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Gangster Sanjeev Jiva : 'जीवा' कैसे बना कंपाउंडर से गैंगस्टर,पश्चिमी यूपी में इस कुख्यात अपराधी की बोलती थी तूती-ऐसे हुआ अंत

Gangster Sanjeev Jiva : 'जीवा' कैसे बना कंपाउंडर से गैंगस्टर,पश्चिमी यूपी में इस कुख्यात अपराधी की बोलती थी तूती-ऐसे हुआ अंत
संजीव जीवा की पेशी के दौरान हत्या

उत्तर प्रदेश में कई बड़े कुख्यात अपराधी और माफियाओं का आतंक रहा है, इनमें से एक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधी गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ संजीव जीवा जिसने एक दवाखाने में काम करने के बाद जुर्म की दुनिया में 90 के दशक में कदम रखा ,बुधवार को लखनऊ की एक अदालत में पेशी पर आया गैंगस्टर संजीव जीवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई, बताया जा रहा कि वकील की ड्रेस में हमलावर विजय यादव ने उसपर गोलियां बरसाई जिसमें उसकी मौत हो गई. पश्चिमी यूपी में इस कुख्यात अपराधी की दहशत और अपराध जगत में बड़ा नाम संजी


हाईलाइट्स

  • कुख्यात अपराधी संजीव जीवा की दिनदहाड़े कोर्ट में गोली मारकर हत्या
  • 90 के दशक में जुर्म की दुनिया में रखा कदम,मुख़्तार का था दाहिना हाथ
  • कई चर्चित हत्याकांड में नाम रहा शामिल

Who was the notorious criminal of western UP Jeeva : पश्चिमी यूपी का कुख्यात अपराधी गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ संजीव जीवा जिसने अपना शुरुआती जीवन कंपाउंडर के रूप में शुरू किया था,एक दवाखाने में काम करते-करते कब वह जुर्म की दुनिया में पहुंच गया पता ही नहीं चला और देखते ही देखते 90 के दशक में कुख्यात अपराधियों की सूची में वह शामिल हो गया और अपराध जगत में बड़ा नाम बन गया, जेल में बंद मुख्तार अंसारी का दाहिना हाथ भी संजीव जीवा को कहा जाता है, खास तौर पर जीवा को मुख्तार अंसारी का शूटर कहे तो गलत नहीं होगा,

बुधवार 7 जून को संजीव जीवा लखनऊ की एक कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचा था उसी वक्त अधिवक्ता के भेष में आए एक हमलावर ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया जहां उसने दम तोड़ दिया इस हमले में एक महिला और एक बच्ची के भी घायल होने की जानकारी मिली है जिनका इलाज किया जा रहा है तो वही गोली ताबड़तोड़ गोलियां चलाने वाला हमलावर आरोपी विजय यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, आखिर क्यों मारा आरोपित से पूछताछ की जा रही है,हालांकि यह बड़ा सवाल एक बार फिर उठा है कि पुलिस अभिरक्षा में अपराधी की हत्या कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े कर दी गई.

ऐसे बना कंपाउंडर से अपराधी,मुख़्तार का दाहिना हाथ

वैसे तो उत्तर प्रदेश का पश्चिम क्षेत्र ज्यादातर कुख्यात अपराधियों और गैंगस्टर के लिए जाना जाता है ,कहा जाता है कि जुर्म का साम्राज्य पश्चिमी यूपी से होकर ही गुजरता है, जिसके बाद यह पूरे उत्तर प्रदेश में पैर पसार लेता है कुछ इसी तरह एक और कुख्यात अपराधी गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ संजीव जीवा जिसने पश्चिमी यूपी में अपना आतंक मचा रखा 90 के दशक में संजीव जीवा का नाम काफी चर्चा में आया क्योंकि 10 फरवरी 1997 को उसका नाम बीजेपी नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में सामने आया था इस मामले में संजीव को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी.पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अपराध जगत में जीवा के ऊपर 20 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए इनमें से कई मामलों में वह बरी हो चुका था,

