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कौन हैं निधि तिवारी? बनारस की गलियों से निकलकर पीएम मोदी की सबसे करीबी अफसर बनने तक की कहानी

कौन हैं निधि तिवारी? बनारस की गलियों से निकलकर पीएम मोदी की सबसे करीबी अफसर बनने तक की कहानी
पीएम मोदी की निजी सचिव बनी बनारस की बेटी निधि तिवारी: Image Credit Original Source

Nidhi Tiwari Biography In Hindi

वाराणसी (Varanasi) की गलियों से निकलकर प्रधानमंत्री मोदी (Narendra Modi) की निजी सचिव बनने तक का सफर तय करने वाली निधि तिवारी (Nidhi Tiwari) की कहानी संघर्ष, संकल्प और सफलता की मिसाल है. UPSC में 96वीं रैंक हासिल कर विदेश मंत्रालय से पीएमओ तक का सफर तय करने वाली निधि आज देश की नीतियों में अहम भूमिका निभा रही हैं.

Who Is Nidhi Tiwari: बनारस की संकरी गलियों में बचपन बिताने वाली निधि तिवारी ने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन वह देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की निजी सचिव बनेंगी. लेकिन उनके संकल्प और मेहनत ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसला बुलंद हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती.

भारत सरकार ने 2014 बैच की भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी निधि तिवारी को प्रधानमंत्री मोदी का निजी सचिव नियुक्त किया है. उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे बनारस और उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है.

बनारस से दिल्ली तक: एक सपना जो हकीकत बन गया

वाराणसी (Varanasi) के महमूरगंज की रहने वाली निधि तिवारी (Nidhi Tiwari) का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. बनारस की गलियों में खेलते हुए, घाटों पर शाम की आरती देखते हुए, शायद उन्होंने कभी सोचा होगा कि एक दिन वे देश की नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगी.

उन्होंने 2013 में यूपीएससी परीक्षा में 96वीं रैंक हासिल की थी. परीक्षा की तैयारी के दौरान भी वे हार नहीं मानीं और वाराणसी में असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) के रूप में काम किया. उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी मुश्किल आपको रोक नहीं सकती.

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मोदी और वाराणसी का रिश्ता–निधि तिवारी एक नई कड़ी

2014 में जब नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) वाराणसी से सांसद बने, तब उन्होंने कहा था, "मैं यहां मां गंगा के बुलावे पर आया हूं" और आज, उसी वाराणसी की एक बेटी उनकी सबसे करीबी अफसरों में से एक बन गई है. यह सिर्फ एक संयोग नहीं, बल्कि बनारस और पीएम मोदी के रिश्ते को और गहरा करने वाली एक ऐतिहासिक घटना है.

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निधि तिवारी की उपलब्धियां और नई जिम्मेदारी

विदेश मंत्रालय (MEA) में रहते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में काम किया और सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को रिपोर्ट किया. उनकी विशेषज्ञता विदेश मामलों, सुरक्षा नीति और परमाणु ऊर्जा जैसे अहम विषयों में है. भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

Read More: UP Cabinet का मास्टरस्ट्रोक: शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी, सरकार की लगी मोहर, मई से मिलेगा मानदेय

अब, प्रधानमंत्री के निजी सचिव के रूप में, निधि तिवारी को देश की नीतिगत फैसलों के केंद्र में रहने का अवसर मिलेगा. पीएमओ में उनकी यह भूमिका भारत की विदेश नीति और प्रशासनिक फैसलों को नई दिशा दे सकती है. 

बनारस की बेटियों के लिए एक मिसाल

निधि तिवारी (Nidhi Tiwari) की यह सफलता सिर्फ उनका व्यक्तिगत सफर नहीं, बल्कि उन हजारों बेटियों के लिए एक प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखती हैं.

बनारस से निकलकर पीएमओ (PMO) तक पहुंचने का यह सफर यह साबित करता है कि अगर मेहनत और लगन हो, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती. आज जब बनारस में यह खबर गूंज रही होगी, तो जरूर कोई और निधि तिवारी अपने सपनों को नई उड़ान देने के लिए तैयार हो रही होगी.

31 Mar 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

कौन हैं निधि तिवारी? बनारस की गलियों से निकलकर पीएम मोदी की सबसे करीबी अफसर बनने तक की कहानी

Nidhi Tiwari Biography In Hindi

Who Is Nidhi Tiwari: बनारस की संकरी गलियों में बचपन बिताने वाली निधि तिवारी ने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन वह देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की निजी सचिव बनेंगी. लेकिन उनके संकल्प और मेहनत ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसला बुलंद हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती.

भारत सरकार ने 2014 बैच की भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी निधि तिवारी को प्रधानमंत्री मोदी का निजी सचिव नियुक्त किया है. उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे बनारस और उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है.

बनारस से दिल्ली तक: एक सपना जो हकीकत बन गया

वाराणसी (Varanasi) के महमूरगंज की रहने वाली निधि तिवारी (Nidhi Tiwari) का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. बनारस की गलियों में खेलते हुए, घाटों पर शाम की आरती देखते हुए, शायद उन्होंने कभी सोचा होगा कि एक दिन वे देश की नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगी.

उन्होंने 2013 में यूपीएससी परीक्षा में 96वीं रैंक हासिल की थी. परीक्षा की तैयारी के दौरान भी वे हार नहीं मानीं और वाराणसी में असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) के रूप में काम किया. उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी मुश्किल आपको रोक नहीं सकती.

मोदी और वाराणसी का रिश्ता–निधि तिवारी एक नई कड़ी

2014 में जब नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) वाराणसी से सांसद बने, तब उन्होंने कहा था, "मैं यहां मां गंगा के बुलावे पर आया हूं" और आज, उसी वाराणसी की एक बेटी उनकी सबसे करीबी अफसरों में से एक बन गई है. यह सिर्फ एक संयोग नहीं, बल्कि बनारस और पीएम मोदी के रिश्ते को और गहरा करने वाली एक ऐतिहासिक घटना है.

निधि तिवारी की उपलब्धियां और नई जिम्मेदारी

विदेश मंत्रालय (MEA) में रहते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में काम किया और सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को रिपोर्ट किया. उनकी विशेषज्ञता विदेश मामलों, सुरक्षा नीति और परमाणु ऊर्जा जैसे अहम विषयों में है. भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

अब, प्रधानमंत्री के निजी सचिव के रूप में, निधि तिवारी को देश की नीतिगत फैसलों के केंद्र में रहने का अवसर मिलेगा. पीएमओ में उनकी यह भूमिका भारत की विदेश नीति और प्रशासनिक फैसलों को नई दिशा दे सकती है. 

बनारस की बेटियों के लिए एक मिसाल

निधि तिवारी (Nidhi Tiwari) की यह सफलता सिर्फ उनका व्यक्तिगत सफर नहीं, बल्कि उन हजारों बेटियों के लिए एक प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखती हैं.

बनारस से निकलकर पीएमओ (PMO) तक पहुंचने का यह सफर यह साबित करता है कि अगर मेहनत और लगन हो, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती. आज जब बनारस में यह खबर गूंज रही होगी, तो जरूर कोई और निधि तिवारी अपने सपनों को नई उड़ान देने के लिए तैयार हो रही होगी.

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