
Fatehpur News: फतेहपुर में पटाखा बनाते समय भीषण विस्फोट ! महिला के उड़े चीथड़े, 150 मीटर दूर जा गिरा हाथ
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के हथगाम कस्बे में शनिवार को दिवाली के लिए पटाखे तैयार करते समय एक घर में जोरदार विस्फोट हो गया. हादसे में 48 वर्षीय महिला नसरीन बानो की दर्दनाक मौत हो गई. धमाका इतना शक्तिशाली था कि महिला का एक हाथ करीब 150 मीटर दूर जा गिरा. घर की छत में बड़ा गड्ढा हो गया और आसपास के मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा.
Fatehpur News: हथगाम थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर मोहल्ले में शनिवार शाम दिवाली से पहले पटाखे बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया. मोहम्मद रफी अहमद के घर में हुए धमाके की चपेट में आने से उनकी 48 वर्षीय पत्नी नसरीन बानो की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. विस्फोट की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महिला के शरीर के अंग दूर-दूर तक जा गिरे.
पटाखा निर्माण के दौरान घर में हुआ जोरदार धमाका

शनिवार शाम करीब साढ़े तीन बजे मोहम्मद रफी अहमद अपने दोनों बेटों शाहबे आलम और निशाद के साथ घर से बाहर थे. उनकी दोनों बेटियां दरवाजे पर बैठी थीं, जबकि पत्नी नसरीन बानो घर के अंदर मौजूद थीं.

150 मीटर दूर जा गिरा महिला का हाथ, छत पर मिला धड़ का हिस्सा



एक किलोमीटर तक सुनाई दी धमाके की आवाज
धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. आसपास के लोग तेज आवाज सुनकर सहम गए और घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े.

एसडीएम और एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
भीषण विस्फोट की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे. एसडीएम अश्वनी पांडेय, पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक और नायब तहसीलदार अमरेश कुमार ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया.
अधिकारियों को मकान के अंदर और छत पर बारूद तथा पटाखे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बिखरी मिली. पुलिस ने परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई.
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पीड़ित परिवार से जानकारी लेकर विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है. जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.
पांच साल पहले भी पटाखों के विस्फोट में झुलस गया था बेटा
इस घटना के बाद परिवार की पुरानी लापरवाही का मामला भी सामने आया है. बताया जा रहा है कि करीब पांच वर्ष पहले इसी परिवार के एक बेटे की दुकान पर पटाखों में विस्फोट हो गया था. उस हादसे में बेटा गंभीर रूप से झुलस गया था और उसके इलाज में परिवार को काफी पैसा खर्च करना पड़ा था.
इसके बावजूद परिवार ने उस घटना से सबक नहीं लिया. घर में बारूद और आतिशबाजी तैयार करने का सामान रखा जाता रहा. अब दिवाली से पहले हुए इस भीषण विस्फोट ने एक महिला की जान ले ली और परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया.
