Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

UP:नोएडा और लखनऊ में लागू हुआ पुलिस कमिश्नरी सिस्टम आखिर है क्या..जानें आसान भाषा में..!

UP:नोएडा और लखनऊ में लागू हुआ पुलिस कमिश्नरी सिस्टम आखिर है क्या..जानें आसान भाषा में..!
फ़ोटो साभार ANI

नोएडा और लखनऊ में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू हो गया है..सोमवार को योगी कैबिनेट की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया है..पढ़े युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट।

लखनऊ:क़ानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के उद्देश्य से यूपी में भी पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लखनऊ और नोएडा में लागू हो गया है।पिछले कई दिनों से सरकार लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने पर विचार कर रही थी।सोमवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने पर मुहर लग गई।

क्या है पुलिस कमिश्नरी सिस्टम..

यूपी के दो शहरों में लागू हुए पुलिस कमिश्नरी( police commissioner) सिस्टम के तहत अब लखनऊ और नोएडा( गौतमबुद्ध नगर) में पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति हुई है।पुलिस कमीशनर एडीजी रैंक का अधिकारी होगा।नई व्यवस्था के तहत सुजीत पांडेय को नोएडा का और आलोक सिंह को लखनऊ का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।

इस सिस्टम में लखनऊ में 1 एडीजी(पुलिस कमिश्नर) 2 आईजी, 9 एसपी, 1 एसपी महिला सुरक्षा, 1 एसपी ट्रैफिक होंगे इसी तरह नोएडा में 1 एडीजी, 2 डीआईजी, व 5 एसपी रैंक के अधिकारी नियुक्त होंगे।

Read More: Jayraj Man Singh Case: क्या रसूखदारों को बचाने के चलते पुलिस ने किया खुलासा ! जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म

ये भी पढ़े-UPTET 2019:आंसर की जारी होने को लेकर आई यह बड़ी ख़बर..!

Read More: UP News: ओवरलोडिंग पर आईजी की सख्ती, फतेहपुर-बांदा की 18 चर्चित फर्में रडार पर, सूची में पूर्व विधायक भी शामिल

पुलिस कमिश्नरी प्रणाली में उप पुलिस अधीक्षक (डिप्टी एसपी) से ऊपर जितने अधिकारी होते हैं, उनके पास मजिस्ट्रेट स्तर की शक्ति होती है।मगर थानाध्यक्ष और सिपाही को वही अधिकार रहेंगे, जो उन्हें फिलहाल मिले हुए हैं।कहीं विवाद या बड़े बवाल जैसी घटना होती है तो जिलाधिकारी के पास ही भीड़ नियंत्रण और बल प्रयोग करने का अधिकार होता है, मगर कमिश्नरी लागू होने पर इसका अधिकार पुलिस के पास होगा।इसके साथ ही शांति व्यवस्था के लिए धारा-144 लागू करने का अधिकार भी कमिश्नर को मिल जाएगा।

Read More: उत्तर प्रदेश में मौसम का कहर: 50 जिलों में भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट, किसानों की फसल बर्बाद

इसके साथ ही बन्दूक का लाइसेंस देना,IPC और CRPC के तहत कई अधिकार जिससे पुलिस शांति भंग की आशंका में निरुद्ध करने से लेकर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और रासुका तक लगा सकेगी। इन चीजों को करने के लिए डीएम से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी, फिलहाल ये सब लगाने के लिए डीएम की सहमति जरूरी होती है।लेक़िन अब नोएडा और लखनऊ में ये सारे अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास होंगे।

आपको बता दें कि 15 राज्यों के 71 शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली पहले से लागू है। यूपी में योगी के सत्ता संभालने के बाद इस सिस्टम के लिए कवायद शुरू हुई और अब लखनऊ और नोएडा से इसकी शुरुआत हुई है।

13 Jan 2020 By Shubham Mishra

UP:नोएडा और लखनऊ में लागू हुआ पुलिस कमिश्नरी सिस्टम आखिर है क्या..जानें आसान भाषा में..!

लखनऊ:क़ानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के उद्देश्य से यूपी में भी पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लखनऊ और नोएडा में लागू हो गया है।पिछले कई दिनों से सरकार लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने पर विचार कर रही थी।सोमवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने पर मुहर लग गई।

क्या है पुलिस कमिश्नरी सिस्टम..

