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Pahalgam Terror Attack In Hindi: बैसरन की घाटी में बहा खून ! मजहब पूछकर मारे गए पर्यटक, कानपुर के शुभम द्विवेदी की मौत

Pahalgam Terror Attack In Hindi: बैसरन की घाटी में बहा खून ! मजहब पूछकर मारे गए पर्यटक, कानपुर के शुभम द्विवेदी की मौत
जम्मू कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकी हमला, कानपुर के शुभम की मौत (फाइल फोटो बाएं): Image Credit Original Source

Pahalgam Terror Attack

Pahalgam Terror Attack In Hindi: जम्मू-कश्मीर के बैसरन घाटी में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर 26 से अधिक लोगों की हत्या की. हमलावरों ने पहले धर्म पूछा और फिर गोलियां चलाईं. हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन TRF ने ली. गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति का जायज़ा लिया, सुरक्षा बढ़ाई गई.

Pahalgam Terror Attack In Hindi: जम्मू-कश्मीर की जन्नत कही जाने वाली पहलगाम की बैसरन घाटी मंगलवार दोपहर अचानक आतंक की आग में झुलस उठी. छुट्टियां मनाने आए देशी-विदेशी सैलानियों पर उस वक्त गोलियों की बारिश हुई, जब वे देवदार के जंगलों के बीच घुड़सवारी कर रहे थे.

आतंकियों ने पहले नाम और धर्म पूछा और फिर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. 26 से अधिक जानें गईं. जिनमें इटली और इजराइल के नागरिक भी थे. यह हमला न केवल अमरनाथ यात्रा से पहले की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आतंक के उस नंगे नाच को उजागर करता है, जिसमें अब धर्म के आधार पर भी जान ली जा रही है.

बैसरन घाटी में टूरिज्म की आड़ में रची गई खूनी साजिश

बैसरन घाटी, जिसे अक्सर 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहा जाता है, मंगलवार को टूरिज्म नहीं बल्कि आतंक की राजधानी बन गई. दोपहर करीब तीन बजे, आर्मी जैसी वर्दी पहने आतंकवादी ऊंची पहाड़ियों से नीचे उतरे और सीधे पर्यटकों को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने पहले टूरिस्टों से उनका नाम और मजहब पूछा, फिर हिंदू और यहूदी टूरिस्टों को गोली मार दी. कुछ ही मिनटों में हंसती-खिलखिलाती वादी चीखों और खून से लथपथ हो गई.

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26 से ज्यादा मौतें, विदेशी नागरिक भी शामिल

इस भीषण हमले में अब तक 26 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों में एक इजराइल और एक इटली का पर्यटक शामिल है, जबकि अन्य पीड़ित उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु से थे. दो स्थानीय नागरिक भी मारे गए.

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हमला इतने सुनियोजित तरीके से हुआ कि न टूरिस्ट बच पाए और न घोड़े, जिन पर वे सवारी कर रहे थे. घोड़ों को भी गोली मार दी गई. एक महिला ने रोते हुए कहा, “मेरे पति को इसलिए मारा गया क्योंकि वो हिंदू थे”

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कानपुर के शुभम द्विवेदी की मौत, दो महीने पहले हुई थी शादी

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कानपुर (Kanpur) के श्यामनगर निवासी शुभम द्विवेदी की जान चली गई. शुभम, जो अपनी पत्नी के साथ कश्मीर घूमने आए थे, दो महीने पहले ही 12 फरवरी को शादी के बंधन में बंधे थे.

हमलावरों ने पहले उनका नाम पूछा और फिर बेरहमी से उन्हें गोली मार दी. हमले में उनकी पत्नी भी घायल हो गई. यह घटना एक भयानक आंतरिक आतंकवाद का उदाहरण है, जिसने एक नए दूल्हे की जीवन यात्रा को नकारात्मक रूप से खत्म कर दिया.

लश्कर के मुखौटा संगठन TRF ने ली जिम्मेदारी

हमले के बाद लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट ग्रुप ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने इसकी जिम्मेदारी ली. एक पेज के संदेश में TRF ने लिखा, “जम्मू-कश्मीर में गैर-स्थानीय लोगों को बसाने की साजिशों के खिलाफ यह कार्रवाई है” उन्होंने धमकी दी कि ऐसी हिंसा आगे भी की जाएगी. हालांकि खुफिया एजेंसियां मान रही हैं कि TRF केवल एक चेहरा है, असली साजिश लश्कर या जैश जैसे पाकिस्तान-समर्थित संगठनों की हो सकती है.

केंद्र सरकार अलर्ट, गृह मंत्री खुद पहुंचे घाटी

हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में हाईलेवल बैठक बुलाई जिसमें आईबी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आर्मी और गृह सचिव शामिल हुए. बैठक के तुरंत बाद वे खुद कश्मीर रवाना हो गए. पूरे जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.

पहलगाम और आस-पास के इलाके में 15 से ज्यादा पॉइंट्स पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है. सेना, BSF, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर आतंकियों की तलाश कर रही हैं. ड्रोन, हेलीकॉप्टर और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है.

अमरनाथ यात्रा से पहले आतंकी साजिश

आतंकी हमला ऐसे समय हुआ है जब पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई से होनी है. खुफिया सूत्रों का कहना है कि आतंकियों ने यात्रा से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है. उन्होंने इलाक़े की रेकी की, फोर्स की तैनाती को समझा और फिर मौके की तलाश में यह हमला अंजाम दिया.

जिस स्थान पर हमला हुआ वहां सड़क मार्ग नहीं है, केवल पैदल या खच्चरों से पहुँचा जा सकता है, जिससे साफ होता है कि आतंकियों ने पहले से तैयारी की थी. इस घटना का सीधा उद्देश्य अमरनाथ यात्रा को प्रभावित करना और गैर-कश्मीरियों के खिलाफ डर फैलाना है.