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का रहने वाला संजीव जीवा जुर्म की दुनिया से पहले वह एक दवा खाने में कंपाउंडर के पद पर कार्य करता था धीरे-धीरे उसने पैसा वसूलना शुरू किया कुछ ही दिन बाद इसने अपने मालिक को भी अगवा किया और दो करोड़ रुपए की फिरौती भी मांगी थी जिसके बाद इसने जुर्म की दुनिया में कदम रखा और बाद में यह हरिद्वार के नाजिम गैंग में शामिल हुआ और फिर सत्येंद्र बरनाला के साथ जुड़ गया ,जीवा का कुछ और ही बड़ा करने का इरादा था वो अपना अलग गैंग खड़ा करना चाह रहा था,

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धीरे-धीरे अपराध जगत में एक नाम और जुड़ गया था संजीव जीवा जिसकी गैंग में 30 से 35 लोग शामिल थे, जिसके बाद उसने पीछे मुड़कर नही देखा और कई कुख्यात अपराधियों से संपर्क किया और उनके साथ मिलकर उसने कई बड़े अपराध भी किए, कुछ ही दिन बाद जीवा का संपर्क डॉन मुख्तार अंसारी से भी हुआ ऐसा कहा जाता है कि जीवा मुख्तार अंसारी के शूटर के रूप में कार्य करता था मतलब मुख्तार अंसारी के कहने पर ही वह किसी को भी शूट कर सकता था.

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कृष्णानन्दराय और अमित दीक्षित हत्याकाण्ड में भी था नाम

संजीव जीवा का आतंक यहीं नहीं थमा और धीरे-धीरे यूपी का एक और चर्चित हत्याकांड में इसका नाम शामिल हुआ 2005 में कृष्णानंद राय हत्याकांड में संजीव जीवा पर आरोप लगे थे लेकिन इस मामले में कोर्ट से बरी हो गया था ,फिर 2017 में संजीव जीवा पर आरोप लगा था कि उसने कारोबारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की हत्या की है.

इस मामले में जीवा सहित चार आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी तब से जीवा लखनऊ की जेल में था आज भी उसी मामले में सुनवाई के लिए उसे कोर्ट लाया गया था जहां जीवा की हत्या कर दी गई और जिसके बाद अपराध जगत में एक और कुख्यात अपराधी का खात्मा भी हो गया. इस हत्याकांड में आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है कि कोर्ट परिसर में इस तरह से कैसे उसने घटना को अंजाम दिया,फिलहाल यह तो पुलिस के लिए बड़ा सवाल है इसका जवाब भी कुछ दिन में आप सभी के सामने आ ही जायेगा.

07 Jun 2023 By Vishal Shukla

Gangster Sanjeev Jiva : 'जीवा' कैसे बना कंपाउंडर से गैंगस्टर,पश्चिमी यूपी में इस कुख्यात अपराधी की बोलती थी तूती-ऐसे हुआ अंत


हाईलाइट्स

  • कुख्यात अपराधी संजीव जीवा की दिनदहाड़े कोर्ट में गोली मारकर हत्या
  • 90 के दशक में जुर्म की दुनिया में रखा कदम,मुख़्तार का था दाहिना हाथ
  • कई चर्चित हत्याकांड में नाम रहा शामिल

Who was the notorious criminal of western UP Jeeva : पश्चिमी यूपी का कुख्यात अपराधी गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ संजीव जीवा जिसने अपना शुरुआती जीवन कंपाउंडर के रूप में शुरू किया था,एक दवाखाने में काम करते-करते कब वह जुर्म की दुनिया में पहुंच गया पता ही नहीं चला और देखते ही देखते 90 के दशक में कुख्यात अपराधियों की सूची में वह शामिल हो गया और अपराध जगत में बड़ा नाम बन गया, जेल में बंद मुख्तार अंसारी का दाहिना हाथ भी संजीव जीवा को कहा जाता है, खास तौर पर जीवा को मुख्तार अंसारी का शूटर कहे तो गलत नहीं होगा,

बुधवार 7 जून को संजीव जीवा लखनऊ की एक कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचा था उसी वक्त अधिवक्ता के भेष में आए एक हमलावर ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया जहां उसने दम तोड़ दिया इस हमले में एक महिला और एक बच्ची के भी घायल होने की जानकारी मिली है जिनका इलाज किया जा रहा है तो वही गोली ताबड़तोड़ गोलियां चलाने वाला हमलावर आरोपी विजय यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, आखिर क्यों मारा आरोपित से पूछताछ की जा रही है,हालांकि यह बड़ा सवाल एक बार फिर उठा है कि पुलिस अभिरक्षा में अपराधी की हत्या कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े कर दी गई.

