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Makar Sankranti 2024: जीवन में आएगी खुशहाली ! मकर संक्रांति पर बनाये ये खास पारम्परिक व्यंजन, आसान है RECIPE

Makar Sankranti 2024: जीवन में आएगी खुशहाली ! मकर संक्रांति पर बनाये ये खास पारम्परिक व्यंजन, आसान है RECIPE
मकर संक्रांति पर घर पर बनाएं ये व्यंजन, फोटो साभार सोशल मीडिया

मकर संक्रांति के पकवान

मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व 15 जनवरी को देश भर में मनाया जाएगा. इस दिन को लेकर हर किसी के मन में यही बात रहती है कि क्या नया व्यंजन ट्राई (Try Dishes) करें. मकर संक्रांति में तिल, गुड़ और मूंगफली का जबतक मेल न हो तबतक यह पर्व अधूरा माना जाता है. इन व्यंजनों का सांस्कृतिक और पारम्परिक महत्व (Traditional Importance) है. इसलिए पुराने और नए तरह के व्यंजन (Dishes)को आप ट्राई रक सकते हैं. इनकी रेसिपी (Recipe) भी आसान है.

15 जनवरी को मनाई जाएगी मकर संक्रांति, पारम्परिक व्यंजन करें तैयार

सूर्य जब मकर राशि (Capricorn Zodiac) में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति (Makar Sankranti) लगती है. 15 जनवरी को यह पर्व देश भर में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा. लोगों के मन में ऐसे कई सवाल रहते हैं कि इस दिन क्या खास व्यंजन (Dishes) बनाना चाहिए. इन व्यंजनों की क्या परंपरा (Tradition) है और इन सभी व्यंजनों की रेसिपी (Recipe) का क्या नया ट्रेंड चल रहा है. इन सभी जरूरी बातों को इस लेख के जरिये आपतक पहुँचाएंगे. जिससे आपके जीवन में खुशियों की मिठास बनी रहे.

मकर संक्रांति पर इन व्यंजनों का है विशेष महत्व

शास्त्रों में ऐसा बताया गया है कि मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व बिना तिल और गुड़ के व्यर्थ है, इसलिए इस दिन तिल और गुड़ से बने व्यंजनों (Dishes) का इस्तेमाल किया जाता है इसके साथ ही अब गृहणी घर पर ही इन चीजों को बनाना पसंद करती हैं, गुड़ पट्टी, मूंगफली, गुड़ की चिक्की बनाई जाती है कहते है कि, गुड़ और तिल स्वास्थ्य (Better Health) के लिए काफी बेहतर भी माना जाता है क्योकि सर्दियों (Winters) में तिल और गुड़ आपके शरीर को गर्म रखता है. 

तिल के लड्डू और पूरन पोली ऐसे बनाएं

मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ के लड्डू (Til Laddu) का बड़ा महत्व है. इन लड्डुओं के बनाने के इन तरीकों को भी जान लें, सबसे पहले तिल को कच्चे या भूनकर गुड़ के साथ खरल में कूट लिया जाता है. जब दोनों सही से मिश्रित (Mixture) हो जाएं, तब हाथ में मिश्रण वाली सामग्री रखकर लड्डू का आकार दें. इसके स्वाद (Taste) को बढ़ाने के लिए इसमें मूंगफली, घी और इलाइची भी मिला सकते है. 

पूरन पोली (Puran Poli) एक मीठी रोटी कह सकते हैं. इसे बनाने के लिए सबसे पहले मैदा और घी (Ghee) लायें फिर दोनों को अच्छे से मिला दें. अब पानी डालकर आटे की तरह इसे गूथ लें. चना-दाल को 20 मिनट तक पानी में पकाएं और इसे छान लें. अब दाल, जायफल, इलायची और गुड़ को 5 मिनट तक पकाएं, आटे की लोई बनाकर बेलें और फिर उसमें दाल वाला मिश्रण भरकर इसे फिर से बेल लें. फिर देसी घी में भूरा होने तक पकाएं लो आपका पूरन पोली (Puran Poli) तैयार हो गया अब लीजिए इसका आनंद. महाराष्ट्र के लोग इसे बड़ा ही चाव से खाते हैं पूरन पोली यह भी एक महाराष्ट्रीयन व्यंजन है यह एक मीठी रोटी की तरह होता है यह व्यंजन खुशी का प्रतीक भी माना जाता है. 

