Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

Fatehpur news:आरक्षण ने बिगाड़ दिया दिग्गजों का खेल इस बार होती तगड़ी टक्कर

Fatehpur news:आरक्षण ने बिगाड़ दिया दिग्गजों का खेल इस बार होती तगड़ी टक्कर
अक्षय लोधी(बाएं) इन्द्रसेन यादव(दाएं)

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मंगलवार देर रात सीटों का आरक्षण आवंटन जारी कर दिया गया।आरक्षण जारी होने के बाद कई दिग्गजों को तगड़ा झटका लगा है.हंसवा ब्लॉक प्रमुख पद की सीट भी इस बार अनुसूचित जाति के कोटे में चली गई है..पढ़ें युगान्तर प्रवाह की रिपोर्ट..

फतेहपुर:पंचायत चुनाव की सीटों का आरक्षण आवंटन जारी होने के बाद कई दिग्गजों का चुनावी गणित गड़बड़ा गया है।खासकर क्षेत्र प्रमुख औऱ जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए कुछ का समीकरण इस क़दर बिगड़ा है कि उन्हें आगे की रणनीति नहीं समझ में आ रही है। fatehpur panchayat chunav

ऐसे ही एक सीट हंसवा ब्लॉक प्रमुख पद की है।यह सीट इस बार अनुसूचित जाति के कोटे में चले जाने से दोनों दिग्गज दावेदारों को झटका लग गया है।

लगातार 15 साल तक पूर्व ब्लॉक प्रमुख का रहा आधिपत्य..

हंसवा की ब्लॉक प्रमुख सीट पर कभी क्षत्रियों का प्रभाव रहता था।लेकिन साल 2001 में हुए पंचायत चुनाव में यह सीट ओबीसी महिला के खाते में चली गई जिसके बाद यहां रामपुर इमादपुर के रहने वाले इन्द्रसेन यादव की पत्नी आशा देवी ने दावेदारी की उनके विपक्ष में एकारी के रहने वाले नरेंद्र कुमार प्रजापति उर्फ़ नरेंद्र मुंसी की पत्नी मैदान में उतरी लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा औऱ आशा देवी हंसवा ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर काबिज हुईं।Fatehpur panchayat chunav

Read More: Accident In UP: फतेहपुर सड़क हादसे में 3 की मौत, दो घायल, शादी में जाते समय ऐसे हुई घटना

पाँच साल बाद जब फ़िर से चुनाव का नम्बर आया तो यह सीट अनारक्षित हो गई इस बार इन्द्रसेन स्वयं मैदान में उतरे में औऱ उनके विपक्ष में उतरे हंसवा के ही रहने वाले पूर्व ब्लाक प्रमुख बरदानी सिंह के बेटे बुद्धराज सिंह लेकिन इस बार भी इन्द्रसेन सिंह बड़े अंतर से चुनाव जीते।Up panchayat chunav

Read More: कौशांबी में दर्दनाक हादसा: मुंडन संस्कार से लौट रहे फतेहपुर के परिवार की पिकअप ट्रेलर से भिड़ी, 8 की मौत, 20 घायल

साल 2010 में यह सीट फ़िर से सामान्य महिला कोटे में चली गई फ़िर से इन्द्रसेन की पत्नी आशा देवी मैदान में उतरी इस चुनाव में विपक्षियों के हौसले पस्त हो गए औऱ कोई भी मजबूत दावेदार सामने नहीं आया औऱ तीसरी बार इन्द्रसेन यादव का हंसवा ब्लाक प्रमुख सीट पर आधिपत्य हो गया।

Read More: Fatehpur News: फतेहपुर में शादी के नाम पर संगठित ठगी का खुलासा, फर्जी कॉल सेंटर से 6 गिरफ्तार, एसपी ने किया खुलासा

पूर्व विधायक ने झोंक दी थी ताकत..

