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UPSC 2020 Topper:आसान नहीं होता जागृति अवस्थी बनना पढ़ें उनके संघर्ष की कहानी Jagriti Awasthi Biography

UPSC 2020 Topper:आसान नहीं होता जागृति अवस्थी बनना पढ़ें उनके संघर्ष की कहानी Jagriti Awasthi Biography
UPSC 2020 Topper Jagriti Awasthi

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 (UPSC Result 2020) का रिजल्ट जारी हो गया है।महिला संवर्ग में प्रथम स्थान औऱ आल इंडिया रैंकिंग में दूसरे स्थान पर आईं जागृति अवस्थी (UPSC Topper Jagriti Awasthi) के सफलता की हर ओर चर्चा हो रही है.आइए जानते हैं उनकी संघर्ष से सफलता की कहानी. UPSC 2020 Topper Success Story In Hindi

UPSC Topper Jagriti Awasthi:देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी सिविल सेवा 2020 का फाइनल रिजल्ट (UPSC 2020 Result) शुक्रवार को जारी किया गया है।इस साल कुल 764 उम्मीदवार सफल हुए हैं।आल इंडिया रैंकिंग में दूसरे स्थान पर आई मूल रूप से यूपी के फतेहपुर (Fatehpur Jagriti Awasthi) की रहने वाली जागृति अवस्थी की चर्चा पूरे देश में हो रही है।आइए जानते हैं उनको इस मुक़ाम तक पहुँचने के लिए कैसा संघर्ष करना पड़ा है। Fatehpur News

जागृति अवस्थी जीवन परिचय (UPSC Topper Jagriti Awasthi Biography In Hindi)

जागृति अवस्थी का वर्तमान हाल मुक़ाम भोपाल (Jagriti Awasthi Bhopal) मध्यप्रदेश है।हालांकि यदि मूल निवास स्थान की बात की जाए तो वह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर (Fatehpur Jagriti Awasthi) जनपद के बिंदकी तहसील अन्तर्गत अमौली विकास खण्ड का नसेनियाँ गाँव है।यहाँ के रहने वाले स्व महावीर अवस्थी पेशे से शिक्षक थे उनके चार बेटे योगेश अवस्थी, केशव अवस्थी, सुरेश चन्द्र अवस्थी, अवधेश चन्द्र अवस्थी हैं।इनमें योगेश औऱ केशव प्रवक्ता हैं।सुरेश चंद्र अवस्थी जागृति के पिता हैं।छोटे भाई अवधेश अवस्थी 2005 से 2020 तक लगातार तीन पंचवर्षीय नसेनिया गाँव के ग्राम प्रधान रहें हैं।UPSC Topper Jagriti Awasthi Biography

जागृति के पिता डॉ. सुरेश चंद्र अवस्थी इंटर तक की पढ़ाई फतेहपुर से करने के बाद बीएचएमएस की पढ़ाई के लिए मध्यप्रदेश के छतरपुर चले गए थे।वहां से डिग्री लेने के बाद वह भोपाल के मेडिकल कॉलेज में बतौर प्रोफेसर तैनात हैं।इसके बाद उनकी शादी छतरपुर के एक इंटर कॉलेज की शिक्षिका मधुबाला अवस्थी से हो गई।औऱ फिर डॉ. सुरेश अपनी पत्नी के संग भोपाल में ही रहने लगे।शादी विवाह औऱ त्योहारों पर सुरेश अवस्थी नसेनियाँ गाँव आते हैं। Fatehpur News Jagriti Awasthi

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1996 में डॉ सुरेश चंद्र अवस्थी के आंगन में जागृति की किलकारियां गूँजी।बचपन से ही होनहार जागृति ने इंटर तक की पढ़ाई भोपाल से करने के बाद मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट से 2017 में बीटेक किया।इसके बाद भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में बतौर इंजीनियर (क्लास 1 आफ़िसर) जॉइन कर लिया।

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आईएएस के लिए छोड़ दी नौकरी.. Jagriti Awasthi IAS

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भेल में क्लास वन ऑफिसर की नौकरी करने के बाद भी मन में आईएएस बनने की इच्छा थी।जिसके चलते उन्होंने दृढ़ संकल्प लिया औऱ जोखिम लेते हुए नौकरी से इस्तीफ़ा देकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली चली गईं।पहले प्रयास में वह प्रीलिम्स भी नहीं पास कर पाई थी लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी औऱ जज़्बे के साथ तैयारी में जुटी रहीं जिसका परिणाम ये रहा है कि दूसरे प्रयास में उन्होंने न सिर्फ़ यूपीएससी क्लियर किया बल्कि महिला संवर्ग में प्रथम स्थान औऱ आल इंडिया रैंकिंग में दूसरा स्थान ला पूरे देश में अपनी सफलता का झंडा गाड़ दिया। jagriti awasthi biography

घर में बन्द हो गई थी टीवी..

