
Uttar Pradesh: फतेहपुर मेडिकल कॉलेज में करोड़ों खर्च, फिर भी MRI और CT Scan नहीं ! असुविधाओं से जूझ रहे मरीज
फतेहपुर मेडिकल कॉलेज में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गंभीर मरीजों के लिए MRI और CT Scan जैसी जरूरी जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. हादसों में घायल मरीजों को भी जांच के लिए जिला अस्पताल भेजना पड़ रहा है. वहां पहले से लंबी कतार के कारण मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ रही हैं.
Fatehpur News: फतेहपुर के अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह मेडिकल कॉलेज में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले गंभीर मरीजों को जरूरी जांच के लिए आज भी दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है. MRI और CT Scan की सुविधा नहीं होने से सड़क हादसों में घायल मरीजों की परेशानी बढ़ गई है. वहीं जिला अस्पताल पर भी जांच का अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है.
करोड़ों खर्च के बाद भी जरूरी जांच सुविधाओं का इंतजार
मेडिकल कॉलेज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े केंद्र के तौर पर विकसित किया गया है, लेकिन यहां गंभीर मरीजों के लिए जरूरी कई जांच सुविधाओं का अभाव अब भी सवाल खड़े कर रहा है. MRI और CT Scan जैसी महत्वपूर्ण जांच उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को इलाज के दौरान ही दूसरे अस्पताल भेजने की जरूरत पड़ रही है.

मेडिकल कॉलेज से जिला अस्पताल भेजे जा रहे मरीज
जिला अस्पताल में पहले से ही बड़ी संख्या में मरीज जांच कराने पहुंचते हैं. मेडिकल कॉलेज से आने वाले मरीजों के कारण CT Scan के लिए इंतजार और बढ़ जाता है. गंभीर मरीजों के लिए यह स्थिति खास तौर पर चिंता का विषय बन जाती है.
CT Scan के लिए लंबी कतार, निजी सेंटरों में हजारों का खर्च
मेडिकल कॉलेज में जांच सुविधा नहीं होने का सीधा असर जिला अस्पताल में दिखाई दे रहा है. CT Scan के लिए मरीजों को लंबी कतार का सामना करना पड़ रहा है. जिन मरीजों की हालत ऐसी होती है कि वे ज्यादा देर तक इंतजार नहीं कर सकते, उनके परिजन निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का रुख करते हैं.
निजी सेंटरों में CT Scan के लिए करीब 3 से 5 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं. गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च काफी भारी साबित हो रहा है. इलाज, दवाइयों और आने-जाने के खर्च के बीच जांच की यह रकम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है.
MRI की सुविधा नहीं होने से भी मरीज परेशान
मेडिकल कॉलेज में MRI की सुविधा का अभाव भी मरीजों के लिए बड़ी परेशानी है. कई गंभीर बीमारियों और शरीर के अंदरूनी हिस्सों की जांच के लिए MRI की जरूरत पड़ती है. ऐसी स्थिति में मरीजों को दूसरे अस्पताल या निजी जांच केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है और कानपुर जाना पड़ता है.
निजी सेंटर में जांच कराने पर मरीज को अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ती है. वहीं दूसरे सरकारी अस्पताल में जाने पर समय और यात्रा का खर्च बढ़ जाता है.
गंभीर मरीजों के लिए समय पर जांच सबसे जरूरी
सड़क हादसों में घायल मरीजों के मामले में जांच में देरी गंभीर साबित हो सकती है. सिर, छाती, पेट या शरीर के किसी अन्य हिस्से में अंदरूनी चोट होने पर समय पर उसकी जानकारी मिलना जरूरी होता है. CT Scan जैसी जांच से डॉक्टरों को मरीज की स्थिति समझने और आगे के इलाज का फैसला लेने में मदद मिलती है.
ऐसे में मेडिकल कॉलेज में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों को तत्काल जांच और इलाज मिल सकता है. फिलहाल दूसरे अस्पताल जाने की मजबूरी मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ा रही है.
जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार तक उठा चुके हैं मामला
मेडिकल कॉलेज में MRI और CT Scan जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा पहले भी जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाया जा चुका है. इस संबंध में मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार को पत्र भेजकर मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने और तत्काल जरूरी मशीनें लगाए जाने की मांग की गई थी.
मुद्दा उठाए जाने के बावजूद मरीजों को अभी भी इन महत्वपूर्ण जांच सुविधाओं के लिए दूसरे अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल लगातार उठ रहा है कि मेडिकल कॉलेज में जरूरी मशीनें कब तक उपलब्ध होंगी.
