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बलरामपुर:भ्रष्टाचार का थाल सजाकर योगी आगमन की तैयारी कर रहा संयुक्त जिला चिकित्सालय!

बलरामपुर:भ्रष्टाचार का थाल सजाकर योगी आगमन की तैयारी कर रहा संयुक्त जिला चिकित्सालय!

ज़िले में 25 दिसम्बर को आ रहे सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को लेकर संयुक्त जिला चिकित्सालय को रंगाई पुताई कर चमकाया जा रहा है लेक़िन क्या ये चमक चिकित्सालय के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के दाग को मिटा पाएगा.. पढ़े युगान्तर प्रवाह की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट..

बलरामपुर:अपनी साफ़ छवि और घोटालों से दूर रहने का दावा करने वाले सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुरू से बलरामपुर जिले से गहरा लगाव रहा है। 25 दिसम्बर को उनका जिले में दौरा भी है। जहां एक ओर जिला प्रशासन इस कार्यक्रम को लेकर तेज गति से कार्य कर रहा है वहीं दूसरी ओर  चिकित्सा विभाग में बैठे अधिकारियों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ है कि उनको किसी बाद की चिंता ही नहीं है।

इससे तो यह साफ पता चलता है कि यूपी में भ्रष्टाचार अपनी पराकाष्ठा में है। आपको बतादें कि अभी हाल ही में  संयुक्त जिला चिकित्सालय  में एक करोड़ से अधिक के घोटाले का मामला सामने आया था जिसकी जांच अभी पूरी भी नही हुई थी इसके बाऊजूद घोटाले में मुख्य अभियुक्त के परिजनों पर फिर से विभागीय अधिकारी मेहरबान हो गए और सत्तर लाख रुपये का रंगाई पोताई का ठेका दे दिया गया।

जानकारी के अनुसार उस घोटाले के बाद लिपिक अजय श्रीवास्तव को दिखावे के लिए गोंडा संबद्ध कर दिया गया था लेकिन वह अभी भी अपना डेरा बलरामपुर कार्यालय में जमाये हुए है। ऐसे में इसे भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा कहना अतिसंयोक्ति नहीं होगा।

बिना टेंडर के ही दे दिया गया ठेका। 

Read More: UP IAS Transfer: योगी सरकार का बड़ा प्रशासनिक झटका, 24 घंटे में 64 IAS इधर-उधर, 10 जिलों के DM बदले


सीएम योगी के आगमन को लेकर अस्पताल को रंग-रोगन करके तैयार किया जा रहा है और बिना ई-टेंडर निकाले ही अपने ख़ास व्यक्ति को ठेका दे दिया गया जिसकी फर्म पहले से भ्रष्टाचार में आरोपित बताई जा रही है।

आल इज वेल की फिरकी में हुआ लाखो का खेल

जिले के स्वास्थ्य विभाग में अभी 1 करोड़ 40 लाख रुपए के घोटाले का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि फिर एक नया मामल  सामने आ गया है। इस बार घोटाला तो नहीं हुआ लेकिन जिस व्यक्ति पर पिछले घोटाले का आरोप है, उससे ही जुड़ी एक संस्था को जिले के स्वास्थ्य विभाग में बिना ई-टेंडरिंग करवाएं ही संयुक्त जिला चिकित्सालय के पूरे परिसर में मरम्मत और रंग-रोगन के कार्यों का ठेका दे दिया गया है। आपको बदादें कि यह सब इतना जल्दी इसलिए किया गया क्योंकि आगामी 25 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस के दिन के अवसर पर यहां किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के एक सेटेलाइट कैंपस का उद्घाटन करेंगे। इसी के साथ यहां पर ओपीडी तथा इमरजेंसी की सुविधाएं शुरू हो जाएंगी।

टेंडर घोटाले को लेकर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने किया था प्रदर्शन

मानकों को ताख पर रखकर गलत तरीके से दिए गए टेंडर को लेकर अभी कुछ दिन पहले ही भाजपा नेता  शैलेंद्र सिंह की अगुवाई में प्रदर्शन भी किया गया था। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि गलत तरीके से दिए गए इस टेंडर को तत्काल निरस्त किया जाए और फिर से ई-टेंडरिंग करवा कर व्यवस्थित रूप से काम करवाया जाए। साथ ही किसी भी दागी व्यक्ति को कोई भी टेंडर न दिया जाये।

क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी?

जिला चिकित्सालय के सीएमएस का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ घनश्याम सिंह का कहना है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के आने से पहले संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में मेंटेनेंस और रंगाई पुताई का काम करवाया जा रहा है। अस्पताल के मरम्मत और रंगाई पुताई पर करीब 50 लाख के खर्च आने का अनुमान है। यह धनराशि अभी और भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि अगर पैसा बचता है तो आवास इत्यादि को भी सही करवाने की व्यवस्था की जाएगी।टेंडर घोटाले के प्रश्न पर उन्होंने बताया कि इस कार्य का टेंडर मार्च में ही कर दिया गया था और जिस आरसी ग्रुप को कार्य का ठेका दिया गया है। वह सभी तरह की आवश्यक शर्तें पूरी कर रही हैं।डॉ सिंह ने कहा कि जो आरोप लगाए जा रहें हैं सभी पूरी तरह से निराधार हैं।

 

18 Dec 2018 By Vishwa Deepak Awasthi

बलरामपुर:भ्रष्टाचार का थाल सजाकर योगी आगमन की तैयारी कर रहा संयुक्त जिला चिकित्सालय!

