White House Shooting: व्हाइट हाउस के बाहर चलीं ताबड़तोड़ गोलियां, ट्रंप अंदर मौजूद थे, हमलावर नसीरे बेस्ट ढेर
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार शाम अचानक फायरिंग से हड़कंप मच गया. सीक्रेट सर्विस और संदिग्ध हमलावर के बीच हुई मुठभेड़ में दो लोगों को गोली लगी. घटना के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस परिसर में मौजूद थे. सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को तुरंत लॉकडाउन कर दिया और बाद में हमलावर नसीरे बेस्ट को मार गिराया गया.
White House Shooting: व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार शाम उस समय अफरातफरी मच गई जब पेनसिल्वेनिया एवेन्यू के पास अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस वक्त व्हाइट हाउस रेजिडेंस के अंदर मौजूद थे, जिसके चलते सीक्रेट सर्विस ने पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर डाल दिया. भारी हथियारों से लैस एजेंट सड़कों पर दौड़ते नजर आए, जबकि पत्रकारों और कर्मचारियों को जमीन पर बैठकर कवर लेने के निर्देश दिए गए. इस सनसनीखेज घटना ने अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
व्हाइट हाउस के बाहर अचानक गूंजी गोलियों की आवाज
शनिवार शाम वॉशिंगटन डीसी का सबसे सुरक्षित इलाका माने जाने वाला व्हाइट हाउस परिसर अचानक गोलियों की आवाज से दहल उठा. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पेनसिल्वेनिया एवेन्यू और 17वीं स्ट्रीट नॉर्थवेस्ट के आसपास लगातार कई राउंड फायरिंग हुई. जैसे ही पहली गोली चली, सीक्रेट सर्विस एजेंट तुरंत हरकत में आ गए और पूरे इलाके को घेर लिया गया.
व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन में मौजूद पत्रकारों को तत्काल प्रेस ब्रीफिंग रूम में ले जाया गया. अंदर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया कि वे नीचे झुक जाएं क्योंकि बाहर गोलियां चल रही हैं. इस दौरान कुछ मिनटों तक ऐसा माहौल बन गया मानो किसी बड़े आतंकी हमले की आशंका हो. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इलाके में मौजूद लोगों के चेहरों पर डर साफ दिखाई दे रहा था और हर तरफ सिर्फ सायरन और भागते सुरक्षाकर्मी नजर आ रहे थे.
राष्ट्रपति ट्रंप के अंदर मौजूद होने से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह थी कि कहीं यह हमला राष्ट्रपति को निशाना बनाने की कोशिश तो नहीं. हालांकि शुरुआती जांच में अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं. स्थानीय समयानुसार करीब 6:45 बजे के बाद हालात नियंत्रण में आने पर लॉकडाउन हटाया गया, लेकिन तब तक पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा.
सीक्रेट सर्विस से मुठभेड़ में हमलावर नसीरे बेस्ट मारा गया
अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक, सीक्रेट सर्विस की यूनिफॉर्म डिवीजन को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति हथियार के साथ घूम रहा है और फायरिंग कर रहा है. जब एजेंट मौके पर पहुंचे तो संदिग्ध ने कथित तौर पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई.
मुठभेड़ के दौरान दो लोगों को गोली लगी. इनमें एक आम नागरिक भी शामिल बताया जा रहा है. बाद में हमलावर की पहचान नसीरे बेस्ट के रूप में हुई, जो पहले से अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था. सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने उसे मौके पर ही मार गिराया. हालांकि अधिकारियों ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि उसके पास किस प्रकार के हथियार थे और उसका मकसद क्या था. जांच एजेंसियां उसके पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं.
FBI और सीक्रेट सर्विस ने शुरू की संयुक्त जांच
घटना के तुरंत बाद FBI भी जांच में शामिल हो गई. FBI डायरेक्टर काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी देते हुए कहा कि एजेंसी की टीम मौके पर मौजूद है और सीक्रेट सर्विस के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, जनता को अपडेट दिया जाएगा.
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या हमलावर अकेला था या उसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ था. इसके अलावा यह भी जांच हो रही है कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप को सीधे निशाना बनाने की योजना थी. अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है और इलाके में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है.
एक महीने पहले भी व्हाइट हाउस के बाहर हुई थी घटना
यह पहली बार नहीं है जब व्हाइट हाउस के आसपास गोलीबारी की घटना ने अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया हो. करीब एक महीने पहले व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान भी एक संदिग्ध व्यक्ति शॉटगन लेकर सिक्योरिटी चेकपॉइंट तोड़ने की कोशिश कर चुका है. उस मामले में आरोपी पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश का केस चल रहा है.
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने अमेरिका की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इमारत की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति चुनावी माहौल और बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच व्हाइट हाउस की सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव और बढ़ गया है. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अमेरिकी प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को लेकर अलर्ट मोड में है.
