
Uttar Pradesh: यूपी में कोटेदारों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा, कमीशन बढ़ाकर बदला नाम, अब कहलाएंगे अन्नपूर्णा भवन संचालक
उत्तर प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े कोटेदारों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने उचित मूल्य दुकानदारों का कमीशन 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. साथ ही उन्हें अब ‘अन्नपूर्णा भवन संचालक’ के नाम से पहचान मिलेगी. केंद्र से अतिरिक्त 25 रुपये की मांग भी की गई है.
Uttar Pradesh Lucknow: उत्तर प्रदेश में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को लेकर योगी सरकार ने कोटेदारों के हित में अहम कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन में ई-पास आधारित कोटेदार कमीशन प्रणाली की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने कमीशन बढ़ाने के साथ कोटेदारों की पहचान और सम्मान से जुड़ा बड़ा ऐलान किया है.
कोटेदारों का बढ़ा कमीशन, अब मिलेंगे 125 रुपये प्रति क्विंटल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उचित मूल्य दुकानदारों के कमीशन में बढ़ोतरी की घोषणा की. अब अन्नपूर्णा भवन संचालकों को 90 रुपये के बजाय 125 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलेगा.

‘कोटेदार’ की जगह अब ‘अन्नपूर्णा भवन संचालक’
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले ‘कोटेदार’ शब्द को लेकर लोगों के मन में अच्छी धारणा नहीं थी. सरकार ने पारदर्शी राशन वितरण व्यवस्था लागू कर इस धारणा को बदलने का प्रयास किया है. अब उचित मूल्य दुकानदारों को ‘अन्नपूर्णा भवन संचालक’ के रूप में पहचान दी जाएगी.
ई-पास व्यवस्था से राशन वितरण में बढ़ेगी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने लोक भवन में ई-पास आधारित कोटेदार कमीशन प्रणाली का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और डिजिटल बनाना है.
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों पर e-PoS मशीनें लगाना शुरू किया था. इसके पीछे मकसद राशन वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना था. सरकार ने FCI के गोदाम से उचित मूल्य की दुकान तक राशन पहुंचाने के लिए Single Doorstep और Single Delivery की व्यवस्था पर जोर दिया.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार और उचित मूल्य विक्रेता के बीच अनावश्यक बिचौलियों की भूमिका खत्म करने की दिशा में काम किया गया. इससे राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी और उचित मूल्य विक्रेताओं के प्रति लोगों की धारणा में भी बदलाव आया.
अन्नपूर्णा भवनों में मिलेंगी 39 तरह की खाद्य सामग्री
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अन्नपूर्णा भवनों को सिर्फ राशन वितरण तक सीमित नहीं रखा जा रहा है. इन भवनों के माध्यम से 39 प्रकार की खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की सुविधा दी जा रही है.
अन्नपूर्णा भवन संचालक कमीशन प्रणाली के तहत सरकार को अपना फीडबैक भी दे सकेंगे. सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करते हुए राशन वितरण में होने वाले फर्जीवाड़े और अनियमितताओं को कम किया जाए.
अन्नपूर्णा भवन में दुकान के साथ होगा गोदाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उचित मूल्य की दुकानों को ‘अन्नपूर्णा भवन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष अन्नपूर्णा भवनों के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इन भवनों में दुकान के साथ Warehouse की सुविधा भी विकसित की जाएगी.
कमीशन में कुल 35 रुपये की बढ़ोतरी का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले उचित मूल्य विक्रेताओं की मार्जिन मनी में 10 रुपये की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसमें अपनी ओर से 25 रुपये की वृद्धि की है.
इस तरह मुख्यमंत्री ने कुल 35 रुपये की बढ़ोतरी का उल्लेख किया. इसी क्रम में अब राज्य स्तर पर कमीशन को 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है.
गरीबों को मुफ्त राशन और घर तक पहुंचाने की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ से अधिक लोग मुफ्त राशन की सुविधा का लाभ ले रहे हैं.
उन्होंने बताया कि ऐसे निराश्रित और दिव्यांग लोग जो राशन की दुकान तक नहीं पहुंच सकते, उनके घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. सरकार का जोर है कि पात्र लोगों को राशन लेने में किसी तरह की परेशानी न हो.
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्नपूर्णा भवन संचालकों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील भी की. उन्होंने लोगों से भी स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया.
मुख्यमंत्री ने ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले सामान की मांग बढ़ेगी.