ऐसे बना कंपाउंडर से अपराधी,मुख़्तार का दाहिना हाथ

वैसे तो उत्तर प्रदेश का पश्चिम क्षेत्र ज्यादातर कुख्यात अपराधियों और गैंगस्टर के लिए जाना जाता है ,कहा जाता है कि जुर्म का साम्राज्य पश्चिमी यूपी से होकर ही गुजरता है, जिसके बाद यह पूरे उत्तर प्रदेश में पैर पसार लेता है कुछ इसी तरह एक और कुख्यात अपराधी गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ संजीव जीवा जिसने पश्चिमी यूपी में अपना आतंक मचा रखा 90 के दशक में संजीव जीवा का नाम काफी चर्चा में आया क्योंकि 10 फरवरी 1997 को उसका नाम बीजेपी नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में सामने आया था इस मामले में संजीव को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी.पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अपराध जगत में जीवा के ऊपर 20 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए इनमें से कई मामलों में वह बरी हो चुका था,

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का रहने वाला संजीव जीवा जुर्म की दुनिया से पहले वह एक दवा खाने में कंपाउंडर के पद पर कार्य करता था धीरे-धीरे उसने पैसा वसूलना शुरू किया कुछ ही दिन बाद इसने अपने मालिक को भी अगवा किया और दो करोड़ रुपए की फिरौती भी मांगी थी जिसके बाद इसने जुर्म की दुनिया में कदम रखा और बाद में यह हरिद्वार के नाजिम गैंग में शामिल हुआ और फिर सत्येंद्र बरनाला के साथ जुड़ गया ,जीवा का कुछ और ही बड़ा करने का इरादा था वो अपना अलग गैंग खड़ा करना चाह रहा था,

धीरे-धीरे अपराध जगत में एक नाम और जुड़ गया था संजीव जीवा जिसकी गैंग में 30 से 35 लोग शामिल थे, जिसके बाद उसने पीछे मुड़कर नही देखा और कई कुख्यात अपराधियों से संपर्क किया और उनके साथ मिलकर उसने कई बड़े अपराध भी किए, कुछ ही दिन बाद जीवा का संपर्क डॉन मुख्तार अंसारी से भी हुआ ऐसा कहा जाता है कि जीवा मुख्तार अंसारी के शूटर के रूप में कार्य करता था मतलब मुख्तार अंसारी के कहने पर ही वह किसी को भी शूट कर सकता था.

कृष्णानन्दराय और अमित दीक्षित हत्याकाण्ड में भी था नाम

संजीव जीवा का आतंक यहीं नहीं थमा और धीरे-धीरे यूपी का एक और चर्चित हत्याकांड में इसका नाम शामिल हुआ 2005 में कृष्णानंद राय हत्याकांड में संजीव जीवा पर आरोप लगे थे लेकिन इस मामले में कोर्ट से बरी हो गया था ,फिर 2017 में संजीव जीवा पर आरोप लगा था कि उसने कारोबारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की हत्या की है.

इस मामले में जीवा सहित चार आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी तब से जीवा लखनऊ की जेल में था आज भी उसी मामले में सुनवाई के लिए उसे कोर्ट लाया गया था जहां जीवा की हत्या कर दी गई और जिसके बाद अपराध जगत में एक और कुख्यात अपराधी का खात्मा भी हो गया. इस हत्याकांड में आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है कि कोर्ट परिसर में इस तरह से कैसे उसने घटना को अंजाम दिया,फिलहाल यह तो पुलिस के लिए बड़ा सवाल है इसका जवाब भी कुछ दिन में आप सभी के सामने आ ही जायेगा.

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