UPPCL News: पूर्व विधायक पर बिजली चोरी का मुकदमा ! भाई-भतीजे संग कटिया डालकर चला रहे थे ट्यूबवेल
फतेहपुर में पूर्व विधायक, उनके भाई और भतीजे के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि तीनों बिना वैध कनेक्शन के पोल से कटिया डालकर निजी नलकूप चला रहे थे. प्रवर्तन दल की टीम ने जांच के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग कर एंटी थेफ्ट थाने में केस दर्ज कराया.
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में बिजली चोरी का मामला उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब एक पूर्व विधायक और उनके परिवार पर ही अवैध बिजली इस्तेमाल के आरोप लग गए. प्रवर्तन दल की टीम गांव में जांच के लिए पहुंची तो निजी नलकूप बिना वैध कनेक्शन के चलते मिले. आरोप है कि पोल से कटिया डालकर बिजली सप्लाई दी जा रही थी. मौके पर वीडियो रिकॉर्डिंग के बाद विभाग ने पूर्व विधायक आदित्य पांडेय, उनके भाई राजेश पांडेय और भतीजे आशीष पांडेय के खिलाफ एंटी थेफ्ट विद्युत थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया.
बिना कनेक्शन चोरी की बिजली से चल रहे थे नलकूप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चांदपुर थाना क्षेत्र के कौंह गांव निवासी पूर्व विधायक आदित्य पांडेय, उनके भाई राजेश पांडेय और भतीजे आशीष पांडेय का गांव में निजी नलकूप है. बिजली विभाग को लगातार शिकायत मिल रही थी कि इन नलकूपों को अवैध तरीके से बिजली सप्लाई देकर चलाया जा रहा है. इसी सूचना के आधार पर शुक्रवार शाम प्रवर्तन दल की टीम गांव पहुंची और जांच शुरू की.

प्रवर्तन दल की छापेमारी में सामने आई बिजली चोरी
एंटी थेफ्ट विद्युत थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
जांच के बाद प्रवर्तन दल के अवर अभियंता की ओर से एंटी थेफ्ट विद्युत थाना फतेहपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया. विद्युत संशोधन अधिनियम 2003 की धारा 135-1(a) के तहत की गई है. जेई सुभाष चंद्र गौतम ने बताया कि मौके पर मिली स्थिति के आधार पर विद्युत चोरी की पुष्टि हुई है.
पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद रही. टीम के प्रभारी एसआई संतोष सिंह के साथ कांस्टेबल आशुतोष प्रजापति, अमरनाथ, रईस खान और बृजेश सिंह अभियान में शामिल रहे. अधिकारियों ने पूरे गांव में जांच के दौरान किसी तरह का विवाद न हो, इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की थी.
UPPCL News: पूर्व विधायक पर बिजली चोरी का मुकदमा ! भाई-भतीजे संग कटिया डालकर चला रहे थे ट्यूबवेल
Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में बिजली चोरी का मामला उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब एक पूर्व विधायक और उनके परिवार पर ही अवैध बिजली इस्तेमाल के आरोप लग गए. प्रवर्तन दल की टीम गांव में जांच के लिए पहुंची तो निजी नलकूप बिना वैध कनेक्शन के चलते मिले. आरोप है कि पोल से कटिया डालकर बिजली सप्लाई दी जा रही थी. मौके पर वीडियो रिकॉर्डिंग के बाद विभाग ने पूर्व विधायक आदित्य पांडेय, उनके भाई राजेश पांडेय और भतीजे आशीष पांडेय के खिलाफ एंटी थेफ्ट विद्युत थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया.
बिना कनेक्शन चोरी की बिजली से चल रहे थे नलकूप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चांदपुर थाना क्षेत्र के कौंह गांव निवासी पूर्व विधायक आदित्य पांडेय, उनके भाई राजेश पांडेय और भतीजे आशीष पांडेय का गांव में निजी नलकूप है. बिजली विभाग को लगातार शिकायत मिल रही थी कि इन नलकूपों को अवैध तरीके से बिजली सप्लाई देकर चलाया जा रहा है. इसी सूचना के आधार पर शुक्रवार शाम प्रवर्तन दल की टीम गांव पहुंची और जांच शुरू की.
जांच के दौरान अधिकारियों ने देखा कि बिजली पोल से सीधे कटिया डालकर तार नलकूपों तक पहुंचाए गए थे. मौके पर ट्यूबवेल चालू हालत में मिले. टीम ने वहां मौजूद लोगों से वैध बिजली कनेक्शन और संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई भी अभिलेख नहीं दिखाया जा सका. इसके बाद अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई ताकि कार्रवाई के सभी साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकें.
प्रवर्तन दल की छापेमारी में सामने आई बिजली चोरी
प्रवर्तन दल के अवर अभियंता सुभाष चंद्र गौतम के नेतृत्व में पूरी टीम मौके पर पहुंची थी. उन्होंने बताया कि नलकूप करीब साढ़े सात हॉर्स पावर क्षमता के हैं और सभी में अवैध रूप से बिजली का उपयोग किया जा रहा था. जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर अवैध कनेक्शनों की जांच की जा रही है. बिजली चोरी पाए जाने पर कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे.
एंटी थेफ्ट विद्युत थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
जांच के बाद प्रवर्तन दल के अवर अभियंता की ओर से एंटी थेफ्ट विद्युत थाना फतेहपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया. विद्युत संशोधन अधिनियम 2003 की धारा 135-1(a) के तहत की गई है. जेई सुभाष चंद्र गौतम ने बताया कि मौके पर मिली स्थिति के आधार पर विद्युत चोरी की पुष्टि हुई है.
पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद रही. टीम के प्रभारी एसआई संतोष सिंह के साथ कांस्टेबल आशुतोष प्रजापति, अमरनाथ, रईस खान और बृजेश सिंह अभियान में शामिल रहे. अधिकारियों ने पूरे गांव में जांच के दौरान किसी तरह का विवाद न हो, इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की थी.