Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

फतेहपुर:VIDEO:Exclusive शिक्षा माफियाओं के आगे नतमस्तक जिला प्रशासन.?शास्त्री की परीक्षाओं में खुलेआम कराई जा रही नक़ल!

फतेहपुर:VIDEO:Exclusive शिक्षा माफियाओं के आगे नतमस्तक जिला प्रशासन.?शास्त्री की परीक्षाओं में खुलेआम कराई जा रही नक़ल!
खुलेआम नकल करते परीक्षार्थी

सत्ता में आने के बाद सूबे की भाजपा सरकार ने नकलविहीन परीक्षा कराने के बड़े-बड़े दावे तो किए थे लेकिन शिक्षा माफियाओं के आगे पंगु बना जिला प्रशासन इसको रोक पाने में पूरी तरह नाक़ाम दिखाई दे रहा है।..युगान्तर प्रवाह की इस एक्सलूसिव रिपोर्ट में देखिए धरातल की असली हकीकत।

फ़तेहपुर: यूपी की भाजपा सरकार ने नकलविहीन परीक्षा कराने के बड़े-बड़े दावे तो किए थे लेकिन शिक्षा का हो चुका बाजारीकरण हर स्थित को अपने अनुरूप ढालकर काम कराने की हैशियत रखता है। पैसे के दम पर आज इंजीनियरिंग से लेकर पीएचडी तक डिग्री घर बैठे मिल जाती है।शिक्षा माफ़िया इस तरह हावी हैं कि आने वाले दिनों यह हमारे समाज को एक अपंग बेरोजगार की स्थित में छोड़ेगा।

इन दिनों संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी द्वारा शास्त्री और आचार्य की परीक्षाएं कराई जा रही हैं लेकिन इनके संबद्ध महाविद्यालयों में जिस तरह से खुलेआम नकल कराई जा रही है जिसको देख कर आप दंग रह जाएंगे।मामला श्री ब्रह्म संस्कृत महाविद्यालय स्वामी बाग़ गनही विजयीपुर का है जहां शास्त्री की परीक्षाएं कराई जा रही हैं वीडियो में दिख रहा यह सख्स जो परीक्षार्थियों को बोल कर नकल करा रहा है इसका नाम रामकृष्ण द्विवेदी है जो इसी महाविद्यालय का प्रधानाचार्य है साथ ही इस परीक्षा केंद्र का केंद्र व्यवस्थापक भी है।

हर सुविधा का लगता है यहां अलग रेट...

Read More: Fatehpur News: हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हटा कब्जा ! प्रशासनिक मिलीभगत के चलते नहीं हुई 67 की कार्रवाई, दाखिल है PIL

सूत्रों की माने तो इस परीक्षा केंद्र में हर प्रकार की सुविधा का अलग रेट तय होता है सार्वजनिक रूप से बैठकर नकल करने का तीन हज़ार रुपए।स्पेशल कमरे में बैठकर लिखने के पांच हज़ार रुपए।सार्वजनिक तौर से यदि परीक्षार्थी की जगह कोई दूसरा व्यक्ति बैठेगा तो चार से पांच हज़ार रुपये। इसके अलावा सात बजे से दस और दो से पांच की पाली में होने वाली परीक्षाओं में एक स्पेशल सुविधा भी दी जाती है। वह है घर पर कॉपी लिखने की जिसका रेट आठ से दस हज़ार रुपए बताया जा रहा है। 

Read More: कानपुर के अलंकार अग्निहोत्री कौन हैं? बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा, UGC एक्ट और शंकराचार्य पर कार्रवाई से नाराज

Read More: Fatehpur News: चेहरा नहीं चरित्र बदलो, धर्म का धंधा बंद करो ! सपा नेता संतोष द्विवेदी की सैकड़ों होल्डिंग्स रातों रात गायब

बिना सीसीटीवी कैमरे के कराई जा रही परीक्षा...

