
Kanpur News In Hindi: कानपुर रेलवे स्टेशन में दिखा भिखारी ! पानी पीते ही बोलने लगा अंग्रेजी, RPF के जवानों को मालूम हुआ ये सच
Kanpur News In Hindi
किसी के हुलिए या कपड़ों से उसकी पहचान करना मुश्किल होता है. कानपुर (Kanpur) रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर प्यास से तड़प रहा एक शख्स फ़टे-गन्दे कपड़े, बाल-बिखरे व बड़ी दाढ़ी के साथ प्लेटफॉर्म (Platform) पर डस्टबिन (Dustbin) के पास खड़े होकर पानी की एक बूंद पाने को लेकर इसकदर बेचैन दिखाई दिया. जाहिर है कि सभी इसे भिखारी (Begger) ही समझेंगे. गश्त कर रही आरपीएफ (Rpf) की टीम की नजर जब उस पर पड़ी तो शक हुआ पूछताछ की तो उसने पानी मांगा, फिर पानी पीने के बाद जो उसने बोला उसके बाद से आरपीएफ का माथा ठनकना शुरु हुआ. यहां से अब शुरू होती है असली कहानी..
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर भिखारी जैसी वेशभूषा में था ये शख्स
आज हम जो आपको सच्ची (Truth) और रियल कहानी बताने जा रहे हैं वो बहुत ही मोटीवेशनल है. वहीं आरपीएफ टीम की इंसानियत के लिए आपके दिल से उनके लिए सैल्यूट निकलेगा. इन दिनों गर्मी प्रचण्ड रूप में है हर कोई गर्मी से राहत पाने के लिए पानी से अपनी प्यास बुझाने के लिए लगा हुआ है.

आरपीएफ के जवानों ने पिलाया पानी
क्योंकि गन्दे, फ़टे-कपड़े, बड़ी दाढ़ी और बाल से तो ऐसा ही लग रहा था जैसे कि वह एक भिखारी (Beggar) है. उप निरीक्षक असलम खान, आरती कुमारी व सहायक उपनिरीक्षक हरिशंकर त्रिपाठी स्टेशन परिसर में गश्त कर रहे थे. इसी दौरान आरपीएफ (Rpf) के जवानों की नजर उस शख्स पर पड़ी तो पहले उन्हें शक हुआ कि यह आखिर डस्टबिन से निकाल क्या रहा है.

भिखारी दिख रहे शख्स ने दिया अंग्रेजी में जवाब

सुनाई दास्तां 2 साल पहले हुआ था अपहरण

उससे एक खदान में ले जाकर मजदूरी कराई जाती रही. विरोध किया तो मारने लगते थे. किसी तरह महावीर उन लोगों के चंगुल से निकलने में कामयाब रहा, उसने यह भी बताया कि उनकी बोली दक्षिण साइड की थी जो कम समझ में आती थी. जैसे तैसे उसने किसी तरह कई ट्रेनें बदलीं और दरभंगा पहुंचा वहां से फिर वह कानपुर सेंट्रल पहुंच गया.
चंगुल से छूटने के बाद पहुंचा कानपुर सेंट्रल

आरपीएफ ने महावीर की जब यह पूरी दास्तान सुनी तो उसके परिजनों के बारे में पूछा और किसी का नम्बर याद हो तो बताने के लिए कहा. महावीर ने अपने भाई रविंद जो गुड़गांव में काम करता है उसका नम्बर दिया.
भाई को फोन पर दी सूचना, परिजनों के छलक पड़े आंसू
आरपीएफ प्रभारी ने दिए गए नम्बर पर फोन मिलवाया और इस मामले से उसके भाई को अवगत कराया, फिर क्या भाई गुड़गांव से सीधे कानपुर आ गया और परिजन बिधूना से आ पहुंचे. जैसे ही परिजनों ने अपने बेटे महावीर को इस हालत में देखा और तो उनकी आंखें खुशी से छलक उठी उनके आंसू इस बात को साफ तौर पर बया कर रहे थे कि 2 साल बाद उनका बेटा उन्हे मिला.
इसके लिए वह भगवान का शुक्रगुजार मान रहे हैं. परिजनों ने बताया कि 2 साल पहले महावीर गायब हो गया था जिसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला था फिलहाल तमाम जानकारियों से अवगत होते हुए महावीर को उसके परिजनों को सौंप दिया है. आरपीएफ के जवानों की इस इंसानियत को देखते हुए लोग दिल से उनकी कार्यशाली को सलाम कर रहे हैं.