साल 2015 में यह सीट एक बार फ़िर से अनारक्षित हो गई ।इन 15 सालों में इन्द्रसेन के खिलाफ एक बड़ा वर्ग एकजुट हो चुका था।हंसवा की कुर्सी से इन्द्रसेन को हटाने का ताना बाना बुना जानें लगा उस वक़्त पूर्व विधायक आनन्द लोधी भी सपा में ही थे औऱ इन्द्रसेन भी सपाई थे।इन्द्रसेन का आधिपत्य समाप्त करने के लिए बागडोर पूर्व विधायक आनन्द लोधी ने संभाली उन्होंने छोटे भाई अमित लोधी को मैदान में उतारा उनके सामने इन्द्रसेन ने अपने छोटे भाई सुरेंद्र सिंह यादव को मैदान में उतारा।लेकिन अमित लोधी भारी पड़ गए औऱ सुरेन्द्र को चुनाव में हार मिली।

इसके बाद अमित लोधी की गम्भीर बीमारी के चलते साल 2017 में मृत्य हो गई औऱ सीट रिक्त हो जाने से मार्च 2018 में उपचुनाव हुए इस बार पूर्व विधायक आनन्द लोधी के पुत्र अक्षय लोधी मैदान में उतरे औऱ सामने फ़िर से सुरेंद्र सिंह थे मुकाबला बेहद कांटे का हुआ लेकिन 3 वोटों से अक्षय विजयी घोषित हो गए।

इस बार के चुनाव में अक्षय लोधी औऱ उनके प्रतिद्वंद्वी इन्द्रसेन यादव की तरफ़ से चुनाव की पूरी तैयारी कर ली गई थी।लेकिन सीट अनुसूचित जाति के कोटे में चले जाने से दोनों दिग्गजों का चुनावी गणित गड़बड़ा गया है।कुछ दिनों पहले ही ब्लाक परिसर में एक चुनावी होर्डिंग्स को लेकर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए थे जिसके बाद माहौल काफ़ी गर्म हो गया था।Up panchayat chunav

जानकार बताते हैं कि सीट भले ही अनुसूचित जाति के कोटे में चली गई है।लेकिन दोनों पक्षों की ओर से ही अनुसूचित जाति के डमी प्रत्याशी को उतारकर ब्लाक प्रमुखी पर आधिपत्य जमाने हेतु ताना बाना बुना जानें लगा है।

04 Mar 2021 By Shubham Mishra

Fatehpur news:आरक्षण ने बिगाड़ दिया दिग्गजों का खेल इस बार होती तगड़ी टक्कर

फतेहपुर:पंचायत चुनाव की सीटों का आरक्षण आवंटन जारी होने के बाद कई दिग्गजों का चुनावी गणित गड़बड़ा गया है।खासकर क्षेत्र प्रमुख औऱ जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए कुछ का समीकरण इस क़दर बिगड़ा है कि उन्हें आगे की रणनीति नहीं समझ में आ रही है। fatehpur panchayat chunav

ऐसे ही एक सीट हंसवा ब्लॉक प्रमुख पद की है।यह सीट इस बार अनुसूचित जाति के कोटे में चले जाने से दोनों दिग्गज दावेदारों को झटका लग गया है।

लगातार 15 साल तक पूर्व ब्लॉक प्रमुख का रहा आधिपत्य..

हंसवा की ब्लॉक प्रमुख सीट पर कभी क्षत्रियों का प्रभाव रहता था।लेकिन साल 2001 में हुए पंचायत चुनाव में यह सीट ओबीसी महिला के खाते में चली गई जिसके बाद यहां रामपुर इमादपुर के रहने वाले इन्द्रसेन यादव की पत्नी आशा देवी ने दावेदारी की उनके विपक्ष में एकारी के रहने वाले नरेंद्र कुमार प्रजापति उर्फ़ नरेंद्र मुंसी की पत्नी मैदान में उतरी लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा औऱ आशा देवी हंसवा ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर काबिज हुईं।Fatehpur panchayat chunav

पाँच साल बाद जब फ़िर से चुनाव का नम्बर आया तो यह सीट अनारक्षित हो गई इस बार इन्द्रसेन स्वयं मैदान में उतरे में औऱ उनके विपक्ष में उतरे हंसवा के ही रहने वाले पूर्व ब्लाक प्रमुख बरदानी सिंह के बेटे बुद्धराज सिंह लेकिन इस बार भी इन्द्रसेन सिंह बड़े अंतर से चुनाव जीते।Up panchayat chunav

साल 2010 में यह सीट फ़िर से सामान्य महिला कोटे में चली गई फ़िर से इन्द्रसेन की पत्नी आशा देवी मैदान में उतरी इस चुनाव में विपक्षियों के हौसले पस्त हो गए औऱ कोई भी मजबूत दावेदार सामने नहीं आया औऱ तीसरी बार इन्द्रसेन यादव का हंसवा ब्लाक प्रमुख सीट पर आधिपत्य हो गया।

पूर्व विधायक ने झोंक दी थी ताकत..