प्रधानमंत्री का सख्त संदेश: “जिम्मेदारों को छोड़ा नहीं जाएगा”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आतंकी हमले को जघन्य अपराध बताते हुए सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “जो लोग इस हमले के पीछे हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. उन्हें ऐसी सजा दी जाएगी जो सबक बने” देश भर में इस हमले को लेकर गुस्सा है. सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा कर रहे हैं.

22 Apr 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

Pahalgam Terror Attack In Hindi: बैसरन की घाटी में बहा खून ! मजहब पूछकर मारे गए पर्यटक, कानपुर के शुभम द्विवेदी की मौत

Pahalgam Terror Attack

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आतंकियों ने पहले नाम और धर्म पूछा और फिर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. 26 से अधिक जानें गईं. जिनमें इटली और इजराइल के नागरिक भी थे. यह हमला न केवल अमरनाथ यात्रा से पहले की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आतंक के उस नंगे नाच को उजागर करता है, जिसमें अब धर्म के आधार पर भी जान ली जा रही है.

बैसरन घाटी में टूरिज्म की आड़ में रची गई खूनी साजिश

बैसरन घाटी, जिसे अक्सर 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहा जाता है, मंगलवार को टूरिज्म नहीं बल्कि आतंक की राजधानी बन गई. दोपहर करीब तीन बजे, आर्मी जैसी वर्दी पहने आतंकवादी ऊंची पहाड़ियों से नीचे उतरे और सीधे पर्यटकों को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने पहले टूरिस्टों से उनका नाम और मजहब पूछा, फिर हिंदू और यहूदी टूरिस्टों को गोली मार दी. कुछ ही मिनटों में हंसती-खिलखिलाती वादी चीखों और खून से लथपथ हो गई.

26 से ज्यादा मौतें, विदेशी नागरिक भी शामिल

इस भीषण हमले में अब तक 26 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. मृतकों में एक इजराइल और एक इटली का पर्यटक शामिल है, जबकि अन्य पीड़ित उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु से थे. दो स्थानीय नागरिक भी मारे गए.

हमला इतने सुनियोजित तरीके से हुआ कि न टूरिस्ट बच पाए और न घोड़े, जिन पर वे सवारी कर रहे थे. घोड़ों को भी गोली मार दी गई. एक महिला ने रोते हुए कहा, “मेरे पति को इसलिए मारा गया क्योंकि वो हिंदू थे”

कानपुर के शुभम द्विवेदी की मौत, दो महीने पहले हुई थी शादी

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कानपुर (Kanpur) के श्यामनगर निवासी शुभम द्विवेदी की जान चली गई. शुभम, जो अपनी पत्नी के साथ कश्मीर घूमने आए थे, दो महीने पहले ही 12 फरवरी को शादी के बंधन में बंधे थे.

हमलावरों ने पहले उनका नाम पूछा और फिर बेरहमी से उन्हें गोली मार दी. हमले में उनकी पत्नी भी घायल हो गई. यह घटना एक भयानक आंतरिक आतंकवाद का उदाहरण है, जिसने एक नए दूल्हे की जीवन यात्रा को नकारात्मक रूप से खत्म कर दिया.

लश्कर के मुखौटा संगठन TRF ने ली जिम्मेदारी

हमले के बाद लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट ग्रुप ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने इसकी जिम्मेदारी ली. एक पेज के संदेश में TRF ने लिखा, “जम्मू-कश्मीर में गैर-स्थानीय लोगों को बसाने की साजिशों के खिलाफ यह कार्रवाई है” उन्होंने धमकी दी कि ऐसी हिंसा आगे भी की जाएगी. हालांकि खुफिया एजेंसियां मान रही हैं कि TRF केवल एक चेहरा है, असली साजिश लश्कर या जैश जैसे पाकिस्तान-समर्थित संगठनों की हो सकती है.

केंद्र सरकार अलर्ट, गृह मंत्री खुद पहुंचे घाटी

हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में हाईलेवल बैठक बुलाई जिसमें आईबी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आर्मी और गृह सचिव शामिल हुए. बैठक के तुरंत बाद वे खुद कश्मीर रवाना हो गए. पूरे जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.

पहलगाम और आस-पास के इलाके में 15 से ज्यादा पॉइंट्स पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है. सेना, BSF, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर आतंकियों की तलाश कर रही हैं. ड्रोन, हेलीकॉप्टर और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है.

अमरनाथ यात्रा से पहले आतंकी साजिश

आतंकी हमला ऐसे समय हुआ है जब पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई से होनी है. खुफिया सूत्रों का कहना है कि आतंकियों ने यात्रा से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है. उन्होंने इलाक़े की रेकी की, फोर्स की तैनाती को समझा और फिर मौके की तलाश में यह हमला अंजाम दिया.

जिस स्थान पर हमला हुआ वहां सड़क मार्ग नहीं है, केवल पैदल या खच्चरों से पहुँचा जा सकता है, जिससे साफ होता है कि आतंकियों ने पहले से तैयारी की थी. इस घटना का सीधा उद्देश्य अमरनाथ यात्रा को प्रभावित करना और गैर-कश्मीरियों के खिलाफ डर फैलाना है.

प्रधानमंत्री का सख्त संदेश: “जिम्मेदारों को छोड़ा नहीं जाएगा”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आतंकी हमले को जघन्य अपराध बताते हुए सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, “जो लोग इस हमले के पीछे हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. उन्हें ऐसी सजा दी जाएगी जो सबक बने” देश भर में इस हमले को लेकर गुस्सा है. सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा कर रहे हैं.

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