शास्त्री-आचार्य की हो रही परीक्षाओं को जिले के कई केंद्रों में बिना सीसीटीवी कैमरे के कराया जा रहा है। जिससे नकल को बढ़ावा मिल रहा है।

उड़नदस्ता आने की सूचना पहले से देते हैं माफियाओं के गुर्गे..

सूत्रों की माने तो जब कोई अधिकारी चेकिंग करने परीक्षा केंद्र में आता है तो उसके पहले ही नकल माफियाओं के गुर्गे इसकी सूचना पहले से दे देतें हैं जिसके चलते नकल की सामग्री हटा दी जाती हैं। और उनके जाने के बाद यह सिलसिला बदस्तूर दोबारा जारी हो जाता है।

नीचे से ऊपर तक पैसे का होता है बन्दर बांट...

सूत्रों की माने तो नकल की इस भारी भरकम रकम का बन्दर बांट नीचे से ऊपर तक किया जाता है।बताया जा रहा है कि इस खेल में डीआईओएस ऑफ़िस के एक बाबू की भूमिका भी संदिग्ध है जो पैसे के एवज़ में यह काला कारनामा कराने की पूरी छूट प्रदान कर अधिकारियों को भी सेट किए रहता है।

सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि आख़िर परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगाए जाते इसके अलावा परीक्षा की समाप्ति के बाद जिले में परीक्षा पुस्तिकाओं को जमा करने के लिए स्ट्रांग रूम की व्यवस्था क्यों नहीं कि जाती है।जानकारों की माने तो केंद्र के व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य ही अपने पास परीक्षा पुस्तिकाओं को रखते हैं और परीक्षा समाप्ति के कई दिनों तक कापियां लिखाई जाती हैं और उन्हीं के द्वारा विश्वविद्यालय में जमा की जाती है। ऐसे में कैसे नकलविहीन परीक्षा की उम्मीद की जाए.?

05 Apr 2019 By Vishwa Deepak Awasthi

फतेहपुर:VIDEO:Exclusive शिक्षा माफियाओं के आगे नतमस्तक जिला प्रशासन.?शास्त्री की परीक्षाओं में खुलेआम कराई जा रही नक़ल!

फ़तेहपुर: यूपी की भाजपा सरकार ने नकलविहीन परीक्षा कराने के बड़े-बड़े दावे तो किए थे लेकिन शिक्षा का हो चुका बाजारीकरण हर स्थित को अपने अनुरूप ढालकर काम कराने की हैशियत रखता है। पैसे के दम पर आज इंजीनियरिंग से लेकर पीएचडी तक डिग्री घर बैठे मिल जाती है।शिक्षा माफ़िया इस तरह हावी हैं कि आने वाले दिनों यह हमारे समाज को एक अपंग बेरोजगार की स्थित में छोड़ेगा।

इन दिनों संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी द्वारा शास्त्री और आचार्य की परीक्षाएं कराई जा रही हैं लेकिन इनके संबद्ध महाविद्यालयों में जिस तरह से खुलेआम नकल कराई जा रही है जिसको देख कर आप दंग रह जाएंगे।मामला श्री ब्रह्म संस्कृत महाविद्यालय स्वामी बाग़ गनही विजयीपुर का है जहां शास्त्री की परीक्षाएं कराई जा रही हैं वीडियो में दिख रहा यह सख्स जो परीक्षार्थियों को बोल कर नकल करा रहा है इसका नाम रामकृष्ण द्विवेदी है जो इसी महाविद्यालय का प्रधानाचार्य है साथ ही इस परीक्षा केंद्र का केंद्र व्यवस्थापक भी है।

हर सुविधा का लगता है यहां अलग रेट...