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मीठा पोंगल और पिन्नी बनाएं

अब बात आती है मीठा पोंगल (Mitha Pongal) की. इसमें चावल व मूंगदाल का प्रयोग करते है. सबसे पहले चावल और मूंगदाल को सूखा भून लें, फिर इन दोनों सामग्रियों को एक पैन में पानी के साथ डालकर लगभग 11 से 12 मिनट तक पकाएं. इसी बीच धीमी आंच पर पानी और गुड़ की चाशनी बनाकर इसमें थोड़ा-सा इलायची पाउडर डालें. लीजिए आपका मीठा पोंगल तैयार हो गया. पिन्नी (Pinni) पंजाब का स्वादिष्ट व्यंजन है. इसे देसी घी, गेहूं का आटा, गुड़ और बादाम से मिलकर बनाया जाता है. पंजाब में लोहड़ी (Lohdi) मनाई जाती है व इसे कई जगह मकर संक्रांति के दौरान तैयार किया जाता है.

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खिचड़ी और दही चूड़ा, मकराचोला का यहाँ महत्व

यही नहीं इन सभी व्यंजनों के साथ-साथ सबसे आसान और खूब पसंद किए जाने वाली खिचड़ी, पापड़ और दही बड़े साथ लोग बड़े चाव से खाते हुए इस त्योहार को मनाते है.आजकल लोग इसमें हरी सब्जियां भी डाल देते हैं जिससे खिचड़ी का मजा दोगुना हो जाता है. मकर संक्रांति के दिन चावल और उड़द दाल से बनने वाली खिचड़ी, देश के कई हिस्सों में बनाई जाती है लेकिन खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में इसे खास तौर पर बनाया जाता है क्योंकि इन राज्यों में संक्रांति के त्योहार को खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है.

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अब बात बिहार में दही-चूड़ा का विशेष महत्व है, बिहार-झारखंड के लोग संक्रांति के दिन दही-चूड़ा जरूर खाते हैं देश के कई हिस्सों में चूड़ा को चिवड़ा या पोहा (Poha) भी कहा जाता है इसे दही, चीनी या गुड़ के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है. तिलवा या तिल के लड्डू भी बिहार-झारखंड की खासियत है, गजक की तरह इसे भी भूने हुए सफेद या काले तिल और गुड़ के मिश्रण का साथ मिक्स करके तैयार किया जाता है फिर इसे लड्डू के आकार में गोल बनाया जाता है।

मकरा चोला अलग तरह का व्यंजन है ये ओडिशा का व्यंजन है. यह लोग मकरा चौला (Makra Chola) तैयार करते हैं. इसे बनाने के लिए चावल के आटे को पीसकर इसमें नारियल को घिसकर मिलाये, फिर इसमें दूध, गन्ने के छोटे-छोटे टुकड़े, पका केला, चीनी, सफेद मिर्च पाउडर, पनीर, घिसा हुआ अदरक और अनार का प्रयोग होता है. संक्रांति के दिन इस व्यंजन का यहां बड़ा ही महत्व है.

मुरक्कू और पीठे चावल की रेसिपी

तमिलनाडू में पोंगल के तौर पर मनाया जाता है और इस दिन मुरक्कु (Murakku) खाने की परंपरा है. उड़द दाल, आटा, अजवायन और तिल को मिलाकर एक आटे जैसा गूंदा जाता है और फिर उसे आकार देकर डीप फ्राई किया जाता है. यह खाने में बेहद कुरकुरा और स्वादिष्ट लगता है.

यह बंगाल की पारम्परिक रेसिपी (Recipe) है जिसे संक्रांति के दिन जरूर बनाया जाता है, पीठे, चावल के आटे से बनने वाला गुलगुला जैसा होता है जिसके अंदर घिसा हुआ नारियल भरा रहता है. इसे फिर दूध, चावल और गुड़ को मिलाकर तैयार की गई खीर जिसे पायेश कहते हैं में मिलाकर उबाला जाता है और फिर यह चावल तैयार हो जाते हैं.

गंगा स्नान और महत्व

मकर संक्रांति के अवसर पर ब्रह्म मुहूर्त पर यदि आप गंगा स्नान करते हैं तो आपको सौंदर्य, बल, विद्या और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है साथ ही शास्त्रों में लिखा है कि आज के दिन स्नान करने से शरीर के कई कष्ट और बीमारियां भी दूर हो जाती है क्योंकि ब्रह्म मुहूर्त में ही ऋषि मुनि भी स्नान किया करते थे यदि आप सूर्योदय के बाद गंगा स्नान जितनी देरी से करेंगे आपको मिलने वाला फल उतना ही काम हो जाएगा गंगा स्नान से मिलने वाले फल को और भी प्रभावित करने के लिए इन मन्त्रो का उच्चारण भी कर सकते हैं.

गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति।

नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु ।।

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा।

यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं सः बाह्याभंतरः शुचिः।।

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