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Uttar Pradesh: यूपी में ग्राम प्रधानों पर अब फर्जी शिकायत पर दर्ज होगा मुकदमा ! शासन ने जारी किया आदेश, जानिए पूरा मामला

Uttar Pradesh: यूपी में ग्राम प्रधानों पर अब फर्जी शिकायत पर दर्ज होगा मुकदमा ! शासन ने जारी किया आदेश, जानिए पूरा मामला
यूपी में ग्राम प्रधानों पर फर्जी शिकायत पर होगी कानूनी कार्रवाई (प्रतीकात्मक फोटो): Image Credit Original Source

UP News In Hindi

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) शासन ने ग्राम प्रधानों के खिलाफ फर्जी और अनावश्यक शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब सिर्फ ग्रामसभा का निवासी ही शिकायत कर सकेगा और उसके साथ हलफनामा देना अनिवार्य होगा. बाहरियों की शिकायतों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. फर्जी शिकायत पाए जाने पर शिकायतकर्ता पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

UP Gram Pradhan News: यूपी में ग्राम प्रधानों के खिलाफ बढ़ती झूठी और आधारहीन शिकायतों की संख्या को देखते हुए शासन ने अब बड़ा फैसला लिया है. नए निर्देशों के तहत अब कोई भी व्यक्ति बिना हलफनामे के शिकायत नहीं कर सकेगा और ग्रामसभा का निवासी होना अनिवार्य होगा. इस आदेश के बाद प्रधानों को रोज-रोज की अनावश्यक जांच और मानसिक दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है.

शासन के आदेश से प्रधानों को मिली बड़ी राहत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पंचायती राज निदेशालय ने ग्राम प्रधानों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. अब तक प्रधानों के खिलाफ सैकड़ों शिकायतें हर महीने ब्लॉक और जिला स्तर तक पहुंचती थीं. इनमें से कई शिकायतें ग्रामसभा के बाहरी लोगों द्वारा भी की जाती थीं.

इससे न सिर्फ प्रधानों को मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ता था, बल्कि जांच अधिकारी भी बार-बार इन मामलों में उलझते रहते थे. ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय द्वारा की गई शिकायत के बाद शासन ने यह अहम निर्णय लिया है, जिससे ग्राम स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलेगी.

अब शिकायत के साथ देना होगा शपथ पत्र

नए आदेश के तहत अब कोई भी व्यक्ति ग्राम प्रधान के खिलाफ तभी शिकायत दर्ज करा सकेगा जब वह ग्रामसभा का निवासी हो और साथ में एक शपथ पत्र (हलफनामा) भी संलग्न करे.

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बिना हलफनामे के शिकायत स्वीकार नहीं की जाएगी. इस कदम से झूठी और दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर स्वत: रोक लगेगी. इससे सरकारी तंत्र का समय भी बचेगा और वास्तविक शिकायतों पर ही ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा.

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फर्जी शिकायत पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

निदेशक पंचायती राज द्वारा जारी किए गए आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई शिकायत फर्जी पाई जाती है तो शिकायतकर्ता पर सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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अब शिकायत करना पहले जैसा आसान नहीं होगा. इस फैसले से उन लोगों पर भी अंकुश लगेगा जो व्यक्तिगत दुश्मनी या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते प्रधानों को बदनाम करने की नीयत से शिकायत करते थे.

बाहरियों की शिकायतों पर पूरी तरह से रोक

शासन ने इस नए आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि ग्रामसभा के बाहर का व्यक्ति अब ग्राम प्रधान के खिलाफ कोई शिकायत नहीं कर सकेगा. इससे उन लोगों पर भी लगाम लगेगी जो गांव से बाहर रहकर प्रधानों के कार्य में अनावश्यक हस्तक्षेप करते थे. यह नियम ग्राम पंचायतों की स्वायत्तता को और सुदृढ़ करेगा और स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र की मजबूती में सहायक होगा.

प्रधानों ने फैसले को बताया ऐतिहासिक और स्वागत योग्य

प्रदेश भर के ग्राम प्रधानों ने शासन के इस फैसले का स्वागत किया है. ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह आदेश प्रधानों की गरिमा और आत्मसम्मान को बचाने वाला है.

