Fatehpur News: फतेहपुर में शिक्षिका पर लगा गबन का आरोप ! बिना हस्ताक्षर निकाल लिए गए पैसे
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फतेहपुर (Farehpur) में प्राथमिक विद्यालय मनीपुर सेमरिया की प्रधानाचार्य पर पैसों के गबन का आरोप लगा है. ग्राम प्रधान ने पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
Farehpur News: यूपी के फतेहपुर में एक शिक्षिका पर शिक्षा समिति के खाते से पैसे निकाल कर गबन करने का आरोप लगा है. मामला विजयीपुर ब्लॉक के ग्राम मनीपुर सेमरिया प्राथमिक विद्यालय का है.
बताया जा रहा है कि शिक्षा समिति के अध्यक्ष अंबरीश के बिना हस्ताक्षर किए खाते से 25 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं. ग्राम प्रधान पहाड़पुर मदन सिंह ने उच्चाधिकारियों से लिखित में इसकी शिकायत की है.
फर्जी सिग्नेचर से निकाल लिए गए पैसे
फतेहपुर (Fatehpur) के विजयीपुर ब्लॉक अंतर्गत मनीपुर सेमरिया प्राथमिक विद्यालय की इंचार्ज नीलम देवी पर ग्राम प्रधान पहाड़पुर मदन सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा है कि शिक्षा समिति के अध्यक्ष अंबरीश पिछले 9 महीने से विद्यालय नहीं गए ना ही उन्हें बुलाया गया.
@dmfatehpur @CMOfficeUP @myogioffice फतेहपुर जनपद के शिक्षा क्षेत्र विजयपुर ग्राम सभा पहाड़पुर मजरे मणिपुर सिमरिया में तैनात शिक्षिका नीलम देवी द्वारा अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर₹25000 निकालना महोदय कृपया कार्रवाई करने का कष्ट करें pic.twitter.com/67cN1kipc1Read More: Uttar Pradesh News: यूपी में 67 आईएएस अफसरों का प्रमोशन, नए साल में हो सकते हैं कई बड़े बदलाव— Madan Pradhan (@MadanYadav_7171) August 24, 2024
समिति की बैठक फर्जी तरीके से कागज में दिखाई जाती है. मदन सिंह कहते हैं कि अध्यक्ष ने उनसे कहा कि बिना हस्ताक्षर किए खाते से 25 हजार रुपए निकाल लिए गए जिसमें कुछ अपने नाम कुछ फर्म के नाम हैं. उन्होंने कहा कि इस फर्जीवाड़े में सहायक अध्यापक भी शामिल हैं. ग्राम प्रधान ने इस पूरे मामले में जांच करते हुए विधिक कार्रवाई की मांग की है.
प्राथमिक विद्यालय की इंचार्ज ने क्या कहा?
प्राथमिक विद्यालय मनीपुर सेमरिया की प्रधानाचार्य नीलम देवी ने बातचीत करते हुए आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि ये प्रकरण अप्रैल महीने का है और बीईओ ने इसकी पूरी जांच की है. उन्होंने कहा कि सारे दस्तावेज अधिकारियों को दिखाए गए हैं.
नीलम कहती हैं कि 25 हजार रुपए पूरे वर्ष भर विद्यालय के रख रखाव के लिए आते हैं. कई बार पैसे कम पड़ने पर अपने वेतन से भी लगाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि ये सब उन्हें फंसाने की साजिश है.
वहीं जब इस मामले के बारे में बीएसए भारती त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार की लिखित शिकायत अभी तक मिली नहीं हैं. जब तक पूरे प्रकरण को समझा नहीं जाएगा तब तक इस संबंध में कुछ भी कहना ठीक नहीं है.