जागृति अवस्थी के छोटे भाई नीट की परीक्षा पास करने के बाद एमबीबीएस कर रहें हैं।तैयारी के लिए दिल्ली गईं जागृति को कुछ महीनों बाद ही भोपाल वापस लौटना पड़ा क्योंकि कोरोना के चलते कोचिंग संस्थान बन्द हो गए थे।जिसके बाद उन्होंने घर से ही ऑनलाइन कोचिंग जॉइन करके तैयारी की।बताया जा रहा है कि जागृति की पढ़ाई में मां, पिता औऱ भाई का भी योगदान कम नहीं है।जागृति के घर में चार सालों से टीवी नहीं चला है।माँ ने अपनी नौकरी छोड़ दी।घर में पूरी तरह से जागृति के लिए शिक्षा वाला माहौल दिया गया।UPSC Topper 2020 Jagriti Awasthi Family

अपने भाई सुयश अवस्थी के बारे में जागृति कहती हैं कि भाई ने उस वक्त हिम्मत दी जब मैंने भेल की नौकरी से इस्तीफ़ा देने का मन बनाया।भाई ने हौसला दिया कि यदि आप इसको छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी करना चाहती हैं तो बेशक नौकरी से इस्तीफा दे दीजिए।वह कहती हैं कि क्योंकि ऐसे निर्णय लेना हर किसी के लिए मुश्किल भरा होता है। Jagriti Awasthi Biography

जागृति का सक्सेस मंत्र.. Jagriti Awasthi Success Story

जागृति बताती हैं कि रोजाना आठ से दस घण्टे पढ़ाई की सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूरी बनाई।साथ ही जितना पढ़ो उसकी प्रक्टिस बहुत जरूरी है।उन्होंने कहा कि सिविल सेवा तैयारी के लिए पढ़ाई का कांटीन्यू होना बहुत जरूरी है।जागृति ने वैकल्पिक विषय मे समाजशास्त्र लिया था। Fatehpur Jagriti Awasthi News

26 Sep 2021 By Shubham Mishra

UPSC 2020 Topper:आसान नहीं होता जागृति अवस्थी बनना पढ़ें उनके संघर्ष की कहानी Jagriti Awasthi Biography

UPSC Topper Jagriti Awasthi:देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी सिविल सेवा 2020 का फाइनल रिजल्ट (UPSC 2020 Result) शुक्रवार को जारी किया गया है।इस साल कुल 764 उम्मीदवार सफल हुए हैं।आल इंडिया रैंकिंग में दूसरे स्थान पर आई मूल रूप से यूपी के फतेहपुर (Fatehpur Jagriti Awasthi) की रहने वाली जागृति अवस्थी की चर्चा पूरे देश में हो रही है।आइए जानते हैं उनको इस मुक़ाम तक पहुँचने के लिए कैसा संघर्ष करना पड़ा है। Fatehpur News

जागृति अवस्थी जीवन परिचय (UPSC Topper Jagriti Awasthi Biography In Hindi)

जागृति अवस्थी का वर्तमान हाल मुक़ाम भोपाल (Jagriti Awasthi Bhopal) मध्यप्रदेश है।हालांकि यदि मूल निवास स्थान की बात की जाए तो वह उत्तर प्रदेश के फतेहपुर (Fatehpur Jagriti Awasthi) जनपद के बिंदकी तहसील अन्तर्गत अमौली विकास खण्ड का नसेनियाँ गाँव है।यहाँ के रहने वाले स्व महावीर अवस्थी पेशे से शिक्षक थे उनके चार बेटे योगेश अवस्थी, केशव अवस्थी, सुरेश चन्द्र अवस्थी, अवधेश चन्द्र अवस्थी हैं।इनमें योगेश औऱ केशव प्रवक्ता हैं।सुरेश चंद्र अवस्थी जागृति के पिता हैं।छोटे भाई अवधेश अवस्थी 2005 से 2020 तक लगातार तीन पंचवर्षीय नसेनिया गाँव के ग्राम प्रधान रहें हैं।UPSC Topper Jagriti Awasthi Biography

