Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

फ़तेहपुर:हिन्दू की गीता मुस्लिम की कुरान है ख़ाकी..जिले के छात्र द्वारा पुलिस के त्याग और समर्पण पर लिखी गई कविता।

फ़तेहपुर:हिन्दू की गीता मुस्लिम की कुरान है ख़ाकी..जिले के छात्र द्वारा पुलिस के त्याग और समर्पण पर लिखी गई कविता।
सांकेतिक फ़ोटो-गूगल

कोरोना से जंग लड़ रहे पुलिस के जवानों के सम्मान में जिले के छात्र प्रद्युम्न त्रिपाठी ने एक कविता लिखी है..युगान्तर प्रवाह पर पढ़े उनकी यह कविता..

फ़तेहपुरकोरोना के विरुद्ध जारी इस जंग में पुलिस के जवान अपने घर परिवारों से दूर सड़को पर मुस्तैदी के साथ जनता की सेवा में जुटे हुए हैं।कोरोना वॉरियर्स के रूप में लड़ रहे इन जवानों के लिए शहर के अशोक नगर मोहल्ले के रहने वाले छात्र प्रद्युम्न त्रिपाठी ने एक कविता लिखी है।कविता का शीर्षक है- 

ये भी पढ़े-फतेहपुर के छात्र की कोरोना पर लिखी गई कविता सोशल मीडिया में हो रही है वायरल..आप भी पढ़ें..!

'जान है ये ख़ाकी'

हम एक जिस्म हैं तो जान है ये खाकी।

Read More: UP SIR Process Date Extended: यूपी में एसआईआर प्रक्रिया 26 दिसंबर तक बढ़ी, मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बड़ा बदलाव

हम हर सुबह हैं तो हर शाम है ये खाकी।।

Read More: उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में राष्ट्रीय लोक अदालत: चालान माफी से लेकर बैंक लोन तक हजारों मामलों का होगा समाधान

हमारे हर संकट में हनुमान है ये खाकी।

Read More: Fatehpur News: माघ मेले में जाने के लिए रेलवे और रोडवेज ने कसी कमर ! श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये सुविधाएं

हमारे गम में छिपी मुस्कान है ये खाकी।।up police news

न हिन्दू है न मुसलमान है ये ख़ाकी।

अब्दुल अटल रसखान है ये खाकी।।

हमारी नवरात्रि तुम्हारी रमजान है ये खाकी।

शैतान नहीं ईश्वर का प्यारा इंसान है ये खाकी।। 

हिन्दू की गीता मुस्लिम की कुरान है ये खाकी।

नफरत नहीं मुहब्बत की पहचान है ये खाकी।।

बेटे की गलती में पिता की मीठी फटकार है ये खाकी।

इस प्यासी धरती में बारिस की बौछार है ये खाकी।। 

जो कभी गिराई न जा सके वो सरकार है ये खाकी।

जो टूटे न कभी सुरक्षा की अटूट दीवार है ये खाकी।।

अपनो से दूर फिर भी खुशी का त्योहार है ये खाकी।

हम सब की भारत माँ का सुन्दर श्रृंगार है ये खाकी।।

पत्थर खाकर हाँथ कटाकर फर्ज निभाती है ये खाकी।

बन्दूक का सामना लाठी से करके दिखाती है ये खाकी।।

हमें शाहस शील परिश्रम का पाठ सिखाती है ये खाकी।

क्यूँ राजनीति के भवसागर में फंसाई जाती है खाकी।। 

समय समय पर अपना असली रंग दिखाती है ये खाकी।

छिपा कहीं भी हो कोई फिर भी ढूँढ लाती है ये खाकी।। 

यह मत भूलो हम सबपर खाकी के उपकार बहुत हैं। 

सरहद हो या गली मुहल्ला खाकी के अवतार बहुत हैं।।

Tags:

Latest News

खाड़ी संकट से कांपा मोरबी का टाइल हब: गैस आपूर्ति रुकी, 100 से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद, 4 लाख नौकरियों पर खतरा खाड़ी संकट से कांपा मोरबी का टाइल हब: गैस आपूर्ति रुकी, 100 से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद, 4 लाख नौकरियों पर खतरा
ईरान-इज़राइल युद्ध का असर अब भारत के औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच गया है. गुजरात के मोरबी में गैस आपूर्ति बाधित...
UPPCL News: यूपी में स्मार्ट मीटर के नाम पर 127 करोड़ की वसूली ! अब पैसे लौटाएगा बिजली विभाग
आज का राशिफल 09 मार्च 2026: दर्पण देख कर करें यात्रा बनेंगे बिगड़े काम, जानिए सभी राशियों का दैनिक भाग्यफल
Sheetala Ashtami Kab Hai 2026: क्यों नहीं जलता चूल्हा और क्यों खाया जाता है बासी भोजन? जानिए शीतला अष्टमी की तिथि मुहूर्त
India Won T20 World Cup: फाइनल में शेर बनी टीम इंडिया, न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार बना वर्ल्ड चैंपियन
सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव: मिडल ईस्ट तनाव का कितना असर ! क्या फिर बढ़ेंगे गोल्ड-सिल्वर के दाम?
T20 World Cup 2026 Final: इंडिया-न्यूजीलैंड मैच के लिए यूपी में नहीं कटेगी बिजली, मंदिरों में रुद्राभिषेक और यज्ञ से गूंजा माहौल

Follow Us