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Fatehpur News: गज़ब मामला! 26 साल तक फर्जी नौकरी करता रहा शख्स, महाप्रबंधक से रिटायर-ऐसे हुआ बड़ा खुलासा

Fatehpur News: गज़ब मामला! 26 साल तक फर्जी नौकरी करता रहा शख्स, महाप्रबंधक से रिटायर-ऐसे हुआ बड़ा खुलासा
फतेहपुर में फर्जी नौकरी के चलते तीन पर मुकदमा (प्रतीकात्मक फोटो): Image Credit Original Source

Fatehpur News In Hindi

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Fatehpur) में 26 साल पहले मर चुके एक व्यक्ति की पहचान पर उसके भाई ने सहकारिता विभाग में नौकरी कर ली और महाप्रबंधक पद से रिटायर भी हो गया. RTI से खुलासा होने पर मृतक की पत्नी समेत तीन लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है

Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि 26 साल पहले मृत घोषित एक व्यक्ति की पहचान पर उसका सगा भाई सरकारी नौकरी करता रहा और महाप्रबंधक के पद से रिटायर हो गया.

हैरानी वाली बात ये रही की मृतक की पत्नी भी पेंशन का लाभ ले रही थी. यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब परिवार के ही एक अन्य भाई ने आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी और अधिकारियों को इसकी शिकायत की. पुलिस ने इस प्रकरण में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.

1997 में हो गई थी दिनेश कुमार शुक्ला की मौत

जानकारी के अनुसार, दिनेश कुमार शुक्ला, मूल रूप से फतेहपुर के बकेवर थाना क्षेत्र के डारी खुर्द गांव के निवासी थे. वे दिल्ली के शीलमपुर फेस-3 स्थित नगर निगम के एक स्कूल में शिक्षक थे और 20 अप्रैल 1993 को रिटायर हुए थे.

रिटायरमेंट के बाद उन्होंने लोअर सबऑर्डिनेट सेवा परीक्षा पास की थी और सहकारिता विभाग में सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) के पद पर उनका चयन भी हो गया था. लेकिन 25 अप्रैल 1997 को उनकी मृत्यु हो गई, जिससे वे नौकरी जॉइन नहीं कर सके.

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भाई ने अपनाई मृतक की पहचान, 26 साल तक की नौकरी

आरोप है कि दिनेश कुमार के तीसरे नंबर के भाई नरेश कुमार शुक्ला ने उनकी मृत्यु के बाद उनके नाम पर सहकारिता विभाग में नौकरी कर ली. उन्हें 10 जुलाई 1997 को प्रयागराज स्थित निबंधक सहकारी समितियों के कार्यालय में एडीओ पद पर नियुक्ति मिली. इस पूरे घटनाक्रम में नरेश के छोटे भाई कैलाश नारायण ने उनकी मदद की.

Read More: Fatehpur News: फतेहपुर में नाला सिल्ट सफाई के लिए लाखों का भ्रष्टाचार! सभासद ने डीएम को सौंपे सबूत, जांच की मांग

नरेश कुमार ने न केवल नौकरी हासिल की, बल्कि विभाग में कार्य करते हुए पदोन्नति भी पाई और वर्ष 2023 में महाप्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हो गए. इस दौरान मृतक दिनेश कुमार की पत्नी अनुसुइया को भी पेंशन मिलती रही.

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भाई ने उठाई आवाज़, RTI से सामने आया मामला

दिनेश कुमार के दूसरे नंबर के भाई मुकेश कुमार शुक्ला को पूरे मामले पर संदेह हुआ. उन्होंने वर्ष 2021 में सूचना के अधिकार (RTI) कानून के तहत संबंधित विभागों से दस्तावेज़ मंगाए. इनमें मृतक की पत्नी को मिलने वाली पेंशन, नौकरी का अपॉइंटमेंट लेटर, बैंक कागजात और अन्य अहम फाइलें शामिल थीं. दस्तावेजों की गहन जांच के बाद मुकेश ने तत्कालीन जिलाधिकारी को इस बारे में लिखित शिकायत दी.

जांच में सामने आया कि नरेश कुमार ने मृत भाई की पहचान पर नौकरी की थी, जिसे विभागीय स्तर पर सत्यापित भी नहीं किया गया था. इसके बाद जिलाधिकारी ने नरेश को निलंबित कर दिया.

हाई कोर्ट से मिली राहत, फिर से बहाल होकर हुए रिटायर

नरेश कुमार ने निलंबन के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की. अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर निलंबन को रद्द करते हुए उन्हें बहाल कर दिया. इसके बाद नरेश ने अपने पद पर कार्य जारी रखा और वर्ष 2023 में महाप्रबंधक पद से रिटायर हुए. इस दौरान न तो विभागीय स्तर पर कोई विस्तृत जांच की गई, न ही मृतक की पत्नी को मिलने वाली पेंशन की सत्यता पर सवाल उठाया गया.