White House Shooting: व्हाइट हाउस के बाहर चलीं ताबड़तोड़ गोलियां, ट्रंप अंदर मौजूद थे, हमलावर नसीरे बेस्ट ढेर
White House Shooting: व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार शाम उस समय अफरातफरी मच गई जब पेनसिल्वेनिया एवेन्यू के पास अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस वक्त व्हाइट हाउस रेजिडेंस के अंदर मौजूद थे, जिसके चलते सीक्रेट सर्विस ने पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर डाल दिया. भारी हथियारों से लैस एजेंट सड़कों पर दौड़ते नजर आए, जबकि पत्रकारों और कर्मचारियों को जमीन पर बैठकर कवर लेने के निर्देश दिए गए. इस सनसनीखेज घटना ने अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
व्हाइट हाउस के बाहर अचानक गूंजी गोलियों की आवाज
शनिवार शाम वॉशिंगटन डीसी का सबसे सुरक्षित इलाका माने जाने वाला व्हाइट हाउस परिसर अचानक गोलियों की आवाज से दहल उठा. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पेनसिल्वेनिया एवेन्यू और 17वीं स्ट्रीट नॉर्थवेस्ट के आसपास लगातार कई राउंड फायरिंग हुई. जैसे ही पहली गोली चली, सीक्रेट सर्विस एजेंट तुरंत हरकत में आ गए और पूरे इलाके को घेर लिया गया.
व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन में मौजूद पत्रकारों को तत्काल प्रेस ब्रीफिंग रूम में ले जाया गया. अंदर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया कि वे नीचे झुक जाएं क्योंकि बाहर गोलियां चल रही हैं. इस दौरान कुछ मिनटों तक ऐसा माहौल बन गया मानो किसी बड़े आतंकी हमले की आशंका हो. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इलाके में मौजूद लोगों के चेहरों पर डर साफ दिखाई दे रहा था और हर तरफ सिर्फ सायरन और भागते सुरक्षाकर्मी नजर आ रहे थे.
राष्ट्रपति ट्रंप के अंदर मौजूद होने से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
घटना के वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस रेजिडेंस के भीतर मौजूद थे. यही कारण रहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को बेहद गंभीर मानते हुए तत्काल लॉकडाउन लागू कर दिया. सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर और भारी हथियारों से लैस एजेंट व्हाइट हाउस के नॉर्थ लॉन और आसपास के इलाकों में तैनात कर दिए गए.
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह थी कि कहीं यह हमला राष्ट्रपति को निशाना बनाने की कोशिश तो नहीं. हालांकि शुरुआती जांच में अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं. स्थानीय समयानुसार करीब 6:45 बजे के बाद हालात नियंत्रण में आने पर लॉकडाउन हटाया गया, लेकिन तब तक पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा.
सीक्रेट सर्विस से मुठभेड़ में हमलावर नसीरे बेस्ट मारा गया
अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक, सीक्रेट सर्विस की यूनिफॉर्म डिवीजन को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति हथियार के साथ घूम रहा है और फायरिंग कर रहा है. जब एजेंट मौके पर पहुंचे तो संदिग्ध ने कथित तौर पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई.
मुठभेड़ के दौरान दो लोगों को गोली लगी. इनमें एक आम नागरिक भी शामिल बताया जा रहा है. बाद में हमलावर की पहचान नसीरे बेस्ट के रूप में हुई, जो पहले से अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था. सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने उसे मौके पर ही मार गिराया. हालांकि अधिकारियों ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि उसके पास किस प्रकार के हथियार थे और उसका मकसद क्या था. जांच एजेंसियां उसके पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं.
FBI और सीक्रेट सर्विस ने शुरू की संयुक्त जांच
घटना के तुरंत बाद FBI भी जांच में शामिल हो गई. FBI डायरेक्टर काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी देते हुए कहा कि एजेंसी की टीम मौके पर मौजूद है और सीक्रेट सर्विस के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, जनता को अपडेट दिया जाएगा.
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या हमलावर अकेला था या उसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ था. इसके अलावा यह भी जांच हो रही है कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप को सीधे निशाना बनाने की योजना थी. अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है और इलाके में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है.
एक महीने पहले भी व्हाइट हाउस के बाहर हुई थी घटना
यह पहली बार नहीं है जब व्हाइट हाउस के आसपास गोलीबारी की घटना ने अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया हो. करीब एक महीने पहले व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान भी एक संदिग्ध व्यक्ति शॉटगन लेकर सिक्योरिटी चेकपॉइंट तोड़ने की कोशिश कर चुका है. उस मामले में आरोपी पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश का केस चल रहा है.
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने अमेरिका की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली इमारत की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति चुनावी माहौल और बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच व्हाइट हाउस की सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव और बढ़ गया है. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अमेरिकी प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को लेकर अलर्ट मोड में है.