
Fatehpur News: भ्रष्टाचार में डूबा है फतेहपुर का राजस्व विभाग, तहसील में अधिकारियों के पास बैठे हैं रिश्वतखोर एजेंट
फतेहपुर में राजस्व विभाग पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. सीनियर एडवोकेट ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्राइवेट एजेंटों के जरिए हो रही वसूली और दाखिल खारिज में रिश्वतखोरी का मुद्दा उठाया है. वकीलों ने सामूहिक हस्ताक्षर कर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर की सदर तहसील से एक बार फिर सिस्टम को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है. आरोप है कि राजस्व विभाग पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूब चुका है और अधिकारियों की टेबल के पास ही रिश्वतखोर एजेंट बैठाकर वसूली कराई जा रही है. इस पूरे मामले को लेकर सीनियर एडवोकेट रवींद्र परमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है.
वकीलों का फूटा गुस्सा, मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत
अब राजस्व विभाग के खिलाफ वकील खुलकर सामने आ गए हैं. सीनियर एडवोकेट रवींद्र परमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए पत्र में सदर तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार का विस्तृत विवरण दिया है. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कई बार जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. उच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 2017, 2018 और 2020 में दिए गए निर्देशों का भी पालन नहीं किया गया. लगातार अनदेखी से नाराज अधिवक्ताओं ने बड़ी संख्या में हस्ताक्षर कर इस शिकायत को सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया.
सदर तहसील बना वसूली का केन्द्र, एजेंट तय करते हैं ‘रेट’

डीएम से कई बार शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
दाखिल खारिज में खेल, लेखपाल और तहसीलदार पर आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दाखिल खारिज जैसे जरूरी कामों में भी बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है. लेखपाल और तहसीलदार की मिलीभगत से लाखों रुपये की वसूली की जा रही है. आम आदमी, खासकर गरीब वर्ग, इस सिस्टम में सबसे ज्यादा परेशान है. जिनके पास रिश्वत देने के पैसे नहीं होते, उनके काम महीनों तक लटके रहते हैं. इससे लोगों का भरोसा सरकारी तंत्र और न्याय व्यवस्था दोनों से उठता जा रहा है.
सरकार की छवि पर सवाल, सख्त कार्रवाई की मांग
रवींद्र परमार कहते हैं कि इस पूरे मामले ने सरकार की छवि को भी प्रभावित किया है. शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की भ्रष्ट व्यवस्था से सरकार की साख खराब हो रही है. वकीलों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. साथ ही तहसील परिसर में प्राइवेट एजेंटों की भूमिका पूरी तरह खत्म करने की मांग भी उठाई गई है.
