
Women Reservation Bill: आधी आबादी के लिए बड़ा दिन ! लोकसभा में कानून मंत्री ने पेश किया महिला विधेयक बिल, नाम दिया 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम'
विशेष सत्र के पहले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कुछ ऐतिहासिक निर्णय लेने हैं, जिसके बाद कैबिनेट बैठक में महिला आरक्षण बिल को मंजूरी दे दी गयी. आज नये संसद भवन में इस महिला आरक्षण बिल को कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में पेश कर दिया गया. प्रधानमंत्री ने इस बिल का नाम 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' दिया. बिल पास होते ही महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण 15 साल का होगा. साथ ही महिलाओं को लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा.
हाईलाइट्स
- महिला आरक्षण बिल लोकसभा में किया गया पेश, एक दो होगी चर्चा
- राज्यसभा में पहले ही पास हो चुका है यह बिल, लोकसभा में पेश तो हुआ लेकिन पारित नहीं हुआ
- पीएम मोदी ने दिया नाम नारी शक्ति वंदन अधिनियम, कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने पेश किया लोकसभा में बिल
Law Minister introduced Women's Bill in LokSabha : महिलाओं के लिए अब हर क्षेत्र में 33 प्रतिशत की भागीदारी होगी. राज्यसभा में इस बिल को वर्ष 2010 में पास कर दिया गया था, आज इसे लोकसभा में पेश कर दिया गया. कल इस बिल पर सदन में पक्ष और विपक्ष के द्वारा चर्चा की जाएगी, चर्चा के पश्चात यह स्पष्ट हो पायेगा की विधेयक सर्वसम्मति से पास हो पायेगा या नहीं,
चूंकि भाजपा के पास लोकसभा में पूर्ण स्पष्ट बहुमत है. इसलिए विधेयक के पास होने में कहीं कोई दिक्कत नहीं आएगी.

महिलाओं के लिए आज का दिन बेहद खास है, हालांकि बस औपचारिकता बाकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष सत्र के पहले दिन ही कुछ ऐतिहासिक निर्णय लेने की बात कही थी. कैबिनेट में महिला आरक्षण बिल को मंजूरी दे दी गई, मंगलवार को गणेश चतुर्थी के दिन इस बिल को नए संसद भवन में पेश करा जाना था. कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने इस बिल को लोकसभा में पेश कर दिया है. उधर इस बिल का नामकरण भी कर दिया है, महिला आरक्षण बिल का नाम 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' दिया है.



बिल में कानून बनते ही संख्या 181