सूत्रों की माने तो इस परीक्षा केंद्र में हर प्रकार की सुविधा का अलग रेट तय होता है सार्वजनिक रूप से बैठकर नकल करने का तीन हज़ार रुपए।स्पेशल कमरे में बैठकर लिखने के पांच हज़ार रुपए।सार्वजनिक तौर से यदि परीक्षार्थी की जगह कोई दूसरा व्यक्ति बैठेगा तो चार से पांच हज़ार रुपये। इसके अलावा सात बजे से दस और दो से पांच की पाली में होने वाली परीक्षाओं में एक स्पेशल सुविधा भी दी जाती है। वह है घर पर कॉपी लिखने की जिसका रेट आठ से दस हज़ार रुपए बताया जा रहा है। 

बिना सीसीटीवी कैमरे के कराई जा रही परीक्षा...

शास्त्री-आचार्य की हो रही परीक्षाओं को जिले के कई केंद्रों में बिना सीसीटीवी कैमरे के कराया जा रहा है। जिससे नकल को बढ़ावा मिल रहा है।

उड़नदस्ता आने की सूचना पहले से देते हैं माफियाओं के गुर्गे..

सूत्रों की माने तो जब कोई अधिकारी चेकिंग करने परीक्षा केंद्र में आता है तो उसके पहले ही नकल माफियाओं के गुर्गे इसकी सूचना पहले से दे देतें हैं जिसके चलते नकल की सामग्री हटा दी जाती हैं। और उनके जाने के बाद यह सिलसिला बदस्तूर दोबारा जारी हो जाता है।

नीचे से ऊपर तक पैसे का होता है बन्दर बांट...

सूत्रों की माने तो नकल की इस भारी भरकम रकम का बन्दर बांट नीचे से ऊपर तक किया जाता है।बताया जा रहा है कि इस खेल में डीआईओएस ऑफ़िस के एक बाबू की भूमिका भी संदिग्ध है जो पैसे के एवज़ में यह काला कारनामा कराने की पूरी छूट प्रदान कर अधिकारियों को भी सेट किए रहता है।

सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि आख़िर परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगाए जाते इसके अलावा परीक्षा की समाप्ति के बाद जिले में परीक्षा पुस्तिकाओं को जमा करने के लिए स्ट्रांग रूम की व्यवस्था क्यों नहीं कि जाती है।जानकारों की माने तो केंद्र के व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य ही अपने पास परीक्षा पुस्तिकाओं को रखते हैं और परीक्षा समाप्ति के कई दिनों तक कापियां लिखाई जाती हैं और उन्हीं के द्वारा विश्वविद्यालय में जमा की जाती है। ऐसे में कैसे नकलविहीन परीक्षा की उम्मीद की जाए.?

Tags:

Latest News

UPPSC PCS Result 2024: नेहा पांचाल ने किया टॉप, बेटियों का दबदबा, 932 अभ्यर्थी सफल UPPSC PCS Result 2024: नेहा पांचाल ने किया टॉप, बेटियों का दबदबा, 932 अभ्यर्थी सफल
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. नेहा पांचाल ने टॉप किया,...
Pan Card New Rules: 1 अप्रैल से इन लोगों का बंद हो जाएगा पैन कार्ड, जल्द करें ये काम
UP Weather Update: यूपी में मौसम ने ली करवट, फतेहपुर समेत 50 जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट
आज का राशिफल (Aaj Ka Rashifal) 28 मार्च 2026: इन 5 राशियों का चमकेगा भाग्य, कर्क और मीन राशि वालों के लिए दिन चुनौतीपूर्ण
LPG Crisis In India: गैस किल्लत की आहट ! योगी सरकार बांटेगी लकड़ी, एक माह में इतनी मिलेगी, जानिए क्या है तैयारी
कौशांबी में दर्दनाक हादसा: मुंडन संस्कार से लौट रहे फतेहपुर के परिवार की पिकअप ट्रेलर से भिड़ी, 8 की मौत, 20 घायल
Fatehpur News: फतेहपुर में बाबू कांड ने पकड़ा तूल ! पत्नी ने DIOS और पूर्व BJP जिलाध्यक्ष के खिलाफ दी तहरीर, डीएम ने बैठाई जांच

Follow Us