लंबे समय से प्रधान इस प्रकार की शिकायतों से परेशान थे और काम के बजाय अपना समय सफाई देने में जाया कर रहे थे. अब उन्हें शासन से न्याय मिला है और वे निश्चिंत होकर विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे.

03 Aug 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

Uttar Pradesh: यूपी में ग्राम प्रधानों पर अब फर्जी शिकायत पर दर्ज होगा मुकदमा ! शासन ने जारी किया आदेश, जानिए पूरा मामला

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UP Gram Pradhan News: यूपी में ग्राम प्रधानों के खिलाफ बढ़ती झूठी और आधारहीन शिकायतों की संख्या को देखते हुए शासन ने अब बड़ा फैसला लिया है. नए निर्देशों के तहत अब कोई भी व्यक्ति बिना हलफनामे के शिकायत नहीं कर सकेगा और ग्रामसभा का निवासी होना अनिवार्य होगा. इस आदेश के बाद प्रधानों को रोज-रोज की अनावश्यक जांच और मानसिक दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है.

शासन के आदेश से प्रधानों को मिली बड़ी राहत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पंचायती राज निदेशालय ने ग्राम प्रधानों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. अब तक प्रधानों के खिलाफ सैकड़ों शिकायतें हर महीने ब्लॉक और जिला स्तर तक पहुंचती थीं. इनमें से कई शिकायतें ग्रामसभा के बाहरी लोगों द्वारा भी की जाती थीं.

इससे न सिर्फ प्रधानों को मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ता था, बल्कि जांच अधिकारी भी बार-बार इन मामलों में उलझते रहते थे. ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय द्वारा की गई शिकायत के बाद शासन ने यह अहम निर्णय लिया है, जिससे ग्राम स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलेगी.

अब शिकायत के साथ देना होगा शपथ पत्र

नए आदेश के तहत अब कोई भी व्यक्ति ग्राम प्रधान के खिलाफ तभी शिकायत दर्ज करा सकेगा जब वह ग्रामसभा का निवासी हो और साथ में एक शपथ पत्र (हलफनामा) भी संलग्न करे.

बिना हलफनामे के शिकायत स्वीकार नहीं की जाएगी. इस कदम से झूठी और दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर स्वत: रोक लगेगी. इससे सरकारी तंत्र का समय भी बचेगा और वास्तविक शिकायतों पर ही ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा.

फर्जी शिकायत पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

निदेशक पंचायती राज द्वारा जारी किए गए आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई शिकायत फर्जी पाई जाती है तो शिकायतकर्ता पर सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

अब शिकायत करना पहले जैसा आसान नहीं होगा. इस फैसले से उन लोगों पर भी अंकुश लगेगा जो व्यक्तिगत दुश्मनी या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते प्रधानों को बदनाम करने की नीयत से शिकायत करते थे.

बाहरियों की शिकायतों पर पूरी तरह से रोक

शासन ने इस नए आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि ग्रामसभा के बाहर का व्यक्ति अब ग्राम प्रधान के खिलाफ कोई शिकायत नहीं कर सकेगा. इससे उन लोगों पर भी लगाम लगेगी जो गांव से बाहर रहकर प्रधानों के कार्य में अनावश्यक हस्तक्षेप करते थे. यह नियम ग्राम पंचायतों की स्वायत्तता को और सुदृढ़ करेगा और स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र की मजबूती में सहायक होगा.

प्रधानों ने फैसले को बताया ऐतिहासिक और स्वागत योग्य

प्रदेश भर के ग्राम प्रधानों ने शासन के इस फैसले का स्वागत किया है. ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह आदेश प्रधानों की गरिमा और आत्मसम्मान को बचाने वाला है.

लंबे समय से प्रधान इस प्रकार की शिकायतों से परेशान थे और काम के बजाय अपना समय सफाई देने में जाया कर रहे थे. अब उन्हें शासन से न्याय मिला है और वे निश्चिंत होकर विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे.

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