
Fatehpur News: मैं गौरव के साथ जाऊंगी ! शादीशुदा महिला ने थाने में खाया जहर, पुलिस जांच में जुटी
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) में एक शादीशुदा महिला अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद में थाने पहुंच गई और वहीं पर उसने जहर खा लिया. मामला बकेवर थाने (Bakewar Thana) का है. इलाज के दौरान महिला के दम तोड़ते ही हड़कंप मच गया है वहीं पुलिस जांच में जुटी है.
Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि बकेवर थाने में अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ी एक शादीशुदा महिला ने थाने के अंदर जहर खाकर जान दे दी.

चार साल पहले हुई थी शादी, फिर बढ़ने लगा विवाद
जानकारी के अनुसार, बकेवर थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी अनिल नामदेव की बेटी रीता देवी (27) की शादी चार साल पहले हमीरपुर जिले के लालपुरा गांव निवासी मनीष नामदेव से हुई थी. शादी के बाद दोनों का एक बेटा हुआ, जो अभी तीन साल का है. लेकिन शादीशुदा जीवन में धीरे-धीरे तनाव बढ़ता गया, और दो महीने पहले रीता अपने मायके लौट आई.

26 मार्च को रीता अपने बेटे को घर पर छोड़कर यह कहकर निकली कि वह बाजार जा रही है. लेकिन जब वह देर रात तक नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की. कई रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. जब कोई सुराग नहीं मिला, तो अगले दिन भाई गोविंद ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.
प्रेमी संग जाने की थी जिद, पुलिस ने थाने बुलाया


इस बीच, पुलिस ने गौरव की तलाशी ली, तो उसकी पैंट की जेब से सल्फास की गोलियां बरामद हुईं. यह देख सभी हैरान रह गए. पुलिस जब तक इस पर कोई कार्रवाई कर पाती, इससे पहले ही रीता अचानक उठी और अपने पर्स से जहर की गोली निकालकर निगल ली.
यह देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे. कुछ ही मिनटों में रीता की हालत बिगड़ने लगी, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया.
अस्पताल में चली जिंदगी और मौत की जंग
परिजनों ने आनन-फानन में रीता को बिंदकी सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया. लेकिन जहर काफी तेज़ असर कर चुका था, और रीता की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी. डॉक्टरों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए तुरंत उसे कानपुर रेफर कर दिया.
कानपुर पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने रीता को बचाने की पूरी कोशिश की। करीब 24 घंटे तक अस्पताल में उसकी जिंदगी और मौत के बीच जंग चली। डॉक्टरों ने बताया कि सल्फास का ज़हर शरीर के अंदर जाते ही तेजी से असर करता है और इलाज में देर होने की वजह से उसकी हालत और गंभीर हो गई थी. तमाम प्रयासों के बावजूद रविवार शाम करीब 6 बजे रीता ने दम तोड़ दिया.
रीता की मौत की खबर जैसे ही उसके मायके और ससुराल वालों तक पहुंची, तो परिवार में कोहराम मच गया. घरवाले यह मानने को तैयार नहीं थे कि रीता ने खुद ही जहर खाया था.
वहीं, गौरव पाल को लेकर भी कई सवाल उठने लगे कि आखिर उसकी जेब में सल्फास की गोली क्या कर रही थी? क्या यह पहले से सोची-समझी योजना थी? या फिर रीता ने गुस्से में यह कदम उठाया?
पुलिस की सफाई और सीओ ने दिए जांच के आदेश
थाना प्रभारी महेश सिंह ने बताया कि महिला ने थाने में जहर नहीं खाया, बल्कि वह पहले से ही जहर खाकर आई थी. हालांकि, इस बयान पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि अगर रीता पहले से ही जहर खाकर आई थी, तो उसकी तबीयत पहले ही क्यों नहीं बिगड़ी?
उधर, सीओ बिंदकी वीर सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि थाने के अंदर जहर खाने की बात सामने आई है जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कानूनी कार्रवाई होगी.
