
फतेहपुर:जब सिख विरोधी दंगो को रोकने में अनीस ने निभाई थी अहम भूमिका.!
चार दशक से ज़्यादा समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहे वरिष्ठ पत्रकार अबूबक्र अनीस का मंगलवार दोपहर निधन हो गया..युगान्तर प्रवाह की इस रिपोर्ट में पढ़े..उनके पत्रकारिता जीवन से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से..
फतेहपुर:अस्सी के दशक से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले वरिष्ठ पत्रकार अबूबक्र अनीस का क़रीब 65 साल की उम्र में मंगलवार की दोपहर फतेहपुर स्थित उनके आवास पर इंतकाल हो गया।बता दें कि वह पिछले कुछ सालों से हृदय रोग सम्बन्धी बीमारी से जूझ रहे थे।निधन की सूचना से पत्रकारों में गहरा शोक व्याप्त है।देर शाम उनके शव को नमाज़ के बाद सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।इस दौरान उनके हर सुख दुःख के साथी रहे वरिष्ठ पत्रकार प्रेम शंकर अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार अजय भदौरिया,सहित बड़ी संख्या में पत्रकार व अन्य लोग उपस्थित रहे।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंद्रा गांधी की हत्या के बाद फैले सिख दंगों को रोकने में अहम भूमिका..



पत्रकारों के मुद्दों की लड़ाई..

पत्रकारिता से शिक्षा क्षेत्र की ओर झुकाव..
लम्बे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका में रहे अबूबक्र पिछले कुछ सालों से पूर्णकालिक पत्रकारिता से अलग होकर शिक्षा के क्षेत्र की ओर बढ़ गए थे।
जिसका मजबूत उदाहरण शहर में खुला प्रतिष्ठित स्कूल नूरूल हुदा इंटर कॉलेज है।यह कॉलेज सीबीएसई बोर्ड से संचालित अंग्रेजी माध्यम कॉलेज है।इसकी अन्य शाखाएं भी जनपद के अलग अलग हिस्सों में खुली हुई हैं।