Uttar Pradesh: यूपी में कोटेदारों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा, कमीशन बढ़ाकर बदला नाम, अब कहलाएंगे अन्नपूर्णा भवन संचालक
Uttar Pradesh Lucknow: उत्तर प्रदेश में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को लेकर योगी सरकार ने कोटेदारों के हित में अहम कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन में ई-पास आधारित कोटेदार कमीशन प्रणाली की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने कमीशन बढ़ाने के साथ कोटेदारों की पहचान और सम्मान से जुड़ा बड़ा ऐलान किया है.
कोटेदारों का बढ़ा कमीशन, अब मिलेंगे 125 रुपये प्रति क्विंटल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उचित मूल्य दुकानदारों के कमीशन में बढ़ोतरी की घोषणा की. अब अन्नपूर्णा भवन संचालकों को 90 रुपये के बजाय 125 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलेगा.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कमीशन में 25 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बढ़ोतरी की सिफारिश करने की बात कही. यानी केंद्र की मंजूरी मिलने पर कमीशन में और इजाफा हो सकता है.
‘कोटेदार’ की जगह अब ‘अन्नपूर्णा भवन संचालक’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की रीढ़ माने जाने वाले उचित मूल्य विक्रेताओं को अब नए नाम और नई पहचान के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले ‘कोटेदार’ शब्द को लेकर लोगों के मन में अच्छी धारणा नहीं थी. सरकार ने पारदर्शी राशन वितरण व्यवस्था लागू कर इस धारणा को बदलने का प्रयास किया है. अब उचित मूल्य दुकानदारों को ‘अन्नपूर्णा भवन संचालक’ के रूप में पहचान दी जाएगी.
ई-पास व्यवस्था से राशन वितरण में बढ़ेगी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने लोक भवन में ई-पास आधारित कोटेदार कमीशन प्रणाली का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और डिजिटल बनाना है.
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों पर e-PoS मशीनें लगाना शुरू किया था. इसके पीछे मकसद राशन वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना था. सरकार ने FCI के गोदाम से उचित मूल्य की दुकान तक राशन पहुंचाने के लिए Single Doorstep और Single Delivery की व्यवस्था पर जोर दिया.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार और उचित मूल्य विक्रेता के बीच अनावश्यक बिचौलियों की भूमिका खत्म करने की दिशा में काम किया गया. इससे राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी और उचित मूल्य विक्रेताओं के प्रति लोगों की धारणा में भी बदलाव आया.
अन्नपूर्णा भवनों में मिलेंगी 39 तरह की खाद्य सामग्री
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अन्नपूर्णा भवनों को सिर्फ राशन वितरण तक सीमित नहीं रखा जा रहा है. इन भवनों के माध्यम से 39 प्रकार की खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की सुविधा दी जा रही है.
अन्नपूर्णा भवन संचालक कमीशन प्रणाली के तहत सरकार को अपना फीडबैक भी दे सकेंगे. सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करते हुए राशन वितरण में होने वाले फर्जीवाड़े और अनियमितताओं को कम किया जाए.
अन्नपूर्णा भवन में दुकान के साथ होगा गोदाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उचित मूल्य की दुकानों को ‘अन्नपूर्णा भवन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष अन्नपूर्णा भवनों के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इन भवनों में दुकान के साथ Warehouse की सुविधा भी विकसित की जाएगी.
कमीशन में कुल 35 रुपये की बढ़ोतरी का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले उचित मूल्य विक्रेताओं की मार्जिन मनी में 10 रुपये की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसमें अपनी ओर से 25 रुपये की वृद्धि की है.
इस तरह मुख्यमंत्री ने कुल 35 रुपये की बढ़ोतरी का उल्लेख किया. इसी क्रम में अब राज्य स्तर पर कमीशन को 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है.
गरीबों को मुफ्त राशन और घर तक पहुंचाने की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ से अधिक लोग मुफ्त राशन की सुविधा का लाभ ले रहे हैं.
उन्होंने बताया कि ऐसे निराश्रित और दिव्यांग लोग जो राशन की दुकान तक नहीं पहुंच सकते, उनके घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. सरकार का जोर है कि पात्र लोगों को राशन लेने में किसी तरह की परेशानी न हो.
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्नपूर्णा भवन संचालकों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील भी की. उन्होंने लोगों से भी स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया.
मुख्यमंत्री ने ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले सामान की मांग बढ़ेगी.