Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

UPPCL News: ऊर्जा मंत्री के फोन के बावजूद नहीं पहुंचा जेई, निरीक्षण में खुली लापरवाही, तुरंत सस्पेंड

UPPCL News: ऊर्जा मंत्री के फोन के बावजूद नहीं पहुंचा जेई, निरीक्षण में खुली लापरवाही, तुरंत सस्पेंड
ऊर्जा मंत्री के बुलाने पर नहीं पहुंचा जेई शहजाद अली किया गया निलंबित: Image Credit Original Source

जौनपुर के मडियाहूं विद्युत उपकेंद्र पर ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के औचक निरीक्षण में गंभीर लापरवाही सामने आई. मंत्री के फोन के बावजूद जेई शहजाद अली मौके पर नहीं पहुंचे. लॉग शीट में भी अनियमितताएं मिलीं. विभाग ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए अधीक्षण अभियंता अनिल पाठक के आदेश पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की.

UPPCL News: उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सरकार लगातार निगरानी कर रही है. इसी कड़ी में ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने जौनपुर जिले के मडियाहूं विद्युत उपकेंद्र का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान न सिर्फ रिकॉर्ड में अनियमितताएं मिलीं बल्कि सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिम्मेदार जूनियर इंजीनियर शहजाद अली मंत्री के फोन करने के बावजूद उपकेंद्र पर नहीं पहुंचे. मामले को गंभीर मानते हुए उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया.

मडियाहूं विद्युत उपकेंद्र पर ऊर्जा मंत्री का औचक निरीक्षण

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा शनिवार को मिर्जापुर से सुल्तानपुर जाते समय अचानक जौनपुर जिले के मडियाहूं विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए. उनका उद्देश्य क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का वास्तविक हाल जानना था. मंत्री के अचानक पहुंचने से उपकेंद्र पर मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया.

निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपकेंद्र से संचालित विभिन्न फीडरों की स्थिति, बिजली आपूर्ति व्यवस्था और संचालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली. साथ ही उन्होंने वहां रखे रजिस्टर और लॉग बुक का भी बारीकी से निरीक्षण किया. मंत्री ने कर्मचारियों से बिजली आपूर्ति की स्थिति और उपभोक्ताओं को आने वाली समस्याओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की.

रजिस्टर जांच में सामने आई अनियमितता

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने उपकेंद्र की लॉग शीट और अन्य रजिस्टरों की जांच की. जांच में पाया गया कि कई जगह लॉग शीट सही तरीके से नहीं भरी गई थी. कई एंट्रियां अधूरी थीं और रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से दर्ज नहीं किया गया था. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए ऊर्जा मंत्री ने मौके पर ही नाराजगी जताई.

Read More: UPSRTC Job: यूपी में महिलाओं के लिए 2584 नौकरियां, मेरिट से होगा चयन, अपने जिले में मिलेगी तैनाती

उन्होंने कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि उपकेंद्र से जुड़े सभी रिकॉर्ड नियमित और सही तरीके से अपडेट किए जाएं. मंत्री ने स्पष्ट कहा कि विद्युत व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए रिकॉर्ड का सही रखरखाव बेहद जरूरी है.

Read More: UP Shiksha Mitra News: इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, शिक्षामित्रों के वेतन और नियमितीकरण पर सरकार जल्द ले फैसला

मंत्री के फोन के बावजूद नहीं पहुंचे जेई शहजाद अली

निरीक्षण के दौरान जब मंत्री ने उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता शहजाद अली के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि वे मौके पर मौजूद नहीं हैं. इस पर ऊर्जा मंत्री ने स्वयं शहजाद अली को फोन किया और उनसे उपकेंद्र की विद्युत आपूर्ति के बारे में जानकारी मांगी. साथ ही उन्हें तत्काल उपकेंद्र पहुंचने के निर्देश दिए.

Read More: UP IAS Transfer: योगी सरकार का बड़ा प्रशासनिक झटका, 24 घंटे में 64 IAS इधर-उधर, 10 जिलों के DM बदले

लेकिन मंत्री के स्पष्ट निर्देश के बावजूद शहजाद अली मौके पर नहीं पहुंचे. यह स्थिति विभागीय अनुशासन के लिहाज से बेहद गंभीर मानी गई. अधिकारियों के अनुसार जिम्मेदार अधिकारी का उपकेंद्र पर अनुपस्थित रहना बिजली व्यवस्था की निगरानी में बड़ी लापरवाही को दर्शाता है.