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, तीन लोग आरोपी

जांच के बाद बिंदकी एडीओ सहकारी रामायण यादव की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. थाना प्रभारी एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी नरेश कुमार शुक्ला, मृतक की पत्नी अनुसुइया शुक्ला और कैलाश नारायण शुक्ला के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस पंजीकृत किया गया है. मामले की जांच की जा रही है और सभी दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि की जा रही है.

20 Apr 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

Fatehpur News: गज़ब मामला! 26 साल तक फर्जी नौकरी करता रहा शख्स, महाप्रबंधक से रिटायर-ऐसे हुआ बड़ा खुलासा

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Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि 26 साल पहले मृत घोषित एक व्यक्ति की पहचान पर उसका सगा भाई सरकारी नौकरी करता रहा और महाप्रबंधक के पद से रिटायर हो गया.

हैरानी वाली बात ये रही की मृतक की पत्नी भी पेंशन का लाभ ले रही थी. यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब परिवार के ही एक अन्य भाई ने आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी और अधिकारियों को इसकी शिकायत की. पुलिस ने इस प्रकरण में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.

1997 में हो गई थी दिनेश कुमार शुक्ला की मौत

जानकारी के अनुसार, दिनेश कुमार शुक्ला, मूल रूप से फतेहपुर के बकेवर थाना क्षेत्र के डारी खुर्द गांव के निवासी थे. वे दिल्ली के शीलमपुर फेस-3 स्थित नगर निगम के एक स्कूल में शिक्षक थे और 20 अप्रैल 1993 को रिटायर हुए थे.

रिटायरमेंट के बाद उन्होंने लोअर सबऑर्डिनेट सेवा परीक्षा पास की थी और सहकारिता विभाग में सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) के पद पर उनका चयन भी हो गया था. लेकिन 25 अप्रैल 1997 को उनकी मृत्यु हो गई, जिससे वे नौकरी जॉइन नहीं कर सके.

भाई ने अपनाई मृतक की पहचान, 26 साल तक की नौकरी

आरोप है कि दिनेश कुमार के तीसरे नंबर के भाई नरेश कुमार शुक्ला ने उनकी मृत्यु के बाद उनके नाम पर सहकारिता विभाग में नौकरी कर ली. उन्हें 10 जुलाई 1997 को प्रयागराज स्थित निबंधक सहकारी समितियों के कार्यालय में एडीओ पद पर नियुक्ति मिली. इस पूरे घटनाक्रम में नरेश के छोटे भाई कैलाश नारायण ने उनकी मदद की.

नरेश कुमार ने न केवल नौकरी हासिल की, बल्कि विभाग में कार्य करते हुए पदोन्नति भी पाई और वर्ष 2023 में महाप्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हो गए. इस दौरान मृतक दिनेश कुमार की पत्नी अनुसुइया को भी पेंशन मिलती रही.

भाई ने उठाई आवाज़, RTI से सामने आया मामला

दिनेश कुमार के दूसरे नंबर के भाई मुकेश कुमार शुक्ला को पूरे मामले पर संदेह हुआ. उन्होंने वर्ष 2021 में सूचना के अधिकार (RTI) कानून के तहत संबंधित विभागों से दस्तावेज़ मंगाए. इनमें मृतक की पत्नी को मिलने वाली पेंशन, नौकरी का अपॉइंटमेंट लेटर, बैंक कागजात और अन्य अहम फाइलें शामिल थीं. दस्तावेजों की गहन जांच के बाद मुकेश ने तत्कालीन जिलाधिकारी को इस बारे में लिखित शिकायत दी.

जांच में सामने आया कि नरेश कुमार ने मृत भाई की पहचान पर नौकरी की थी, जिसे विभागीय स्तर पर सत्यापित भी नहीं किया गया था. इसके बाद जिलाधिकारी ने नरेश को निलंबित कर दिया.

हाई कोर्ट से मिली राहत, फिर से बहाल होकर हुए रिटायर

नरेश कुमार ने निलंबन के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की. अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर निलंबन को रद्द करते हुए उन्हें बहाल कर दिया. इसके बाद नरेश ने अपने पद पर कार्य जारी रखा और वर्ष 2023 में महाप्रबंधक पद से रिटायर हुए. इस दौरान न तो विभागीय स्तर पर कोई विस्तृत जांच की गई, न ही मृतक की पत्नी को मिलने वाली पेंशन की सत्यता पर सवाल उठाया गया.

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, तीन लोग आरोपी

जांच के बाद बिंदकी एडीओ सहकारी रामायण यादव की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. थाना प्रभारी एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी नरेश कुमार शुक्ला, मृतक की पत्नी अनुसुइया शुक्ला और कैलाश नारायण शुक्ला के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस पंजीकृत किया गया है. मामले की जांच की जा रही है और सभी दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि की जा रही है.

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