Uttar Pradesh: फतेहपुर मेडिकल कॉलेज में करोड़ों खर्च, फिर भी MRI और CT Scan नहीं ! असुविधाओं से जूझ रहे मरीज
Fatehpur News: फतेहपुर के अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह मेडिकल कॉलेज में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले गंभीर मरीजों को जरूरी जांच के लिए आज भी दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है. MRI और CT Scan की सुविधा नहीं होने से सड़क हादसों में घायल मरीजों की परेशानी बढ़ गई है. वहीं जिला अस्पताल पर भी जांच का अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है.
करोड़ों खर्च के बाद भी जरूरी जांच सुविधाओं का इंतजार
मेडिकल कॉलेज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े केंद्र के तौर पर विकसित किया गया है, लेकिन यहां गंभीर मरीजों के लिए जरूरी कई जांच सुविधाओं का अभाव अब भी सवाल खड़े कर रहा है. MRI और CT Scan जैसी महत्वपूर्ण जांच उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को इलाज के दौरान ही दूसरे अस्पताल भेजने की जरूरत पड़ रही है.
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी और इमरजेंसी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं. इनमें सड़क हादसों में घायल होने वाले मरीज भी शामिल हैं. कई मामलों में मरीज को बाहर से देखने पर चोट मामूली लग सकती है, लेकिन शरीर के अंदर गंभीर चोट होने की आशंका रहती है. ऐसे में CT Scan जैसी जांच समय पर होना बेहद जरूरी हो जाता है.
मेडिकल कॉलेज से जिला अस्पताल भेजे जा रहे मरीज
CT Scan की सुविधा मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जाता है. इससे मरीज के इलाज में अतिरिक्त समय लगने के साथ जिला अस्पताल की व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है.
जिला अस्पताल में पहले से ही बड़ी संख्या में मरीज जांच कराने पहुंचते हैं. मेडिकल कॉलेज से आने वाले मरीजों के कारण CT Scan के लिए इंतजार और बढ़ जाता है. गंभीर मरीजों के लिए यह स्थिति खास तौर पर चिंता का विषय बन जाती है.
CT Scan के लिए लंबी कतार, निजी सेंटरों में हजारों का खर्च
मेडिकल कॉलेज में जांच सुविधा नहीं होने का सीधा असर जिला अस्पताल में दिखाई दे रहा है. CT Scan के लिए मरीजों को लंबी कतार का सामना करना पड़ रहा है. जिन मरीजों की हालत ऐसी होती है कि वे ज्यादा देर तक इंतजार नहीं कर सकते, उनके परिजन निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का रुख करते हैं.
निजी सेंटरों में CT Scan के लिए करीब 3 से 5 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं. गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च काफी भारी साबित हो रहा है. इलाज, दवाइयों और आने-जाने के खर्च के बीच जांच की यह रकम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है.
MRI की सुविधा नहीं होने से भी मरीज परेशान
मेडिकल कॉलेज में MRI की सुविधा का अभाव भी मरीजों के लिए बड़ी परेशानी है. कई गंभीर बीमारियों और शरीर के अंदरूनी हिस्सों की जांच के लिए MRI की जरूरत पड़ती है. ऐसी स्थिति में मरीजों को दूसरे अस्पताल या निजी जांच केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है और कानपुर जाना पड़ता है.
निजी सेंटर में जांच कराने पर मरीज को अतिरिक्त रकम खर्च करनी पड़ती है. वहीं दूसरे सरकारी अस्पताल में जाने पर समय और यात्रा का खर्च बढ़ जाता है.
गंभीर मरीजों के लिए समय पर जांच सबसे जरूरी
सड़क हादसों में घायल मरीजों के मामले में जांच में देरी गंभीर साबित हो सकती है. सिर, छाती, पेट या शरीर के किसी अन्य हिस्से में अंदरूनी चोट होने पर समय पर उसकी जानकारी मिलना जरूरी होता है. CT Scan जैसी जांच से डॉक्टरों को मरीज की स्थिति समझने और आगे के इलाज का फैसला लेने में मदद मिलती है.
ऐसे में मेडिकल कॉलेज में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों को तत्काल जांच और इलाज मिल सकता है. फिलहाल दूसरे अस्पताल जाने की मजबूरी मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ा रही है.
जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार तक उठा चुके हैं मामला
मेडिकल कॉलेज में MRI और CT Scan जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा पहले भी जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाया जा चुका है. इस संबंध में मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार को पत्र भेजकर मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने और तत्काल जरूरी मशीनें लगाए जाने की मांग की गई थी.
मुद्दा उठाए जाने के बावजूद मरीजों को अभी भी इन महत्वपूर्ण जांच सुविधाओं के लिए दूसरे अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल लगातार उठ रहा है कि मेडिकल कॉलेज में जरूरी मशीनें कब तक उपलब्ध होंगी.