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उत्तर प्रदेश सहित 9 राज्यों में बढ़ी SIR की डेड लाइन: प्रशासन और BLO कर रहे थे दबाव में काम, जानिए अंतिम डेट

उत्तर प्रदेश सहित 9 राज्यों में बढ़ी SIR की डेड लाइन: प्रशासन और BLO कर रहे थे दबाव में काम, जानिए अंतिम डेट
उत्तर प्रदेश समेत 9 राज्यों में बढ़ी SIR की डेडलाइन्स (प्रतीकात्मक फोटो): Image Credit Original Source

निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित 9 राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया की डेडलाइन बढ़ा दी है. अब मसौदा वोटर लिस्ट 16 दिसंबर और अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को जारी होगी. बढ़े कार्यभार और दबाव को देखते हुए बीएलओ व प्रशासनिक कर्मचारियों को राहत देने का यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

SIR Deadline Extended: उत्तर प्रदेश सहित 9 राज्यों में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को निर्वाचन आयोग ने एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है. बीएलओ पर बढ़ते दबाव, फॉर्म वेरिफिकेशन में देरी और प्रशासनिक चुनौतियों के बीच आयोग ने सभी चरणों की नई तारीखें जारी की हैं. अब मसौदा सूची 16 दिसंबर को और अंतिम वोटर लिस्ट 14 फरवरी 2026 को जारी होगी. इससे मतदाताओं और अधिकारियों दोनों को बड़ी राहत मिली है.

समय सीमा बढ़ी, मसौदा सूची अब 16 दिसंबर को जारी होगी

निर्वाचन आयोग ने यूपी सहित 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही SIR प्रक्रिया की डेडलाइन एक सप्ताह बढ़ाने का बड़ा निर्णय लिया है. पहले मसौदा मतदाता सूची 9 दिसंबर को जारी होनी थी, जिसे अब 16 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है. गणना प्रपत्र वितरण की तारीख भी 4 दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दी गई है. आयोग का कहना है कि राज्यों से मिले फीडबैक और जमीनी स्थिति को देखते हुए यह विस्तार जरूरी था, ताकि पुनरीक्षण कार्य अधिक सटीकता के साथ पूरा किया जा सके.

बीएलओ को मिली राहत, दबाव में चल रहा था काम

SIR प्रक्रिया के सबसे अधिक प्रभावित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) ही थे. फॉर्म भरवाने, सत्यापन, डिजिटाइजेशन और रोजाना लक्ष्य पूरा करने के कारण वे भारी दबाव में काम कर रहे थे. कई जिलों से रिपोर्ट आई थीं कि कम समय सीमा के कारण एंट्री और वेरिफिकेशन में त्रुटियों की आशंका बढ़ रही है. आयोग का यह फैसला बीएलओ के लिए राहत का बड़ा उपाय माना जा रहा है, जिससे वे अब अधिक व्यवस्थित तरीके से काम पूरा कर सकेंगे.

बाहर रहने वाले मतदाताओं को मिला अतिरिक्त समय

प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो नौकरी, मजदूरी या निजी कारणों से दूसरे राज्यों में रहते हैं और समय पर फॉर्म जमा नहीं कर सके थे. SIR की डेडलाइन बढ़ने से अब ऐसे सभी मतदाता घर आकर अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई लोग दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए थे. विस्तारित समय सीमा से अब वोटर सूची का अपडेट और अधिक सटीक और पूर्ण हो सकेगा.

Read More: UP के बांदा-टांडा के लिए 6500 करोड़ का प्रोजेक्ट: फतेहपुर समेत 6 जिलों की बदलेगी तस्वीर, चमकेगा अवध से बुंदेलखंड

विपक्ष के आरोप, आयोग ने किया खारिज

विपक्ष ने आरोप लगाया था कि कम समय सीमा और भारी दबाव की वजह से कम से कम 40 बीएलओ की मौत हुई है, जिनमें कई आत्महत्या के मामले भी शामिल बताए गए. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि डेडलाइन बढ़ाना इस बात का संकेत है कि आयोग को भी पहले तय की गई तारीखें अव्यावहारिक लग रही थीं. हालांकि निर्वाचन आयोग ने इन दावों को असत्य बताते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह सामान्य रूप से चल रही है और किसी भी मौत को इससे जोड़ना गलत और भ्रामक है.

