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बुलन्दशहर हिंसा:गौकशी के नाम पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज- छः नाम फ़र्जी!

बुलन्दशहर हिंसा:गौकशी के नाम पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज- छः नाम फ़र्जी!
फोटो-साभार फेसबुक

बुलन्दशहर में हुई हिंसा को लेकर पूरे यूपी में गुस्सा है,औऱ लोग अपने अपने नजरिए से इस घटना को देख रहे हैं,कथित रूप से गोकशी के बाद भड़की हिंसा और गोकशी के आरोप में सात लोगों के खिलाफ हुई FIR इस एफआईआर में बहुत कुछ चौकाने वाला है... पढें युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट..

बुलंदशहर: सोमवार को हुई कथित गोकशी के बाद हिंसा में दो लोगों की जान चली गई जिनमें से एक पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार थे और दूसरा इक्कीस बरस का युवक सुमित कुमार, इस मामले में दो एफआईआर दर्ज हुई है पहली FIR गोकशी के आरोप में सात लोगों के विरुद्ध हुई है और दूसरी भीड़ द्वारा हुई हिंसा के कारण मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के कारण,सुबोध कुमार की हत्या में जिस सख्स योगेश कुमार को मुख्य आरोपी बनाया गया है वह बजरंग दल का नगर संयोजक है जो फिलहाल फ़रार है, और योगेश कुमार गोकशी के मामले दर्ज एफआईआर का शिकायतकर्ता भी।

सबसे ख़ास बात यहां है कि गोकशी के मामले में जिन सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है उनमें से 6 नाम पूरी तरह से फ़र्जी बताए जा रहे हैं।
एक मीडिया संस्थान द्वारा की गई पड़ताल की माने तो एफआईआर में दर्ज जिन सात लोगों के नाम हैं उनको नयाबांस गाँव का बताया गया है, लेकिन जब पड़ताल की गई तो पता चला कि इनमें से कई लोग या तो बहुत पहले गांव छोड़कर चले गए हैं।

इस मामले को लेकर एक आरोपी शराफत को लेकर पड़ताल की गई तो पता चला कि उन्होंने दस साल पहले ही गांव छोड़ दिया था. शराफत अब फरीदाबाद में रहते हैं और कई साल से गांव नहीं आए हैं

बाकी के तीन नाम सुदैफ, इलियास और परवेज इस गांव के हैं ही नहीं. इन लोगों का न तो इस गांव में घर है और न ही कोई जमीन. गांववालों से इनके बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया वे इन नामों के बारे में नहीं जानते हैं.

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सिर्फ एक नाम सर्फुद्दीन का गांव से ताल्लुक है. इस हिसाब से सात में से छह नाम फर्जी निकल गए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि इंस्पेक्टर की हत्या का मुख्य आरोपी योगेश राज ने एफआईआर में फर्जी नाम क्यों लिखवाया.

Read More: Lucknow News: पूर्व एआरटीओ के घर विजिलेंस का छापा ! 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी सहित करोड़ों का कैश बरामद

वहीं जिन दो नाबालिग बच्चों को आरोपी बनाया गया है, उनकी उम्र 11-12 साल बताई जा रही है. एनडीटीवी ने इनमें से एक के पिता से बात की है. उन्होंने कहा कि दोनों छोटे बच्चे हैं, वे गोकशी कैसे कर सकते हैं.

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पिता ने बताया, ‘मंगलवार को पुलिस ने बच्चों को घंटों थाने में बैठाए रखा. जानबूझ कर माहौल खराब करने के लिए बच्चों को नाम डाला गया है. कुछ लोग जानबूझकर इलाके का माहौल खराब कर रहे हैं।

05 Dec 2018 By Vishwa Deepak Awasthi

बुलन्दशहर हिंसा:गौकशी के नाम पर सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज- छः नाम फ़र्जी!

बुलंदशहर: सोमवार को हुई कथित गोकशी के बाद हिंसा में दो लोगों की जान चली गई जिनमें से एक पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार थे और दूसरा इक्कीस बरस का युवक सुमित कुमार, इस मामले में दो एफआईआर दर्ज हुई है पहली FIR गोकशी के आरोप में सात लोगों के विरुद्ध हुई है और दूसरी भीड़ द्वारा हुई हिंसा के कारण मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की हत्या के कारण,सुबोध कुमार की हत्या में जिस सख्स योगेश कुमार को मुख्य आरोपी बनाया गया है वह बजरंग दल का नगर संयोजक है जो फिलहाल फ़रार है, और योगेश कुमार गोकशी के मामले दर्ज एफआईआर का शिकायतकर्ता भी।

सबसे ख़ास बात यहां है कि गोकशी के मामले में जिन सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है उनमें से 6 नाम पूरी तरह से फ़र्जी बताए जा रहे हैं।
एक मीडिया संस्थान द्वारा की गई पड़ताल की माने तो एफआईआर में दर्ज जिन सात लोगों के नाम हैं उनको नयाबांस गाँव का बताया गया है, लेकिन जब पड़ताल की गई तो पता चला कि इनमें से कई लोग या तो बहुत पहले गांव छोड़कर चले गए हैं।

इस मामले को लेकर एक आरोपी शराफत को लेकर पड़ताल की गई तो पता चला कि उन्होंने दस साल पहले ही गांव छोड़ दिया था. शराफत अब फरीदाबाद में रहते हैं और कई साल से गांव नहीं आए हैं

बाकी के तीन नाम सुदैफ, इलियास और परवेज इस गांव के हैं ही नहीं. इन लोगों का न तो इस गांव में घर है और न ही कोई जमीन. गांववालों से इनके बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया वे इन नामों के बारे में नहीं जानते हैं.

सिर्फ एक नाम सर्फुद्दीन का गांव से ताल्लुक है. इस हिसाब से सात में से छह नाम फर्जी निकल गए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि इंस्पेक्टर की हत्या का मुख्य आरोपी योगेश राज ने एफआईआर में फर्जी नाम क्यों लिखवाया.

वहीं जिन दो नाबालिग बच्चों को आरोपी बनाया गया है, उनकी उम्र 11-12 साल बताई जा रही है. एनडीटीवी ने इनमें से एक के पिता से बात की है. उन्होंने कहा कि दोनों छोटे बच्चे हैं, वे गोकशी कैसे कर सकते हैं.

पिता ने बताया, ‘मंगलवार को पुलिस ने बच्चों को घंटों थाने में बैठाए रखा. जानबूझ कर माहौल खराब करने के लिए बच्चों को नाम डाला गया है. कुछ लोग जानबूझकर इलाके का माहौल खराब कर रहे हैं।

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