अधीक्षण अभियंता के निर्देश भी नहीं माने गए

ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद अधीक्षण अभियंता अनिल पाठक को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई. उन्होंने भी शहजाद अली से संपर्क कर तत्काल उपकेंद्र पहुंचने का निर्देश दिया. लेकिन इसके बावजूद जेई मौके पर उपस्थित नहीं हुए.

विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह व्यवहार उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना गया. जब मंत्री और अधीक्षण अभियंता दोनों के निर्देशों के बावजूद अधिकारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता के रूप में लिया. इससे विभागीय जिम्मेदारी के प्रति उदासीनता साफ दिखाई दी.

अनुरक्षण माह के दौरान भी नहीं निभाई जिम्मेदारी

बिजली विभाग में इस समय अनुरक्षण माह चल रहा है. इस दौरान उपकेंद्रों से जुड़े उपकरणों और लाइनों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाता है. लेकिन जांच में यह भी सामने आया कि शहजाद अली के कार्यक्षेत्र में अनुरक्षण कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं थी.

विद्युत आपूर्ति के नियमित रखरखाव में भी अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई गई. इसके अलावा बिना किसी पूर्व सूचना के अपने कार्यस्थल और मुख्यालय से अनुपस्थित रहना विभागीय नियमों का उल्लंघन माना गया. अधिकारियों के अनुसार यह स्थिति उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली आपूर्ति को प्रभावित कर सकती थी.

लापरवाही और अनुशासनहीनता पर गिरी गाज

पूरे मामले की समीक्षा के बाद अधीक्षण अभियंता अनिल पाठक ने अवर अभियंता शहजाद अली को प्रथम दृष्टया दोषी पाया. विभाग ने माना कि उनका आचरण अपने दायित्वों के प्रति घोर उदासीनता और लापरवाही को दर्शाता है.

मंत्री के निर्देश के बावजूद ड्यूटी पर उपस्थित न होना भी गंभीर अनुशासनहीनता माना गया. इसके बाद अधीक्षण अभियंता ने तत्काल प्रभाव से शहजाद अली को निलंबित कर दिया. विभाग ने साफ संदेश दिया है कि बिजली व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

15 Mar 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

UPPCL News: ऊर्जा मंत्री के फोन के बावजूद नहीं पहुंचा जेई, निरीक्षण में खुली लापरवाही, तुरंत सस्पेंड

UPPCL News: उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सरकार लगातार निगरानी कर रही है. इसी कड़ी में ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने जौनपुर जिले के मडियाहूं विद्युत उपकेंद्र का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान न सिर्फ रिकॉर्ड में अनियमितताएं मिलीं बल्कि सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिम्मेदार जूनियर इंजीनियर शहजाद अली मंत्री के फोन करने के बावजूद उपकेंद्र पर नहीं पहुंचे. मामले को गंभीर मानते हुए उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया.

मडियाहूं विद्युत उपकेंद्र पर ऊर्जा मंत्री का औचक निरीक्षण

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा शनिवार को मिर्जापुर से सुल्तानपुर जाते समय अचानक जौनपुर जिले के मडियाहूं विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए. उनका उद्देश्य क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का वास्तविक हाल जानना था. मंत्री के अचानक पहुंचने से उपकेंद्र पर मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया.

निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपकेंद्र से संचालित विभिन्न फीडरों की स्थिति, बिजली आपूर्ति व्यवस्था और संचालन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली. साथ ही उन्होंने वहां रखे रजिस्टर और लॉग बुक का भी बारीकी से निरीक्षण किया. मंत्री ने कर्मचारियों से बिजली आपूर्ति की स्थिति और उपभोक्ताओं को आने वाली समस्याओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की.

रजिस्टर जांच में सामने आई अनियमितता

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने उपकेंद्र की लॉग शीट और अन्य रजिस्टरों की जांच की. जांच में पाया गया कि कई जगह लॉग शीट सही तरीके से नहीं भरी गई थी. कई एंट्रियां अधूरी थीं और रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से दर्ज नहीं किया गया था. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए ऊर्जा मंत्री ने मौके पर ही नाराजगी जताई.

उन्होंने कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि उपकेंद्र से जुड़े सभी रिकॉर्ड नियमित और सही तरीके से अपडेट किए जाएं. मंत्री ने स्पष्ट कहा कि विद्युत व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए रिकॉर्ड का सही रखरखाव बेहद जरूरी है.