यूपी के दो शहरों में लागू हुए पुलिस कमिश्नरी( police commissioner) सिस्टम के तहत अब लखनऊ और नोएडा( गौतमबुद्ध नगर) में पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति हुई है।पुलिस कमीशनर एडीजी रैंक का अधिकारी होगा।नई व्यवस्था के तहत सुजीत पांडेय को नोएडा का और आलोक सिंह को लखनऊ का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।

इस सिस्टम में लखनऊ में 1 एडीजी(पुलिस कमिश्नर) 2 आईजी, 9 एसपी, 1 एसपी महिला सुरक्षा, 1 एसपी ट्रैफिक होंगे इसी तरह नोएडा में 1 एडीजी, 2 डीआईजी, व 5 एसपी रैंक के अधिकारी नियुक्त होंगे।

ये भी पढ़े-UPTET 2019:आंसर की जारी होने को लेकर आई यह बड़ी ख़बर..!

पुलिस कमिश्नरी प्रणाली में उप पुलिस अधीक्षक (डिप्टी एसपी) से ऊपर जितने अधिकारी होते हैं, उनके पास मजिस्ट्रेट स्तर की शक्ति होती है।मगर थानाध्यक्ष और सिपाही को वही अधिकार रहेंगे, जो उन्हें फिलहाल मिले हुए हैं।कहीं विवाद या बड़े बवाल जैसी घटना होती है तो जिलाधिकारी के पास ही भीड़ नियंत्रण और बल प्रयोग करने का अधिकार होता है, मगर कमिश्नरी लागू होने पर इसका अधिकार पुलिस के पास होगा।इसके साथ ही शांति व्यवस्था के लिए धारा-144 लागू करने का अधिकार भी कमिश्नर को मिल जाएगा।

इसके साथ ही बन्दूक का लाइसेंस देना,IPC और CRPC के तहत कई अधिकार जिससे पुलिस शांति भंग की आशंका में निरुद्ध करने से लेकर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और रासुका तक लगा सकेगी। इन चीजों को करने के लिए डीएम से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी, फिलहाल ये सब लगाने के लिए डीएम की सहमति जरूरी होती है।लेक़िन अब नोएडा और लखनऊ में ये सारे अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास होंगे।

आपको बता दें कि 15 राज्यों के 71 शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली पहले से लागू है। यूपी में योगी के सत्ता संभालने के बाद इस सिस्टम के लिए कवायद शुरू हुई और अब लखनऊ और नोएडा से इसकी शुरुआत हुई है।

Tags:

Latest News

CBSE Board Results 2026: फतेहपुर में सीबीएसई बोर्ड का जलवा, 99% अंक लाकर अर्पिता सिंह बनीं जिले की टॉपर CBSE Board Results 2026: फतेहपुर में सीबीएसई बोर्ड का जलवा, 99% अंक लाकर अर्पिता सिंह बनीं जिले की टॉपर
सीबीएसई हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में फतेहपुर के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया. जयपुरिया विद्यालय की अर्पिता सिंह ने 99% अंक...
फतेहपुर में एसपी का सख्त एक्शन: जोनिहां चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर, कारखास नेटवर्क पर भी गिरी गाज, 10 कांस्टेबल हटाए गए
आज का राशिफल 15 अप्रैल 2026: कर्क, सिंह और मकर राशि के लिए खास संकेत, जानिए आपका दिन कैसा रहेगा
Bihar Politics: बिहार की राजनीति से समाप्त हुआ नीतीश युग! 20 साल बाद सत्ता से विदा हुए कुमार, जानिए पूरा राजनीतिक सफर
Fatehpur News: फतेहपुर में गजब मामला ! कपड़े बेचने वाला निकला करोड़पति, जांच में खुली सच्चाई
Fatehpur News: मंच पर डिप्टी सीएम के स्वास्थ्य के दावे, चंद कदम दूर महिला अस्पताल की ओटी एक महीने से बंद
Asha Bhosle Biography: संघर्ष, सुर और सिसकियों की कहानी, 16 की उम्र में शादी, बेटी की मौत और 12,000 गानों की विरासत

Follow Us