Read More: यूपी में 20 IAS अधिकारियों के तबादले, चिकित्सा शिक्षा से ऊर्जा तक कई अहम विभागों में बड़ा फेरबदल

SIR का मकसद: अवैध विदेशी प्रवासियों की पहचान

SIR कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना और इसमें शामिल अवैध विदेशी प्रवासियों के नामों की पहचान कर उन्हें हटाना है. बांग्लादेश और म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों की शिकायतें कई राज्यों में मिल रही थीं, जिसके बाद आयोग ने 27 अक्टूबर को SIR की घोषणा की थी. इस दौरान जन्मस्थान, निवास और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है. समय सीमा बढ़ने से अब यह प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व सटीक हो सकेगी.

Read More: Unnao News: 28 साल पहले जिस बेटे की हो गई थी तेरहवीं, वह अचानक जिंदा घर लौटा, मां से मिल छलक पड़े आंसू

30 Nov 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

उत्तर प्रदेश सहित 9 राज्यों में बढ़ी SIR की डेड लाइन: प्रशासन और BLO कर रहे थे दबाव में काम, जानिए अंतिम डेट

SIR Deadline Extended: उत्तर प्रदेश सहित 9 राज्यों में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को निर्वाचन आयोग ने एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है. बीएलओ पर बढ़ते दबाव, फॉर्म वेरिफिकेशन में देरी और प्रशासनिक चुनौतियों के बीच आयोग ने सभी चरणों की नई तारीखें जारी की हैं. अब मसौदा सूची 16 दिसंबर को और अंतिम वोटर लिस्ट 14 फरवरी 2026 को जारी होगी. इससे मतदाताओं और अधिकारियों दोनों को बड़ी राहत मिली है.

समय सीमा बढ़ी, मसौदा सूची अब 16 दिसंबर को जारी होगी

निर्वाचन आयोग ने यूपी सहित 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही SIR प्रक्रिया की डेडलाइन एक सप्ताह बढ़ाने का बड़ा निर्णय लिया है. पहले मसौदा मतदाता सूची 9 दिसंबर को जारी होनी थी, जिसे अब 16 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है. गणना प्रपत्र वितरण की तारीख भी 4 दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दी गई है. आयोग का कहना है कि राज्यों से मिले फीडबैक और जमीनी स्थिति को देखते हुए यह विस्तार जरूरी था, ताकि पुनरीक्षण कार्य अधिक सटीकता के साथ पूरा किया जा सके.

बीएलओ को मिली राहत, दबाव में चल रहा था काम

SIR प्रक्रिया के सबसे अधिक प्रभावित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) ही थे. फॉर्म भरवाने, सत्यापन, डिजिटाइजेशन और रोजाना लक्ष्य पूरा करने के कारण वे भारी दबाव में काम कर रहे थे. कई जिलों से रिपोर्ट आई थीं कि कम समय सीमा के कारण एंट्री और वेरिफिकेशन में त्रुटियों की आशंका बढ़ रही है. आयोग का यह फैसला बीएलओ के लिए राहत का बड़ा उपाय माना जा रहा है, जिससे वे अब अधिक व्यवस्थित तरीके से काम पूरा कर सकेंगे.

बाहर रहने वाले मतदाताओं को मिला अतिरिक्त समय

प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो नौकरी, मजदूरी या निजी कारणों से दूसरे राज्यों में रहते हैं और समय पर फॉर्म जमा नहीं कर सके थे. SIR की डेडलाइन बढ़ने से अब ऐसे सभी मतदाता घर आकर अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई लोग दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए थे. विस्तारित समय सीमा से अब वोटर सूची का अपडेट और अधिक सटीक और पूर्ण हो सकेगा.

विपक्ष के आरोप, आयोग ने किया खारिज

विपक्ष ने आरोप लगाया था कि कम समय सीमा और भारी दबाव की वजह से कम से कम 40 बीएलओ की मौत हुई है, जिनमें कई आत्महत्या के मामले भी शामिल बताए गए. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि डेडलाइन बढ़ाना इस बात का संकेत है कि आयोग को भी पहले तय की गई तारीखें अव्यावहारिक लग रही थीं. हालांकि निर्वाचन आयोग ने इन दावों को असत्य बताते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह सामान्य रूप से चल रही है और किसी भी मौत को इससे जोड़ना गलत और भ्रामक है.

SIR का मकसद: अवैध विदेशी प्रवासियों की पहचान

SIR कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना और इसमें शामिल अवैध विदेशी प्रवासियों के नामों की पहचान कर उन्हें हटाना है. बांग्लादेश और म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों की शिकायतें कई राज्यों में मिल रही थीं, जिसके बाद आयोग ने 27 अक्टूबर को SIR की घोषणा की थी. इस दौरान जन्मस्थान, निवास और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है. समय सीमा बढ़ने से अब यह प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व सटीक हो सकेगी.

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