मंत्री के फोन के बावजूद नहीं पहुंचे जेई शहजाद अली

निरीक्षण के दौरान जब मंत्री ने उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता शहजाद अली के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि वे मौके पर मौजूद नहीं हैं. इस पर ऊर्जा मंत्री ने स्वयं शहजाद अली को फोन किया और उनसे उपकेंद्र की विद्युत आपूर्ति के बारे में जानकारी मांगी. साथ ही उन्हें तत्काल उपकेंद्र पहुंचने के निर्देश दिए.

लेकिन मंत्री के स्पष्ट निर्देश के बावजूद शहजाद अली मौके पर नहीं पहुंचे. यह स्थिति विभागीय अनुशासन के लिहाज से बेहद गंभीर मानी गई. अधिकारियों के अनुसार जिम्मेदार अधिकारी का उपकेंद्र पर अनुपस्थित रहना बिजली व्यवस्था की निगरानी में बड़ी लापरवाही को दर्शाता है.

अधीक्षण अभियंता के निर्देश भी नहीं माने गए

ऊर्जा मंत्री के निर्देश के बाद अधीक्षण अभियंता अनिल पाठक को भी पूरे मामले की जानकारी दी गई. उन्होंने भी शहजाद अली से संपर्क कर तत्काल उपकेंद्र पहुंचने का निर्देश दिया. लेकिन इसके बावजूद जेई मौके पर उपस्थित नहीं हुए.

विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह व्यवहार उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना गया. जब मंत्री और अधीक्षण अभियंता दोनों के निर्देशों के बावजूद अधिकारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता के रूप में लिया. इससे विभागीय जिम्मेदारी के प्रति उदासीनता साफ दिखाई दी.

अनुरक्षण माह के दौरान भी नहीं निभाई जिम्मेदारी

बिजली विभाग में इस समय अनुरक्षण माह चल रहा है. इस दौरान उपकेंद्रों से जुड़े उपकरणों और लाइनों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाता है. लेकिन जांच में यह भी सामने आया कि शहजाद अली के कार्यक्षेत्र में अनुरक्षण कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं थी.

विद्युत आपूर्ति के नियमित रखरखाव में भी अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई गई. इसके अलावा बिना किसी पूर्व सूचना के अपने कार्यस्थल और मुख्यालय से अनुपस्थित रहना विभागीय नियमों का उल्लंघन माना गया. अधिकारियों के अनुसार यह स्थिति उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली आपूर्ति को प्रभावित कर सकती थी.

लापरवाही और अनुशासनहीनता पर गिरी गाज

पूरे मामले की समीक्षा के बाद अधीक्षण अभियंता अनिल पाठक ने अवर अभियंता शहजाद अली को प्रथम दृष्टया दोषी पाया. विभाग ने माना कि उनका आचरण अपने दायित्वों के प्रति घोर उदासीनता और लापरवाही को दर्शाता है.

मंत्री के निर्देश के बावजूद ड्यूटी पर उपस्थित न होना भी गंभीर अनुशासनहीनता माना गया. इसके बाद अधीक्षण अभियंता ने तत्काल प्रभाव से शहजाद अली को निलंबित कर दिया. विभाग ने साफ संदेश दिया है कि बिजली व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

Latest News

Accident In Fatehpur: फतेहपुर में बारातियों से भरी बस डंपर से टकराकर पलटी, बड़ी संख्या में घायल Accident In Fatehpur: फतेहपुर में बारातियों से भरी बस डंपर से टकराकर पलटी, बड़ी संख्या में घायल
फतेहपुर के असोथर क्षेत्र में शनिवार रात बारातियों से भरी मिनी बस डंपर से टकराकर खंती में पलट गई. हादसे...
आज का राशिफल 25 अप्रैल 2026: शनिवार के दिन कैसे रहेंगे आपके ग्रह, जानिए दैनिक भाग्यफल में क्या कहते हैं सितारे
Fatehpur News: फतेहपुर में पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह की तहरीर पर सपा मीडिया सेल के एक्स अकाउंट पर दर्ज हुआ मुकदमा
Uttar Pradesh: यूपी के किसान 30 तारीख तक करा लें ये काम, नहीं बंद हो जाएगा सरकारी योजनाओं का लाभ
Fatehpur News: बेटे की शादी का कार्ड बांटने निकले पिता और भतीजे की मौत, खुशियां बदलीं मातम में
UP Board Results 2026: फतेहपुर के अभिषेक तिवारी ने रचा इतिहास ! किसान के बेटे ने 97% अंक लाकर प्रदेश में हासिल की 5वीं रैंक
आज का राशिफल 24 अप्रैल 2026: मेष से लेकर मीन तक क्या कहते हैं आपके ग्रह, जानिए दैनिक भाग्यफल

Follow Us