साल 2015 में यह सीट एक बार फ़िर से अनारक्षित हो गई ।इन 15 सालों में इन्द्रसेन के खिलाफ एक बड़ा वर्ग एकजुट हो चुका था।हंसवा की कुर्सी से इन्द्रसेन को हटाने का ताना बाना बुना जानें लगा उस वक़्त पूर्व विधायक आनन्द लोधी भी सपा में ही थे औऱ इन्द्रसेन भी सपाई थे।इन्द्रसेन का आधिपत्य समाप्त करने के लिए बागडोर पूर्व विधायक आनन्द लोधी ने संभाली उन्होंने छोटे भाई अमित लोधी को मैदान में उतारा उनके सामने इन्द्रसेन ने अपने छोटे भाई सुरेंद्र सिंह यादव को मैदान में उतारा।लेकिन अमित लोधी भारी पड़ गए औऱ सुरेन्द्र को चुनाव में हार मिली।

इसके बाद अमित लोधी की गम्भीर बीमारी के चलते साल 2017 में मृत्य हो गई औऱ सीट रिक्त हो जाने से मार्च 2018 में उपचुनाव हुए इस बार पूर्व विधायक आनन्द लोधी के पुत्र अक्षय लोधी मैदान में उतरे औऱ सामने फ़िर से सुरेंद्र सिंह थे मुकाबला बेहद कांटे का हुआ लेकिन 3 वोटों से अक्षय विजयी घोषित हो गए।

इस बार के चुनाव में अक्षय लोधी औऱ उनके प्रतिद्वंद्वी इन्द्रसेन यादव की तरफ़ से चुनाव की पूरी तैयारी कर ली गई थी।लेकिन सीट अनुसूचित जाति के कोटे में चले जाने से दोनों दिग्गजों का चुनावी गणित गड़बड़ा गया है।कुछ दिनों पहले ही ब्लाक परिसर में एक चुनावी होर्डिंग्स को लेकर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए थे जिसके बाद माहौल काफ़ी गर्म हो गया था।Up panchayat chunav

जानकार बताते हैं कि सीट भले ही अनुसूचित जाति के कोटे में चली गई है।लेकिन दोनों पक्षों की ओर से ही अनुसूचित जाति के डमी प्रत्याशी को उतारकर ब्लाक प्रमुखी पर आधिपत्य जमाने हेतु ताना बाना बुना जानें लगा है।

Tags:

Latest News

UP IAS Transfer: योगी सरकार का बड़ा प्रशासनिक झटका, 24 घंटे में 64 IAS इधर-उधर, 10 जिलों के DM बदले UP IAS Transfer: योगी सरकार का बड़ा प्रशासनिक झटका, 24 घंटे में 64 IAS इधर-उधर, 10 जिलों के DM बदले
उत्तर प्रदेश में तबादलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार रात 40 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर...
Who Is IAS Nidhi Gupta Vats: कौन हैं फतेहपुर की नई डीएम निधि गुप्ता वत्स, पति भी हैं IPS अधिकारी, जानिए उनके बारे में
आज का राशिफल 18 अप्रैल 2026: अक्षय तृतीया से बदलने वाला है इन राशियों का समय, जानिए दैनिक भाग्यफल
CBSE Board Results 2026: फतेहपुर में सीबीएसई बोर्ड का जलवा, 99% अंक लाकर अर्पिता सिंह बनीं जिले की टॉपर
फतेहपुर में एसपी का सख्त एक्शन: जोनिहां चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर, कारखास नेटवर्क पर भी गिरी गाज, 10 कांस्टेबल हटाए गए
आज का राशिफल 15 अप्रैल 2026: कर्क, सिंह और मकर राशि के लिए खास संकेत, जानिए आपका दिन कैसा रहेगा
Bihar Politics: बिहार की राजनीति से समाप्त हुआ नीतीश युग! 20 साल बाद सत्ता से विदा हुए कुमार, जानिए पूरा राजनीतिक सफर

Follow Us