
दस नवम्बर को 194 साल का हो जाएगा फतेहपुर..जानें जनपद का नाम फतेहपुर कैसे पड़ा.!
10 नवम्बर को यूपी का फतेहपुर जिला अपना स्थापना दिवस सेलिब्रेट करेगा..इसको लेकर प्रशासन व विभिन्न संगठनों द्वारा तैयारियां भी शुरू कर दी गईं हैं..पढ़ें युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट..
फ़तेहपुर:दस नवम्बर को जनपद अपना 194 वां स्थापना दिवस मनाएगा।फतेहपुर को जनपद के रूप में पहचान 10 नवम्बर 1826 को मिली थी।इसी के चलते हर साल 10 नवम्बर को फतेहपुर में स्थापना दिवस मनाया जाता है। प्रशासनिक स्तर पर औऱ ज़िले के विभिन्न संगठनों द्वारा स्थापना दिवस मनाने की तैयारियां शुरू हैं।Happy birthday fatehpur

जिले का नाम मुख्यालय फतेहपुर के नाम पर रखा गया है।इतिहास कारों की मानें तो यह नाम जौनपुर के इब्राहीम शाह द्वारा अथगढिया के राजा सीतानन्द पर जीती गयी लड़ाई से लिया गया है। यह विश्वास पूरी तरह से परंपरा पर आधारित है और विजेता का नाम कभी-कभी बंगाल के शासक जलालुद्दीन के रूप में लिया जाता है। नाम की एक और व्युत्पत्ति फतेहमंद खान से लगायी जाती है, जिन्होने शहर की स्थापना की थी। यह तहसील खागा में डेण्डासई में पाये गये एक खण्डित शिलालेख से आधारित है। जिसके लिये सुल्तान अलाउद्दीन के एक अधिकारी फतेहमंद खान ने 1519 ई0 में उनसे एक आदेश प्राप्त किया था। हालांकि यहाॅ एक कठिनाई इस तथ्य के कारण है कि 1519 ई0 में अलाउद्दीन नाम का कोई राजा नही था और तारीख सही होने पर सुल्तान का शीर्षक गलत होना।पुनः डेण्डासई फतेहपुर से लगभग 48 किमी0 से कम नही है। यह फतेहपुर शहर के संस्थापक के नाम के साथ वहाँ पाये गये अभिलेख को जोड़ने के लिये बहुत दूर प्रतीत होता है।

प्रयागराज (इलाहाबाद) मण्डल मे शामिल यह जिला गंगा -यमुना दोआब के पूर्वी या निचले हिस्से में स्थित है और अक्षांश 25°26′ N एवं 26°16′ N और देशान्तर 80°14′ E एवं 81°20′ E के बीच स्थित है। यह उत्तर -पश्चिम मेे कानपुर नगर और दक्षिण-पूर्व में जिला इलाहाबाद/प्रयागराज से घिरा है। गंगा के पार उत्तर में उन्नाव,रायबरेली जिले और थोड़ी दूर में प्रतापगढ़ जिला पड़ता है। जबकि दक्षिण मेे यमुना नदी इसे बांदा और हमीरपुर जिलो से अलग करती है।आकार में यह लगभग आयताकार है।fatehpur sthapana divas


(स्पष्टीकरण:इस लेख में इंटरनेट में उपलब्ध सामग्री का सहारा लिया गया है।तथ्यों को लेकर किसी भी तरह के विवाद के लिए युगान्तर प्रवाह जिम्मेदार नहीं होगा।)
