बाराबंकी के SRMU में लाठीचार्ज कांड: ABVP ने खोला मोर्चा, क्या चलेगा शिक्षा माफियाओं पर बुलडोजर?
Barabanki SRMU Buldozer Action
बाराबंकी के श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU) में विधि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज ने बवाल खड़ा कर दिया है. घटना में दो दर्जन छात्र घायल हुए, जिसके बाद ABVP ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. संगठन ने 48 घंटे में दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने CO सिटी को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं.
Barabnki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित श्रीरामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU) में सोमवार को हुए लाठीचार्ज की घटना ने तूल पकड़ लिया है. पुलिस कार्रवाई में करीब दो दर्जन छात्र घायल हुए, जिनमें से कई को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीएम योगी से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच भड़का विवाद
सोमवार को SRMU परिसर में विधि (LLB) छात्रों का आंदोलन चल रहा था. छात्रों का आरोप है कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के इशारे पर बाहरी गुंडों ने हमला किया. इसके बाद पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया. इस बर्बर कार्रवाई में लगभग दो दर्जन छात्र घायल हुए, जिनमें कई को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. घटना के बाद से परिसर में तनाव का माहौल है और छात्रों में आक्रोश साफ देखा जा सकता है.
ABVP का आरोप: लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन
ABVP ने गुरुवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की निंदा की. संगठन के राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला ने कहा कि यह हमला छात्रों की आवाज दबाने की साजिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने मिलकर छात्रों पर अत्याचार किया है. अंकित शुक्ला ने सीएम योगी आदित्यनाथ से 48 घंटे में दोषियों पर कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर ABVP पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेगा.
अवैध विधि पाठ्यक्रम विवाद की जड़
इस पूरे विवाद का एक बड़ा कारण विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विधि पाठ्यक्रम है. छात्रों ने आरोप लगाया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से 2021 में मान्यता समाप्त होने के बावजूद विश्वविद्यालय ने LLB, BA LLB और BBA LLB में दाखिले लिए और कक्षाएं चलाईं. बुधवार को BCI ने प्रोविजनल अनुमति दी, जिसे ABVP ने इस बात का सबूत बताया कि अब तक यह पाठ्यक्रम अवैध था. संगठन ने उच्च स्तरीय जांच और विश्वविद्यालय को बंद करने की मांग की है.
अवैध कब्जा और बुलडोजर की मांग
ABVP ने विश्वविद्यालय पर शिक्षा माफिया होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रबंधन ने 6 बीघे सरकारी जमीन (तालाब, नाली, चकमार्ग और बंजर भूमि) पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराया है. तहसीलदार कोर्ट ने इस कब्जे पर 27.96 लाख रुपये का जुर्माना और 15 दिन में अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था. अंकित शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री जब अपराधियों और माफियाओं पर बुलडोजर चला सकते हैं, तो शिक्षा माफियाओं पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
योगी सरकार की सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की. CO सिटी हर्षित चौहान को निलंबित कर दिया गया है. वहीं नगर कोतवाली प्रभारी आरके राणा और गदिया चौकी की पूरी पुलिस टीम को लाइन हाजिर कर दिया गया है. अयोध्या रेंज के IG प्रवीण कुमार को घटना की जांच का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि अयोध्या मंडलायुक्त विश्वविद्यालय की डिग्री की वैधता की जांच करेंगे. इसके अलावा, उच्च शिक्षा परिषद के अपर सचिव डॉ. दिनेश सिंह की तहरीर पर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
बाराबंकी के SRMU में लाठीचार्ज कांड: ABVP ने खोला मोर्चा, क्या चलेगा शिक्षा माफियाओं पर बुलडोजर?
Barabanki SRMU Buldozer Action
Barabnki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित श्रीरामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU) में सोमवार को हुए लाठीचार्ज की घटना ने तूल पकड़ लिया है. पुलिस कार्रवाई में करीब दो दर्जन छात्र घायल हुए, जिनमें से कई को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीएम योगी से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच भड़का विवाद
सोमवार को SRMU परिसर में विधि (LLB) छात्रों का आंदोलन चल रहा था. छात्रों का आरोप है कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के इशारे पर बाहरी गुंडों ने हमला किया. इसके बाद पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया. इस बर्बर कार्रवाई में लगभग दो दर्जन छात्र घायल हुए, जिनमें कई को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. घटना के बाद से परिसर में तनाव का माहौल है और छात्रों में आक्रोश साफ देखा जा सकता है.
ABVP का आरोप: लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन
ABVP ने गुरुवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना की निंदा की. संगठन के राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला ने कहा कि यह हमला छात्रों की आवाज दबाने की साजिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने मिलकर छात्रों पर अत्याचार किया है. अंकित शुक्ला ने सीएम योगी आदित्यनाथ से 48 घंटे में दोषियों पर कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर ABVP पूरे प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेगा.
अवैध विधि पाठ्यक्रम विवाद की जड़
इस पूरे विवाद का एक बड़ा कारण विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विधि पाठ्यक्रम है. छात्रों ने आरोप लगाया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से 2021 में मान्यता समाप्त होने के बावजूद विश्वविद्यालय ने LLB, BA LLB और BBA LLB में दाखिले लिए और कक्षाएं चलाईं. बुधवार को BCI ने प्रोविजनल अनुमति दी, जिसे ABVP ने इस बात का सबूत बताया कि अब तक यह पाठ्यक्रम अवैध था. संगठन ने उच्च स्तरीय जांच और विश्वविद्यालय को बंद करने की मांग की है.
अवैध कब्जा और बुलडोजर की मांग
ABVP ने विश्वविद्यालय पर शिक्षा माफिया होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रबंधन ने 6 बीघे सरकारी जमीन (तालाब, नाली, चकमार्ग और बंजर भूमि) पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराया है. तहसीलदार कोर्ट ने इस कब्जे पर 27.96 लाख रुपये का जुर्माना और 15 दिन में अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था. अंकित शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री जब अपराधियों और माफियाओं पर बुलडोजर चला सकते हैं, तो शिक्षा माफियाओं पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
योगी सरकार की सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की. CO सिटी हर्षित चौहान को निलंबित कर दिया गया है. वहीं नगर कोतवाली प्रभारी आरके राणा और गदिया चौकी की पूरी पुलिस टीम को लाइन हाजिर कर दिया गया है. अयोध्या रेंज के IG प्रवीण कुमार को घटना की जांच का जिम्मा सौंपा गया है, जबकि अयोध्या मंडलायुक्त विश्वविद्यालय की डिग्री की वैधता की जांच करेंगे. इसके अलावा, उच्च शिक्षा परिषद के अपर सचिव डॉ. दिनेश सिंह की तहरीर पर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.