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UP News: यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी ! होली के बाद शुरू होगी गेहूं खरीद, इतना होगा लाभ, 48 घंटे में पैसा

UP News: यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी ! होली के बाद शुरू होगी गेहूं खरीद, इतना होगा लाभ, 48 घंटे में पैसा
यूपी में होली के बाद शुरू होगी गेहूं खरीद, कैबिनेट की मंजूरी (प्रतीकात्मक फोटो): Image Credit Original Source

UP Kisan News

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में गेहूं (wheat) की सरकारी खरीद 17 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी. किसानों को 2425 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिलेगा. इसके लिए 6500 क्रय केंद्र खोले जाएंगे और भुगतान 48 घंटे के भीतर होगा.

UP Genhu Kharid News: यूपी में रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं खरीद नीति को मंजूरी मिल गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सोमवार को इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई. इस बार गेहूं की खरीद 17 मार्च से 15 जून तक चलेगी, जिसमें 2425 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदारी होगी. 

गेहूं खरीद के लिए 6500 केंद्र स्थापित होंगे

गेंहू की खरीद के लिए प्रदेशभर में किसानों की सुविधा के लिए 6500 क्रय केंद्र खोले जाएंगे. इसके तहत बटाईदार किसान और पंजीकृत ट्रस्ट भी अपना गेहूं बेच सकेंगे. किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए इस बार भी ई-प्वाइंट ऑफ परचेज (ई-पॉप) मशीन के जरिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना होगा.

क्रय केंद्रों पर किसानों से केवल ई-पॉप मशीन के माध्यम से खरीद होगी, अन्य किसी भी तरह की खरीद मान्य नहीं होगी. इतना ही नहीं, मोबाइल क्रय केंद्रों पर होने वाली खरीद में अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude) डेटा भी रिकॉर्ड किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे. 

बटाईदार और ट्रस्ट भी कर सकेंगे बिक्री

पहली बार पंजीकृत ट्रस्टों को भी गेहूं बेचने की अनुमति दी गई है. बटाईदार किसानों को बिक्री की सुविधा देने के लिए उन्हें मूल भूस्वामी के साथ लिखित सहमति देनी होगी. पंजीकरण के लिए भूलेख संबंधी दस्तावेज और आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

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ट्रस्ट की श्रेणी में आने वाले किसानों के लिए सत्यापित खतौनी, संचालक का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर अनिवार्य किया गया है. सत्यापन के बाद ही ट्रस्ट द्वारा गेहूं बेचा जा सकेगा और भुगतान सीधे ट्रस्ट के बैंक खाते में किया जाएगा. 

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48 घंटे के भीतर होगा गेहूं का भुगतान 

किसानों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने भारत सरकार की सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के जरिए भुगतान की व्यवस्था की है। किसानों द्वारा बेचे गए गेहूं की रकम 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी.

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MSP में 150 रुपये की बढ़ोतरी

इस बार गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 150 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. पिछले साल यह 2275 रुपये प्रति क्विंटल था, जिसे बढ़ाकर 2425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. इससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा. 

इन 8 एजेंसियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

सरकार ने गेहूं की खरीद के लिए 8 प्रमुख एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिनके तहत विभिन्न जिलों में क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे:

  • खाद्य एवं रसद विभाग विपणन शाखा – 1250 केंद्र
  • उत्तर प्रदेश सहकारी संघ (UPSS) – 3300 केंद्र
  • उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव यूनियन – 700 केंद्र
  • भारतीय खाद्य निगम (FCI) – 400 केंद्र
  • उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ (PCF) – 350 केंद्र
  • नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (NAFED) – 300 केंद्र
  • भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ – 100 केंद्र
  • उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी परिषद – 100 केंद्र
कैसे होगा गेहूं खरीद का पंजीकरण?

राज्य सरकार ने किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को भी आसान बनाया है. किसान जन सुविधा केंद्र या साइबर कैफे के माध्यम से खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट fcs.up.gov.in पर पंजीकरण करा सकते हैं. इसके अलावा, "यूपी किसान मित्र"ऐप के जरिए भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है.

10 Mar 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

UP News: यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी ! होली के बाद शुरू होगी गेहूं खरीद, इतना होगा लाभ, 48 घंटे में पैसा

UP Kisan News

UP Genhu Kharid News: यूपी में रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं खरीद नीति को मंजूरी मिल गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सोमवार को इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई. इस बार गेहूं की खरीद 17 मार्च से 15 जून तक चलेगी, जिसमें 2425 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदारी होगी. 

गेहूं खरीद के लिए 6500 केंद्र स्थापित होंगे

गेंहू की खरीद के लिए प्रदेशभर में किसानों की सुविधा के लिए 6500 क्रय केंद्र खोले जाएंगे. इसके तहत बटाईदार किसान और पंजीकृत ट्रस्ट भी अपना गेहूं बेच सकेंगे. किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए इस बार भी ई-प्वाइंट ऑफ परचेज (ई-पॉप) मशीन के जरिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना होगा.

क्रय केंद्रों पर किसानों से केवल ई-पॉप मशीन के माध्यम से खरीद होगी, अन्य किसी भी तरह की खरीद मान्य नहीं होगी. इतना ही नहीं, मोबाइल क्रय केंद्रों पर होने वाली खरीद में अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude) डेटा भी रिकॉर्ड किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे. 

बटाईदार और ट्रस्ट भी कर सकेंगे बिक्री

पहली बार पंजीकृत ट्रस्टों को भी गेहूं बेचने की अनुमति दी गई है. बटाईदार किसानों को बिक्री की सुविधा देने के लिए उन्हें मूल भूस्वामी के साथ लिखित सहमति देनी होगी. पंजीकरण के लिए भूलेख संबंधी दस्तावेज और आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

ट्रस्ट की श्रेणी में आने वाले किसानों के लिए सत्यापित खतौनी, संचालक का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर अनिवार्य किया गया है. सत्यापन के बाद ही ट्रस्ट द्वारा गेहूं बेचा जा सकेगा और भुगतान सीधे ट्रस्ट के बैंक खाते में किया जाएगा. 

48 घंटे के भीतर होगा गेहूं का भुगतान 

किसानों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने भारत सरकार की सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के जरिए भुगतान की व्यवस्था की है। किसानों द्वारा बेचे गए गेहूं की रकम 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी.

MSP में 150 रुपये की बढ़ोतरी

इस बार गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 150 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. पिछले साल यह 2275 रुपये प्रति क्विंटल था, जिसे बढ़ाकर 2425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. इससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा. 

इन 8 एजेंसियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

सरकार ने गेहूं की खरीद के लिए 8 प्रमुख एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिनके तहत विभिन्न जिलों में क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे:

  • खाद्य एवं रसद विभाग विपणन शाखा – 1250 केंद्र
  • उत्तर प्रदेश सहकारी संघ (UPSS) – 3300 केंद्र
  • उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव यूनियन – 700 केंद्र
  • भारतीय खाद्य निगम (FCI) – 400 केंद्र
  • उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ (PCF) – 350 केंद्र
  • नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (NAFED) – 300 केंद्र
  • भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ – 100 केंद्र
  • उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी परिषद – 100 केंद्र
कैसे होगा गेहूं खरीद का पंजीकरण?

राज्य सरकार ने किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को भी आसान बनाया है. किसान जन सुविधा केंद्र या साइबर कैफे के माध्यम से खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट fcs.up.gov.in पर पंजीकरण करा सकते हैं. इसके अलावा, "यूपी किसान मित्र"ऐप के जरिए भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है.

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