बलरामपुर:अपनी साफ़ छवि और घोटालों से दूर रहने का दावा करने वाले सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुरू से बलरामपुर जिले से गहरा लगाव रहा है। 25 दिसम्बर को उनका जिले में दौरा भी है। जहां एक ओर जिला प्रशासन इस कार्यक्रम को लेकर तेज गति से कार्य कर रहा है वहीं दूसरी ओर  चिकित्सा विभाग में बैठे अधिकारियों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ है कि उनको किसी बाद की चिंता ही नहीं है।

इससे तो यह साफ पता चलता है कि यूपी में भ्रष्टाचार अपनी पराकाष्ठा में है। आपको बतादें कि अभी हाल ही में  संयुक्त जिला चिकित्सालय  में एक करोड़ से अधिक के घोटाले का मामला सामने आया था जिसकी जांच अभी पूरी भी नही हुई थी इसके बाऊजूद घोटाले में मुख्य अभियुक्त के परिजनों पर फिर से विभागीय अधिकारी मेहरबान हो गए और सत्तर लाख रुपये का रंगाई पोताई का ठेका दे दिया गया।

जानकारी के अनुसार उस घोटाले के बाद लिपिक अजय श्रीवास्तव को दिखावे के लिए गोंडा संबद्ध कर दिया गया था लेकिन वह अभी भी अपना डेरा बलरामपुर कार्यालय में जमाये हुए है। ऐसे में इसे भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा कहना अतिसंयोक्ति नहीं होगा।

बिना टेंडर के ही दे दिया गया ठेका। 


सीएम योगी के आगमन को लेकर अस्पताल को रंग-रोगन करके तैयार किया जा रहा है और बिना ई-टेंडर निकाले ही अपने ख़ास व्यक्ति को ठेका दे दिया गया जिसकी फर्म पहले से भ्रष्टाचार में आरोपित बताई जा रही है।

आल इज वेल की फिरकी में हुआ लाखो का खेल

जिले के स्वास्थ्य विभाग में अभी 1 करोड़ 40 लाख रुपए के घोटाले का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि फिर एक नया मामल  सामने आ गया है। इस बार घोटाला तो नहीं हुआ लेकिन जिस व्यक्ति पर पिछले घोटाले का आरोप है, उससे ही जुड़ी एक संस्था को जिले के स्वास्थ्य विभाग में बिना ई-टेंडरिंग करवाएं ही संयुक्त जिला चिकित्सालय के पूरे परिसर में मरम्मत और रंग-रोगन के कार्यों का ठेका दे दिया गया है। आपको बदादें कि यह सब इतना जल्दी इसलिए किया गया क्योंकि आगामी 25 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस के दिन के अवसर पर यहां किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के एक सेटेलाइट कैंपस का उद्घाटन करेंगे। इसी के साथ यहां पर ओपीडी तथा इमरजेंसी की सुविधाएं शुरू हो जाएंगी।

टेंडर घोटाले को लेकर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने किया था प्रदर्शन

मानकों को ताख पर रखकर गलत तरीके से दिए गए टेंडर को लेकर अभी कुछ दिन पहले ही भाजपा नेता  शैलेंद्र सिंह की अगुवाई में प्रदर्शन भी किया गया था। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि गलत तरीके से दिए गए इस टेंडर को तत्काल निरस्त किया जाए और फिर से ई-टेंडरिंग करवा कर व्यवस्थित रूप से काम करवाया जाए। साथ ही किसी भी दागी व्यक्ति को कोई भी टेंडर न दिया जाये।

क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी?

जिला चिकित्सालय के सीएमएस का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ घनश्याम सिंह का कहना है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के आने से पहले संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में मेंटेनेंस और रंगाई पुताई का काम करवाया जा रहा है। अस्पताल के मरम्मत और रंगाई पुताई पर करीब 50 लाख के खर्च आने का अनुमान है। यह धनराशि अभी और भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि अगर पैसा बचता है तो आवास इत्यादि को भी सही करवाने की व्यवस्था की जाएगी।टेंडर घोटाले के प्रश्न पर उन्होंने बताया कि इस कार्य का टेंडर मार्च में ही कर दिया गया था और जिस आरसी ग्रुप को कार्य का ठेका दिया गया है। वह सभी तरह की आवश्यक शर्तें पूरी कर रही हैं।डॉ सिंह ने कहा कि जो आरोप लगाए जा रहें हैं सभी पूरी तरह से निराधार हैं।

 

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