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Up Shiksha Mitra News: ट्वीटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा है यूपी के शिक्षामित्रों का दर्द

Up Shiksha Mitra News: ट्वीटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा है यूपी के शिक्षामित्रों का दर्द
फतेहपुर में प्रदर्शन करते जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी व अन्य।

यूपी के शिक्षा मित्रों ने सोमवार को सरकार द्वारा की जा रही वादा खिलाफ़ी के विरोध में अपने अपने घरों से विरोध प्रदर्शन किया।औऱ ट्वीटर पर भी इसको लेकर अभियान छेड़ा। Up Shikshamitra News

Up Shiksha Mitra News: समायोजन रद्द होने के बाद बेहद कम मानदेय में नौकरी कर रहे यूपी के शिक्षा मित्रों का दर्द एक फ़िर छलक उठा।इस बार शिक्षा मित्रों ने सरकार तक अपनी आवाज़ पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है।Up shiksha mitra latest news

कोरोना औऱ लॉकडाउन के चलते सोमवार को शिक्षामित्रो ने अपने अपने घरों से धरना दिया।और ट्वीटर पर इसके लिए मुहिम छोड़ी।जिसके चलते शाम होते होते #यूपी_के_शिक्षामित्रों_का_दर्द इंडिया में टॉप ट्रेंड करने लगा। रात तक इस हैशटैग से चार लाख से ज़्यादा ट्वीट हो चुके थे।

शिक्षा मित्रों के संगठन के  फतेहपुर जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी के आह्वाहन पर फतेहपुर में भी शिक्षा मित्रों ने घरों में रहकर इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।सुशील तिवारी ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा बनारस की धरती में समायोजन रद्द होने के उपरांत व हजारों शिक्षामित्रों की मृत्यु होने पर यह कहा था कि अब शिक्षामित्र हताश व निराश न हों, शिक्षामित्रों की जिम्मेदारी मेरी" इसी तर्ज पर भारत के गृह मंत्री अमित शाह जी ने भी उत्तर प्रदेश के चुनावी संकल्प पत्र 2017 के माध्यम यह घोषणा की थी कि अगर हमारी सरकार बनी तो शिक्षामित्रों की समस्याओं को तीन महीनों के अंदर समाधान किया जाएगा।साढ़े चार साल बीत जाने के उपरांत उपरोक्त वादा खिलाफी से क्षुब्ध व हताश शिक्षामित्रों ने कोविड के नियमो का पालन करते हुए घर मे ही एक दिवसीय धरना आदि के माध्यम से माननीयों को वादा याद दिलाने का कार्य किया है।

जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी ने कहा कि पहले शिक्षामित्र चालीस हजार पाता था फिर समायोजन रद्द के उपरांत दस हजार में आ गया। विगत साढ़े चार वर्षों से शिक्षामित्रों की असामयिक मृत्यु का सिलसिला अभी तक रूका नहीं है।हर शिक्षामित्र असहाय व दयनीय स्थिति में है और इसी मानसिक तनाव के चलते कई हजार शिक्षामित्र दिवंगत हो चुके हैं। माननीयों द्वारा वादाखिलाफी के कारण शिक्षामित्र वादा याद दिलाने को मजबूर था। इस मुहिम में सभी शिक्षामित्र साथियों ने बढ़चढ़कर साथ दिया जिसके लिए सभी ब्लॉक टीमो व शिक्षामित्र साथियों को बहुत बहुत धन्यवाद। सभी के साथ व सहयोग से ही हम सरकार से अपनी बात मनवा सकते हैं।

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31 May 2021 By Shubham Mishra

Up Shiksha Mitra News: ट्वीटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा है यूपी के शिक्षामित्रों का दर्द

Up Shiksha Mitra News: समायोजन रद्द होने के बाद बेहद कम मानदेय में नौकरी कर रहे यूपी के शिक्षा मित्रों का दर्द एक फ़िर छलक उठा।इस बार शिक्षा मित्रों ने सरकार तक अपनी आवाज़ पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है।Up shiksha mitra latest news

कोरोना औऱ लॉकडाउन के चलते सोमवार को शिक्षामित्रो ने अपने अपने घरों से धरना दिया।और ट्वीटर पर इसके लिए मुहिम छोड़ी।जिसके चलते शाम होते होते #यूपी_के_शिक्षामित्रों_का_दर्द इंडिया में टॉप ट्रेंड करने लगा। रात तक इस हैशटैग से चार लाख से ज़्यादा ट्वीट हो चुके थे।

शिक्षा मित्रों के संगठन के  फतेहपुर जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी के आह्वाहन पर फतेहपुर में भी शिक्षा मित्रों ने घरों में रहकर इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।सुशील तिवारी ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा बनारस की धरती में समायोजन रद्द होने के उपरांत व हजारों शिक्षामित्रों की मृत्यु होने पर यह कहा था कि अब शिक्षामित्र हताश व निराश न हों, शिक्षामित्रों की जिम्मेदारी मेरी" इसी तर्ज पर भारत के गृह मंत्री अमित शाह जी ने भी उत्तर प्रदेश के चुनावी संकल्प पत्र 2017 के माध्यम यह घोषणा की थी कि अगर हमारी सरकार बनी तो शिक्षामित्रों की समस्याओं को तीन महीनों के अंदर समाधान किया जाएगा।साढ़े चार साल बीत जाने के उपरांत उपरोक्त वादा खिलाफी से क्षुब्ध व हताश शिक्षामित्रों ने कोविड के नियमो का पालन करते हुए घर मे ही एक दिवसीय धरना आदि के माध्यम से माननीयों को वादा याद दिलाने का कार्य किया है।

जिलाध्यक्ष सुशील तिवारी ने कहा कि पहले शिक्षामित्र चालीस हजार पाता था फिर समायोजन रद्द के उपरांत दस हजार में आ गया। विगत साढ़े चार वर्षों से शिक्षामित्रों की असामयिक मृत्यु का सिलसिला अभी तक रूका नहीं है।हर शिक्षामित्र असहाय व दयनीय स्थिति में है और इसी मानसिक तनाव के चलते कई हजार शिक्षामित्र दिवंगत हो चुके हैं। माननीयों द्वारा वादाखिलाफी के कारण शिक्षामित्र वादा याद दिलाने को मजबूर था। इस मुहिम में सभी शिक्षामित्र साथियों ने बढ़चढ़कर साथ दिया जिसके लिए सभी ब्लॉक टीमो व शिक्षामित्र साथियों को बहुत बहुत धन्यवाद। सभी के साथ व सहयोग से ही हम सरकार से अपनी बात मनवा सकते हैं।

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