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UP:रायबरेली सीएमओ हटाए गए..चुकानी पड़ी डीएम के विरोध की क़ीमत..!

UP:रायबरेली सीएमओ हटाए गए..चुकानी पड़ी डीएम के विरोध की क़ीमत..!
रायबरेली डीएम वैभव श्रीवास्तव।

रायबरेली के सीएमओ डॉ संजय कुमार शर्मा को हटा दिया गया है।उनका तबादला वरिष्ठ परामर्शदाता जिला चिकित्सालय झाँसी के पद पर कर दिया गया है..पढ़ें पूरी ख़बर युगान्तर प्रवाह पर..

लखनऊ:रायबरेली का डीएम सीएमओ विवाद शासन स्तर तक पहुँचने के बाद गाज सीएमओ के ऊपर ही गिर गई।उन्हें डीएम के विरोध की क़ीमत चुकानी पड़ी।देर शाम प्रदेश सरकार ने  मुख्य चिकित्सा अधिकारी( सीएमओ) रायबरेली को वहां से हटाकर झांसी में वरिष्ठ परामर्शदाता बना दिया।रायबरेली के नए सीएमओ डॉ वीरेंद्र सिंह बनाए गए हैं।raibarely dm vaibhav shreevastv

क्या है डीएम सीएमओ विवाद..

दरअसल रायबरेली के डीएम वैभव श्रीवास्तव पर हाल ही में सीएमओ रहे संजय कुमार ने आरोप लगाया था कि एक मीटिंग के दौरान सबके सामने डीएम ने उन्हें गधा कहा और भी कई तरह की आपत्तिजनक बातें कहीं।इस मामले में सीएमओ ने शासन को  पत्र लिखकर डीएम के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की माँग की थी।सीएमओ के पक्ष में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ़ का संघ भी आ गया था।

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मामला शासन स्तर पर पहुँचा तो लखनऊ मंडल के कमिश्नर मुकेश मेश्राम रायबरेली पहुँचे और दोनों अधिकारियों से अलग अलग बातचीत कर पूरे मामले का पटाक्षेप करने की बात कही।उन्होंने कहा कि ऐसी बातें दुर्भाग्यपूर्ण हैं कोरोना काल में सबको मिलकर काम करना होगा।औऱ पूरे मामले को आल इज वेल कहते हुए वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए।हालांकि डीएम ने सारे आरोपों को सिरे से ख़ारिज कर दिया था। raibarely cmo transferred

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लेकिन इस मामले में डीएम सीएमओ पर भारी पड़ गए और इसकी क़ीमत सीएमओ को अपनी कुर्सी गवांकर चुकानी पड़ी।बुधवार को सीएमओ को रायबरेली से हटा दिया गया और उन्हें झाँसी भेज दिया गया वरिष्ठ परामर्शदाता बनाकर।लेकिन सवाल है यह भी है कि क्या सीएमओ द्वारा लगाए गए आरोपों की जाँच नहीं होनी चाहिए क्योंकि किसी भी अधीनस्थ के लिए भरी मीटिंग में डीएम द्वारा अपशब्दों का प्रयोग जायज़ नहीं ठहराया जा सकता है।

09 Sep 2020 By Shubham Mishra

UP:रायबरेली सीएमओ हटाए गए..चुकानी पड़ी डीएम के विरोध की क़ीमत..!

लखनऊ:रायबरेली का डीएम सीएमओ विवाद शासन स्तर तक पहुँचने के बाद गाज सीएमओ के ऊपर ही गिर गई।उन्हें डीएम के विरोध की क़ीमत चुकानी पड़ी।देर शाम प्रदेश सरकार ने  मुख्य चिकित्सा अधिकारी( सीएमओ) रायबरेली को वहां से हटाकर झांसी में वरिष्ठ परामर्शदाता बना दिया।रायबरेली के नए सीएमओ डॉ वीरेंद्र सिंह बनाए गए हैं।raibarely dm vaibhav shreevastv

क्या है डीएम सीएमओ विवाद..

दरअसल रायबरेली के डीएम वैभव श्रीवास्तव पर हाल ही में सीएमओ रहे संजय कुमार ने आरोप लगाया था कि एक मीटिंग के दौरान सबके सामने डीएम ने उन्हें गधा कहा और भी कई तरह की आपत्तिजनक बातें कहीं।इस मामले में सीएमओ ने शासन को  पत्र लिखकर डीएम के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की माँग की थी।सीएमओ के पक्ष में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ़ का संघ भी आ गया था।

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मामला शासन स्तर पर पहुँचा तो लखनऊ मंडल के कमिश्नर मुकेश मेश्राम रायबरेली पहुँचे और दोनों अधिकारियों से अलग अलग बातचीत कर पूरे मामले का पटाक्षेप करने की बात कही।उन्होंने कहा कि ऐसी बातें दुर्भाग्यपूर्ण हैं कोरोना काल में सबको मिलकर काम करना होगा।औऱ पूरे मामले को आल इज वेल कहते हुए वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए।हालांकि डीएम ने सारे आरोपों को सिरे से ख़ारिज कर दिया था। raibarely cmo transferred

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लेकिन इस मामले में डीएम सीएमओ पर भारी पड़ गए और इसकी क़ीमत सीएमओ को अपनी कुर्सी गवांकर चुकानी पड़ी।बुधवार को सीएमओ को रायबरेली से हटा दिया गया और उन्हें झाँसी भेज दिया गया वरिष्ठ परामर्शदाता बनाकर।लेकिन सवाल है यह भी है कि क्या सीएमओ द्वारा लगाए गए आरोपों की जाँच नहीं होनी चाहिए क्योंकि किसी भी अधीनस्थ के लिए भरी मीटिंग में डीएम द्वारा अपशब्दों का प्रयोग जायज़ नहीं ठहराया जा सकता है।

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