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फतेहपुर:काला दिवस के रूप में पत्रकारों ने मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस..अब होगा जल सत्याग्रह..!

फतेहपुर:काला दिवस के रूप में पत्रकारों ने मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस..अब होगा जल सत्याग्रह..!
फतेहपुर:विरोध प्रदर्शन करते पत्रकार।

शनिवार (30 मई) को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर ज़िले भर के पत्रकारों ने अलग अलग स्थानों पर इकठ्ठा होकर सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए पत्रकारों पर दर्ज हुए फ़र्जी मुकदमों के विरोध में पत्रकारिता का काला दिवस मनाया..पढ़े पूरी खबर युगान्तर प्रवाह पर।

फतेहपुर:शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर ज़िले भर के पत्रकारों ने जिला प्रशासन के विरोध में बांह में काली पट्टी बांधकर पत्रकारिता का काला दिवस मनाया।कोरोना काल में जिला पत्रकार एसो/संघ के अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार अजय भदौरिया पर दर्ज किए गए फ़र्जी मुकदमें के विरोध में पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता दिवस को काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।

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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय सहित जनपद के सभी तहसीलों व दर्जन भर से ज्यादा रिपोर्टिंग केंद्रों पर पत्रकार इकठ्ठा हुए सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए सभी ने बाँह में काली पट्टी बाँध पत्रकारों पर दर्ज हुए फ़र्जी मुकदमों को समाप्त करने की मांग की।

अध्यक्ष अजय सिंह भदौरिया ने कहा कि जिला प्रशासन का बर्ताव बेहद ख़राब है।जिस तरह से सच दिखाने पर पत्रकारों के ऊपर फ़र्जी मुकदमा दर्ज कर आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।वह दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने बताया कि पत्रकारों द्वारा फ़र्जी मुकदमें के विरोध में व वर्तमान जिलाधिकारी की पद के दुरुपयोग व वित्तीय गड़बड़ियों की शासन से उच्च स्तरीय जाँच समिति गठित कर जाँच कराए जाने का राज्यपाल को सम्बोधित माँग पत्र जिला प्रशासन के माध्यम से दिया था।लेक़िन 28 मई तक उस माँग पत्र को जिले से भेजा ही नहीं गया है।इससे बड़ी प्रशासनिक उपेक्षा की बात औऱ क्या हो सकती है।

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अध्यक्ष अजय भदौरिया ने आगे कहा कि अगर पाँच जून तक हमारी मांगों पर कार्यवाही नहीं की गई तो पत्रकार जल सत्याग्रह करने के लिए मजबूर होंगे।उन्होंने कहा कि जिस तरह से सच्चाई उजागर करने पर पत्रकारों पर फ़र्जी मुकदमें दर्ज कराए गए हैं उनको वापस लिया जाए।

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जिला पत्रकार एसो/ संघ के अध्यक्ष अजय भदौरिया पर दर्ज कराए गए मुकदमें और जिलाधिकारी पर लग रहे आरोपों के सम्बंध में अब तक जिलाधिकारी की तरफ़ से कोई भी बयान नहीं आया है।इस बार भी डीएम का पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।इस मामले में जब भी उनका बयान सामने आएगा उसको ख़बर में जोड़ दिया जाएगा।

31 May 2020 By Shubham Mishra

फतेहपुर:काला दिवस के रूप में पत्रकारों ने मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस..अब होगा जल सत्याग्रह..!

फतेहपुर:शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर ज़िले भर के पत्रकारों ने जिला प्रशासन के विरोध में बांह में काली पट्टी बांधकर पत्रकारिता का काला दिवस मनाया।कोरोना काल में जिला पत्रकार एसो/संघ के अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार अजय भदौरिया पर दर्ज किए गए फ़र्जी मुकदमें के विरोध में पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता दिवस को काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।

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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय सहित जनपद के सभी तहसीलों व दर्जन भर से ज्यादा रिपोर्टिंग केंद्रों पर पत्रकार इकठ्ठा हुए सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए सभी ने बाँह में काली पट्टी बाँध पत्रकारों पर दर्ज हुए फ़र्जी मुकदमों को समाप्त करने की मांग की।

अध्यक्ष अजय सिंह भदौरिया ने कहा कि जिला प्रशासन का बर्ताव बेहद ख़राब है।जिस तरह से सच दिखाने पर पत्रकारों के ऊपर फ़र्जी मुकदमा दर्ज कर आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।वह दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने बताया कि पत्रकारों द्वारा फ़र्जी मुकदमें के विरोध में व वर्तमान जिलाधिकारी की पद के दुरुपयोग व वित्तीय गड़बड़ियों की शासन से उच्च स्तरीय जाँच समिति गठित कर जाँच कराए जाने का राज्यपाल को सम्बोधित माँग पत्र जिला प्रशासन के माध्यम से दिया था।लेक़िन 28 मई तक उस माँग पत्र को जिले से भेजा ही नहीं गया है।इससे बड़ी प्रशासनिक उपेक्षा की बात औऱ क्या हो सकती है।

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अध्यक्ष अजय भदौरिया ने आगे कहा कि अगर पाँच जून तक हमारी मांगों पर कार्यवाही नहीं की गई तो पत्रकार जल सत्याग्रह करने के लिए मजबूर होंगे।उन्होंने कहा कि जिस तरह से सच्चाई उजागर करने पर पत्रकारों पर फ़र्जी मुकदमें दर्ज कराए गए हैं उनको वापस लिया जाए।

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