूने एकत्र कर जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला में भेजे जाएं. आदेश में यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि कहीं कोल्ड्रिफ सिरप या श्री सन फार्मास्युटिकल कंपनी का कोई अन्य उत्पाद मिलता है तो उसे अभिरक्षा में लेकर बिक्री तत्काल रोक दी जाए.

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प्रोपाइलिन ग्लाइकॉल की भी होगी जांच

सरकार ने केवल सिरप ही नहीं, बल्कि उसके निर्माण में प्रयुक्त होने वाले प्रोपाइलिन ग्लाइकॉल के नमूनों की भी जांच कराने के आदेश दिए हैं. माना जा रहा है कि निर्माण प्रक्रिया में दूषित केमिकल के प्रयोग से ही मासूमों की मौतें हो रही हैं. यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि आगे किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो.

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का अलर्ट

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क करते हुए कहा है कि दो साल से छोटे बच्चों को किसी भी प्रकार का कफ सिरप न दिया जाए, जबकि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को दवा केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दी जाए. विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सामान्य खांसी घरेलू उपायों और तरल पदार्थों से ठीक हो सकती है, इसलिए दवा का इस्तेमाल तभी करें जब चिकित्सक सलाह दें.

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यूपी सरकार ने की जनता से अपील

तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान और केरल सरकार पहले ही कोल्ड्रिफ सिरप पर प्रतिबंध लगा चुकी हैं. अब उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड में भी जांच अभियान शुरू हो गया है. यूपी सरकार ने जनता से अपील की है कि किसी भी कफ सिरप का उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना न करें और बच्चों में कोई भी असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें.

06 Oct 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

Cough Syrup Ban: यूपी में इस कफ़ सिरप पर लगा बैन ! सभी कंपनियों की होगी जांच, जानिए क्या है आदेश

Cough Syrup Ban: दूषित कफ सिरप से मासूमों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा. मध्य प्रदेश और राजस्थान में 11 बच्चों की मौत और देशभर में 14 मौतों के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार भी अलर्ट मोड में आ गई है. सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध कोल्ड्रिफ सिरप (Coldrif Syrup) की बिक्री तत्काल रोकने और पूरे प्रदेश में सभी ब्रांड के सिरप की जांच कराने के आदेश दिए हैं.

मध्य प्रदेश और राजस्थान में 11 मौतें, देशभर में 14

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कफ सिरप ने अब तक 14 मासूमों की जान ले ली है. इनमें से 11 मौतें सिर्फ मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई हैं, जबकि केरल और अन्य राज्यों से भी घटनाएं सामने आई हैं. लैब रिपोर्ट में पाया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) नामक जहरीला रसायन मौजूद है. यह केमिकल बच्चों की किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाता है और सेवन करने पर मौत तक का कारण बन सकता है.

तमिलनाडु की कंपनी पर गिरी जिम्मेदारी

जांच में साफ हुआ है कि यह सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्री सन फार्मास्युटिकल कंपनी (Sresan Pharmaceutical Company) द्वारा तैयार किया गया था. रिपोर्ट में जहरीले रसायन की पुष्टि के बाद इस कंपनी की दवाओं पर कई राज्यों ने रोक लगा दी है. मध्य प्रदेश, राजस्थान और केरल में इसी कंपनी के सिरप से बच्चों की किडनी फेल होने और मौत के केस दर्ज किए गए हैं.

यूपी सरकार ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ स्थित औषधि प्रशासन मुख्यालय ने सभी जिलों को आदेश भेजे हैं. इसमें कहा गया है कि सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों, मेडिकल स्टोरों और दवा गोदामों से सभी ब्रांड के कफ सिरप के नमूने एकत्र कर जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला में भेजे जाएं. आदेश में यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि कहीं कोल्ड्रिफ सिरप या श्री सन फार्मास्युटिकल कंपनी का कोई अन्य उत्पाद मिलता है तो उसे अभिरक्षा में लेकर बिक्री तत्काल रोक दी जाए.

प्रोपाइलिन ग्लाइकॉल की भी होगी जांच

सरकार ने केवल सिरप ही नहीं, बल्कि उसके निर्माण में प्रयुक्त होने वाले प्रोपाइलिन ग्लाइकॉल के नमूनों की भी जांच कराने के आदेश दिए हैं. माना जा रहा है कि निर्माण प्रक्रिया में दूषित केमिकल के प्रयोग से ही मासूमों की मौतें हो रही हैं. यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि आगे किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का अलर्ट

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क करते हुए कहा है कि दो साल से छोटे बच्चों को किसी भी प्रकार का कफ सिरप न दिया जाए, जबकि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को दवा केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दी जाए. विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सामान्य खांसी घरेलू उपायों और तरल पदार्थों से ठीक हो सकती है, इसलिए दवा का इस्तेमाल तभी करें जब चिकित्सक सलाह दें.

यूपी सरकार ने की जनता से अपील

तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान और केरल सरकार पहले ही कोल्ड्रिफ सिरप पर प्रतिबंध लगा चुकी हैं. अब उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड में भी जांच अभियान शुरू हो गया है. यूपी सरकार ने जनता से अपील की है कि किसी भी कफ सिरप का उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना न करें और बच्चों में कोई भी असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें.

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