
IPS Manjil Saini Biography: कौन हैं आईपीएस मंजिल सैनी? जिन्हें कहा जाता है 'लेडी सिंघम', जानिए कब-कब चर्चा में रहीं ये आईपीएस
आईपीएस मंजिल सैनी
2005 बैच की आईपीएस अधिकारी मंजिल सैनी (Ips Officer Manjil Saini) को तेज़तर्रार अधिकारी के रूप में जाना जाता है. मेरठ के चर्चित किडनी रैकेट (Kidney Racket) का भंडाफोड़ फिर दिल्ली के डॉक्टर के अपहरण वाले मामले में उन्हें सुरक्षित बचाकर चर्चा में आयी मंजिल सैनी के कार्य करने का तरीका बिल्कुल अलग है. हाल ही में उनकी यूपी कैडर में वापसी (Return Up Cadre) हुई है. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आने पर डीजीपी मुख्यालय से अटैच किया गया. उन्हें 26 जनवरी को राष्ट्रपति (President) द्वारा गैलेंट्री अवार्ड (Galantry Award) से सम्मानित किया गया था.
यूपी कैडर की तेजतर्रार आईपीएस अफसर मंजिल सैनी
यूपीएससी पास (Upsc) करने का सपना हर किसी का होता है. मजबूत इरादे (Strong Intentions) और पेशन्स हो तो बड़ा से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी तेज तर्रार आईपीएस अफसर की स्टोरी (Ips Officer Story) के बारे में जिन्हें कड़े अनुशासन और तेजतर्रार एक्शन के लिए जाना जाता है. यही नहीं उनकी कार्यशैली को देखकर लोगों ने उन्हें लेडी सिंघम की उपाधि दे दी. मेरठ, लखनऊ, इटावा समेत अन्य जिलों में बतौर एसएसपी रह चुकी हैं.
कौन हैं आईपीएस मंजिल सैनी (Who Is IPS Manjil Saini)?
आईपीएस मंजिल सैनी (IPS Manjil Saini) दिल्ली की रहने वाली है. उन्होंने दिल्ली के सेंड स्टीफंस कॉलेज से फिजिक्स ऑनर्स में स्नातक किया और यही नहीं इकोनॉमिक्स यानी अर्थशास्त्र में गोल्ड मेडल भी जीता. वर्ष 2000 में जसपाल देहाल से उन्होंने प्रेम विवाह किया था. 3 वर्षों तक इन्होंने कार्पोरेट फर्म में नौकरी की लेकिन उनका मन तो कुछ और करने का था. जिसके बाद उन्होंने 2005 में यूपीएससी की तैयारी की और पहली बार में ही उन्होंने परीक्षा पास कर आईपीएस अफसर बन गई. उन्हें यूपी केडर का आईपीएस बनाया गया.
किडनी रैकेट का पर्दाफाश, डॉक्टर के अपहरण मामले में चर्चा में आईं आईपीएस

लेडी सिंघम के नाम से हुई प्रसिद्ध, गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित
व्यापारी हत्याकांड में विवादों में घिरी अब यूपी कैडर में वापसी
वही एक समय ऐसा भी आया जब राजधानी लखनऊ में बतौर एसएसपी तैनात मंजिल सैनी विवादों में घिर गईं. दरअसल व्यापारी श्रवण कुमार साहू हत्याकांड मामले में उन पर सुरक्षा में चूक और लापरवाही का आरोप लगा था जिस पर विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए थे और मंजिल सैनी को केंद्रीय प्रति नियुक्ति पर दिल्ली भेज दिया था. जहां पर वह दिल्ली में डीआईजी एनएसजी के पद पर तैनात थी. हाल ही में उन्हें क्लीन चिट मिलने के बाद केंद्रीय प्रति नियुक्ति से वापस यूपी कैडर में भेजा गया है. माना जा रहा है कि यहां पर उनकी तनाती आईजी के पद पर होगी.
