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UP Gram Pradhan News : यूपी में 1000 से ज़्यादा ग्राम प्रधानों की चली गई कुर्सी, जानें क्यों

UP Gram Pradhan News : यूपी में 1000 से ज़्यादा ग्राम प्रधानों की चली गई कुर्सी, जानें क्यों
UP Gram Pradhan News

उत्तर प्रदेश में 1 हज़ार से ज़्यादा ग्राम प्रधानों की कुर्सी छिन गई है.पांच साल का कार्यकाल महज़ डेढ़ साल में ख़त्म हो गया है. जिसके चलते प्रधानी जानें से ग्राम प्रधानों में मायूसी छा गई है.

UP News : जब जीते तब पांच साल के लिए कुर्सी मिली थी, लेकिन हुआ कुछ ऐसा की डेढ़ साल में ही कुर्सी चली गई. जी हम बात कर रहे हैं कि यूपी के ऐसे 1000 से ज़्यादा ग्राम प्रधानों की जिनकी कुर्सी नगर निकाय के चलते चली गई है. 

बता दें कि यूपी सरकार ने 100 से ज्यादा नई नगर पंचायतों का गठन कर दिया है. जबकि 122 नगर निकायों का सीमा विस्तार इन डेढ़ सालों में किया है. इससे 45 जिलों की करीब 1 हजार ग्राम पंचायतों का वजूद ही नहीं रहा. अब ये ग्राम नगर निकायों का हिस्सा हो गए हैं. जिसके चलते इन ग्राम पंचायतों के प्रधानों के अधिकार स्वतः ही समाप्त हो गए हैं.

उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2021 में हुए पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्य बनने के लिए उम्मीदवारों ने पूरे दम के साथ चुनाव लड़ा था.चुनाव जीतने के बाद उन्होंने पांच वर्ष तक ग्राम प्रधान बनकर अपनी राजनीति संवारने का सपना देखा था.

लेकिन सरकार ने इस दौरान 111 नई नगर पंचायतों का गठन और करीब 122 निकायों का सीमा विस्तार कर इनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. सरकार के इस फैसले से 45 जिलों की एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का अस्तित्व खत्म हो गया और ग्राम प्रधानों और वार्ड सदस्यों का कार्यकाल डेढ़ वर्ष में ही खत्म हो गया. 

Read More: Fatehpur News: पिता की एक सीख से शिवम ने रचा इतिहास ! पास की UPSC परीक्षा, भारतीय सूचना सेवा में हुआ चयन

बता दें कि प्रदेश में 752 नगर निकायों में इसी साल के अंत तक ( नवम्बर-दिसम्बर )चुनाव होने हैं,  752 नगर निकायों में 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका औऱ 535 नगर पंचायते हैं.

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15 Oct 2022 By Shubham Mishra

UP Gram Pradhan News : यूपी में 1000 से ज़्यादा ग्राम प्रधानों की चली गई कुर्सी, जानें क्यों

UP News : जब जीते तब पांच साल के लिए कुर्सी मिली थी, लेकिन हुआ कुछ ऐसा की डेढ़ साल में ही कुर्सी चली गई. जी हम बात कर रहे हैं कि यूपी के ऐसे 1000 से ज़्यादा ग्राम प्रधानों की जिनकी कुर्सी नगर निकाय के चलते चली गई है. 

बता दें कि यूपी सरकार ने 100 से ज्यादा नई नगर पंचायतों का गठन कर दिया है. जबकि 122 नगर निकायों का सीमा विस्तार इन डेढ़ सालों में किया है. इससे 45 जिलों की करीब 1 हजार ग्राम पंचायतों का वजूद ही नहीं रहा. अब ये ग्राम नगर निकायों का हिस्सा हो गए हैं. जिसके चलते इन ग्राम पंचायतों के प्रधानों के अधिकार स्वतः ही समाप्त हो गए हैं.

उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2021 में हुए पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्य बनने के लिए उम्मीदवारों ने पूरे दम के साथ चुनाव लड़ा था.चुनाव जीतने के बाद उन्होंने पांच वर्ष तक ग्राम प्रधान बनकर अपनी राजनीति संवारने का सपना देखा था.

लेकिन सरकार ने इस दौरान 111 नई नगर पंचायतों का गठन और करीब 122 निकायों का सीमा विस्तार कर इनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. सरकार के इस फैसले से 45 जिलों की एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का अस्तित्व खत्म हो गया और ग्राम प्रधानों और वार्ड सदस्यों का कार्यकाल डेढ़ वर्ष में ही खत्म हो गया. 

बता दें कि प्रदेश में 752 नगर निकायों में इसी साल के अंत तक ( नवम्बर-दिसम्बर )चुनाव होने हैं,  752 नगर निकायों में 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका औऱ 535 नगर पंचायते हैं.

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