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Salim Durani Passes Away : दर्शकों की मांग पर छक्का लगाने वाले रोमांटिक क्रिकेटर सलीम दुर्रानी का निधन

Salim Durani Passes Away : दर्शकों की मांग पर छक्का लगाने वाले रोमांटिक क्रिकेटर सलीम दुर्रानी का निधन
भारतीय क्रिकेट के रोमांटिक हीरो सलीम दुर्रानी का निधन

Salim Durani Death : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर ऑलराउंडर सलीम दुर्रानी का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया उन्हें क्रिकेट जगह का रोमांटिक हीरो भी कहा जाता था. अफगानिस्तान से भारत आए Salim Durani ने भारत के लिए 29 टेस्ट मैच खेले थे.


हाईलाइट्स

  • भारतीय क्रिकेट के पूर्व क्रिकेटर सलीम दुर्रानी का 88 वर्ष में जामनगर में निधन
  • भारतीय क्रिकेट के रोमांटिक हीरो कहे जाने वाले दुर्रानी दर्शकों की मांग पर लगाते थे छक्का
  • भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सलीम दुर्रानी के निधन पर जताया शोक

Salim Durani Passes Away : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर ऑलराउंडर सलीम दुर्रानी का लम्बी बीमारी के बाद 2 अप्रैल को जामनगर में निधन हो गया वो 88 वर्ष के थे. दुर्रानी के निधन से क्रिकेट जगह सहित क्रिकेट प्रेमियों में शोक की लहर है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि "सलीम दुर्रानी जी क्रिकेट के दिग्गज थे. अपने आप में एक संस्था थे.उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में भारत के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया. मैदान पर और मैदान से बाहर, वह अपनी शैली के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से आहत हूं."

सलीम दुर्रानी का जीवन परिचय (Salim Durani Biography In Hindi)

11 दिसंबर 1934 में अफगानिस्तान के काबुल में जन्में सलीम दुर्रानी का पूरा नाम सलीम अजीज दुर्रानी था. उनके पिता अब्दुल अजीज भी क्रिकेटर थे जिन्होंने आज़ादी के पहले अविभाजित भारत के लिए दो टेस्ट मैच खेले थे. विभाजन के बाद वो कोच के तौर पर कराची चले आगे और सलीम दुर्रानी अपनी मां के साथ वर्तमान गुजरात के जामनगर में सिफ्ट हो गए थे.

अपने पिता की तरह ही सलीम के अंदर क्रिकेट खेलने का जज्बा था. वर्ष 1961-62 में उन्होंने भारत को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई थी. उस दौरान उन्होंने लगातार कई विकेट लेकर लोगों को अचंभित कर दिया था. बाए हाथ के बल्लेबाज और बॉलिंग करने वाले दुर्रानी एक ऑलराउंडर क्रिकेटर थे. वह अपने चाहने वालों में काफी प्रचलित थे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक साल 1973 में जब कानपुर टेस्ट में उन्हें टीम से हटा दिया गया था तो दर्शकों ने नारे लगाते हुए कहा, नो दुर्रानी, नो टेस्ट

Read More: India Vs Pak T20 Wc 2026: भारत की बादशाहत क़ायम ! पाकिस्तान फिर चारों खाने चित्त

क्रिकेट के मैदान पर दर्शकों की मांग पर छक्का लगाने वाले सलीम दुर्रानी को लोग रोमांटिक हीरो कहते थे. साल 1973 में फिल्म चरित्र में परवीन बाबी के साथ काम भी किया था. उन्होंने साल 1960 में अपने टेस्ट क्रिकेट की शुरुवात करते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला मैच खेला था. उन्होंने भारत के लिए 29 टेस्ट मैच खेले अपने पूरे क्रिकेट कैरियर के दौरान टेस्ट और प्रथम श्रेणी के मैच में कई शतक और कई अर्धशतक लगाए. अर्जुन पुरुस्कार से सम्मानित सलीम दुर्रानी को  बीसीसीआई ने लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा था.

Read More: Indore Odi News: पहली दफा न्यूजीलैंड ने भारत में जीती एकदिवसीय सीरीज़ ! नहीं काम आया विराट का शतक

02 Apr 2023 By Vishwa Deepak Awasthi

Salim Durani Passes Away : दर्शकों की मांग पर छक्का लगाने वाले रोमांटिक क्रिकेटर सलीम दुर्रानी का निधन


हाईलाइट्स

  • भारतीय क्रिकेट के पूर्व क्रिकेटर सलीम दुर्रानी का 88 वर्ष में जामनगर में निधन
  • भारतीय क्रिकेट के रोमांटिक हीरो कहे जाने वाले दुर्रानी दर्शकों की मांग पर लगाते थे छक्का
  • भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सलीम दुर्रानी के निधन पर जताया शोक

Salim Durani Passes Away : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर ऑलराउंडर सलीम दुर्रानी का लम्बी बीमारी के बाद 2 अप्रैल को जामनगर में निधन हो गया वो 88 वर्ष के थे. दुर्रानी के निधन से क्रिकेट जगह सहित क्रिकेट प्रेमियों में शोक की लहर है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि "सलीम दुर्रानी जी क्रिकेट के दिग्गज थे. अपने आप में एक संस्था थे.उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में भारत के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया. मैदान पर और मैदान से बाहर, वह अपनी शैली के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से आहत हूं."

सलीम दुर्रानी का जीवन परिचय (Salim Durani Biography In Hindi)

11 दिसंबर 1934 में अफगानिस्तान के काबुल में जन्में सलीम दुर्रानी का पूरा नाम सलीम अजीज दुर्रानी था. उनके पिता अब्दुल अजीज भी क्रिकेटर थे जिन्होंने आज़ादी के पहले अविभाजित भारत के लिए दो टेस्ट मैच खेले थे. विभाजन के बाद वो कोच के तौर पर कराची चले आगे और सलीम दुर्रानी अपनी मां के साथ वर्तमान गुजरात के जामनगर में सिफ्ट हो गए थे.

अपने पिता की तरह ही सलीम के अंदर क्रिकेट खेलने का जज्बा था. वर्ष 1961-62 में उन्होंने भारत को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई थी. उस दौरान उन्होंने लगातार कई विकेट लेकर लोगों को अचंभित कर दिया था. बाए हाथ के बल्लेबाज और बॉलिंग करने वाले दुर्रानी एक ऑलराउंडर क्रिकेटर थे. वह अपने चाहने वालों में काफी प्रचलित थे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक साल 1973 में जब कानपुर टेस्ट में उन्हें टीम से हटा दिया गया था तो दर्शकों ने नारे लगाते हुए कहा, नो दुर्रानी, नो टेस्ट

क्रिकेट के मैदान पर दर्शकों की मांग पर छक्का लगाने वाले सलीम दुर्रानी को लोग रोमांटिक हीरो कहते थे. साल 1973 में फिल्म चरित्र में परवीन बाबी के साथ काम भी किया था. उन्होंने साल 1960 में अपने टेस्ट क्रिकेट की शुरुवात करते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला मैच खेला था. उन्होंने भारत के लिए 29 टेस्ट मैच खेले अपने पूरे क्रिकेट कैरियर के दौरान टेस्ट और प्रथम श्रेणी के मैच में कई शतक और कई अर्धशतक लगाए. अर्जुन पुरुस्कार से सम्मानित सलीम दुर्रानी को  बीसीसीआई ने लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा था.

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