जागृति के पिता डॉ. सुरेश चंद्र अवस्थी इंटर तक की पढ़ाई फतेहपुर से करने के बाद बीएचएमएस की पढ़ाई के लिए मध्यप्रदेश के छतरपुर चले गए थे।वहां से डिग्री लेने के बाद वह भोपाल के मेडिकल कॉलेज में बतौर प्रोफेसर तैनात हैं।इसके बाद उनकी शादी छतरपुर के एक इंटर कॉलेज की शिक्षिका मधुबाला अवस्थी से हो गई।औऱ फिर डॉ. सुरेश अपनी पत्नी के संग भोपाल में ही रहने लगे।शादी विवाह औऱ त्योहारों पर सुरेश अवस्थी नसेनियाँ गाँव आते हैं। Fatehpur News Jagriti Awasthi

1996 में डॉ सुरेश चंद्र अवस्थी के आंगन में जागृति की किलकारियां गूँजी।बचपन से ही होनहार जागृति ने इंटर तक की पढ़ाई भोपाल से करने के बाद मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट से 2017 में बीटेक किया।इसके बाद भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में बतौर इंजीनियर (क्लास 1 आफ़िसर) जॉइन कर लिया।

आईएएस के लिए छोड़ दी नौकरी.. Jagriti Awasthi IAS

भेल में क्लास वन ऑफिसर की नौकरी करने के बाद भी मन में आईएएस बनने की इच्छा थी।जिसके चलते उन्होंने दृढ़ संकल्प लिया औऱ जोखिम लेते हुए नौकरी से इस्तीफ़ा देकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली चली गईं।पहले प्रयास में वह प्रीलिम्स भी नहीं पास कर पाई थी लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी औऱ जज़्बे के साथ तैयारी में जुटी रहीं जिसका परिणाम ये रहा है कि दूसरे प्रयास में उन्होंने न सिर्फ़ यूपीएससी क्लियर किया बल्कि महिला संवर्ग में प्रथम स्थान औऱ आल इंडिया रैंकिंग में दूसरा स्थान ला पूरे देश में अपनी सफलता का झंडा गाड़ दिया। jagriti awasthi biography

घर में बन्द हो गई थी टीवी..

जागृति अवस्थी के छोटे भाई नीट की परीक्षा पास करने के बाद एमबीबीएस कर रहें हैं।तैयारी के लिए दिल्ली गईं जागृति को कुछ महीनों बाद ही भोपाल वापस लौटना पड़ा क्योंकि कोरोना के चलते कोचिंग संस्थान बन्द हो गए थे।जिसके बाद उन्होंने घर से ही ऑनलाइन कोचिंग जॉइन करके तैयारी की।बताया जा रहा है कि जागृति की पढ़ाई में मां, पिता औऱ भाई का भी योगदान कम नहीं है।जागृति के घर में चार सालों से टीवी नहीं चला है।माँ ने अपनी नौकरी छोड़ दी।घर में पूरी तरह से जागृति के लिए शिक्षा वाला माहौल दिया गया।UPSC Topper 2020 Jagriti Awasthi Family

अपने भाई सुयश अवस्थी के बारे में जागृति कहती हैं कि भाई ने उस वक्त हिम्मत दी जब मैंने भेल की नौकरी से इस्तीफ़ा देने का मन बनाया।भाई ने हौसला दिया कि यदि आप इसको छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी करना चाहती हैं तो बेशक नौकरी से इस्तीफा दे दीजिए।वह कहती हैं कि क्योंकि ऐसे निर्णय लेना हर किसी के लिए मुश्किल भरा होता है। Jagriti Awasthi Biography

जागृति का सक्सेस मंत्र.. Jagriti Awasthi Success Story

जागृति बताती हैं कि रोजाना आठ से दस घण्टे पढ़ाई की सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूरी बनाई।साथ ही जितना पढ़ो उसकी प्रक्टिस बहुत जरूरी है।उन्होंने कहा कि सिविल सेवा तैयारी के लिए पढ़ाई का कांटीन्यू होना बहुत जरूरी है।जागृति ने वैकल्पिक विषय मे समाजशास्त्र लिया था। Fatehpur Jagriti Awasthi News

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