
फर्रुखाबाद:बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री के नाम पर बाँट दिए गए सड़े आलू..डीएम भी थे मौजूद.!
यूपी के फर्रुखाबाद में बाढ़ के कहर से परेशान सड़क किनारे रह रहे पीड़ितों को राहत सामग्री के नाम पर सड़े आलू बाँट दिए गए..पढ़ें पूरी खबर युगान्तर प्रवाह पर..
फर्रुखाबाद:बाढ़ पीड़ितों को बांटी गई राहत सामाग्री में सड़े आलू बांट दिए गए।पीड़ितों का गुस्सा फूट पड़ा उन्होंने आलू सड़क पर रख इसका विरोध किया।

पालीथीन छा कर सड़क किनारे रहने को मजबूर बाढ़ पीड़ितों को बुधवार को जिला अधिकारी फर्रुखाबाद मानवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में प्रशासन द्वारा राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई थी।लेक़िन इस राहत समाग्री में सड़े आलू पीड़ितों को दिये गए जिस पर पीड़ितों ने नाराजगी जताते हुए उप जिला अधिकारी क़ायमगंज के सामने आलू का पैकेट पटक दिया।हंगामा बढ़ता देख एसडीएम क़ायमगंज ने राजस्व निरीक्षक से बाढ़ पीड़ितों को अच्छा आलू उपलब्ध कराए जाने का आदेश दिया।

जानकारी के अनुसार गंगा कटरी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बाढ़ का कहर जारी है जिसके चलते बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण घरों को छोड़ शमशाबाद शहजानपुर मार्ग के किनारे एक लंबे समय से डेरा जमा कर जीवन यापन कर हैं


जिला अधिकारी फर्रुखाबाद ने बाढ़ पीड़ित क्षेत्र सामोचीपुर चितार के बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनी बाढ़ पीड़ितों ने जिला अधिकारी फर्रुखाबाद को बताया यहां पिछले कई दिनों से संक्रामक बीमारियों का प्रकोप फैला हुआ है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम जानकारी के बावजूद भी नहीं आ रही है जिस पर डीएम ने अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देकर हर संभव स्वास्थ्य टीम को मौके पर भेजकर जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराए जाने के आदेश दिए उधर ढाई घाट शमशाबाद सदा शहजानपुर मार्ग के किनारे खुले आसमान के नीचे डेरा जमाने वाले बाढ़ पीड़ितों ने जिलाधिकारी को बताया इस वक्त उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और सिर पर कड़ी धूप से बचने के लिए पॉलिथीन भी नहीं है उन्हें पॉलीथिन उपलब्ध कराई जाए।
ये भी पढें-NEET JEE Exam 2020:गुरुवार से छात्रों का धरना..चौतरफ़ा घिरी सरकार..!
जिस पर डीएम ने मौके पर मौजूद सभी अधीनस्थ अधिकारियों से बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान करने तथा झोपड़ी बनाने के लिए पन्नी जल्द उपलब्ध जाए जाने का आदेश दिया इस दौरान डीएम ने बताया कि सभी बाढ़ पीड़ितों को सूची के अनुसार राहत सामग्री वितरण कराई जा रही है।राहत सामग्री में आलू सड़े होने की बात सामने आई जिसकी जाँच कराई जा रही है।
