Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

UP:हाईकोर्ट के आदेश के बाद देर रात जेल से रिहा हुए डॉ. कफ़ील खान..लगाए गम्भीर आरोप.!

UP:हाईकोर्ट के आदेश के बाद देर रात जेल से रिहा हुए डॉ. कफ़ील खान..लगाए गम्भीर आरोप.!
जेल से रिहा होने के बाद कफ़ील खान।

एनएसए(NSA) के तहत मथुरा जेल में बन्द डॉक्टर कफ़ील खान आखिरकार मंगलवार देर रात जेल से रिहा कर दिए गए..पढ़ें पूरी खबर युगान्तर प्रवाह पर..

लखनऊ:डॉक्टर कफ़ील खान मंगलवार देर रात जेल से रिहा कर दिए गए।उन्हें यूपी सरकार द्वारा एनएसए की कार्यवाही के तहत गिरफ्तार कर जेल में रखा गया था।मंगलवार को हाईकोर्ट से उन्हें ज़मानत मिल गई।जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ़ हुआ।

ये भी पढ़ें-पितृ पक्ष 2020:आज से शुरू हुआ कब होगा समाप्त..कैसे करें पितरों का श्राद्ध औऱ तर्पण..!

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा कि कफ़ील ख़ान को एनएसए के तहत गिरफ़्तार किया जाना 'ग़ैरक़ानूनी' है।अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा, "डॉक्टर कफ़ील ख़ान का भाषण किसी तरह की नफ़रत या हिंसा को बढ़ावा देने वाला नहीं था, बल्कि यह लोगों के बीच राष्ट्रीय एकता का आह्वान था।"

क्या है पूरा मामला..

Read More: Fatehpur News: लाखों के भ्रष्टाचार में कार्यालय से गिरफ्तार हुए BDO, सरकारी योजनाओं में किया था गबन

डॉक्टर कफ़ील खान का नाम उस वक़्त सबसे पहले चर्चा में आया था जब वह बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में तैनात थे।साल 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 60 बच्चों की मौत हो गई थी।उत्तर प्रदेश सरकार ने लापरवाही बरतने, भ्रष्टाचार में शामिल होने सहित कई आरोप लगाकर डॉ. कफ़ील को निलंबित कर जेल भेज दिया था। हालाँकि कई मामलों में बाद में उन्हें सरकार से क्लीन चिट मिल गई थी लेकिन उनका निलंबन रद्द नहीं हुआ था।

Read More: यूपी में प्रापर्टी नियमों में बड़ा बदलाव: परिवार में संपत्ति देने पर सरकार का नया निर्णय, इतने का लगेगा स्टांप शुल्क

ये भी पढ़ें-फतेहपुर:मॉल में साथ काम करते करते एक दूसरे को दिल दे बैठीं सहेलियां..शादी कर पहुंचीं थाने.!

Read More: Fatehpur News: साइबर अपराध का गढ़ बनता फतेहपुर, एक साल में करोड़ों की ठगी, पुलिस लगातार अलर्ट मोड पर

इसके बाद पिछले साल दिसंबर महीने में नागरिकता संशोधन क़ानून यानी सीएए के ख़िलाफ़ डॉक्टर कफ़ील ख़ान ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था।इस मामले में कफ़ील के ख़िलाफ़ अलीगढ़ के सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया था।29 जनवरी को यूपी एसटीएफ़ ने उन्हें मुंबई से गिरफ़्तार किया था।

ये भी पढ़ें-UP:22 PCS से IAS औऱ 18 PPS से IPS में हुए प्रमोट..लिस्ट जारी..!

10 फ़रवरी को उन्हें ज़मानत मिल गई थी, लेकिन तीन दिन तक जेल से उनकी रिहाई नहीं हो सकी और इस दौरान अलीगढ़ ज़िला प्रशासन ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) लगा दिया।तब से वह मथुरा जेल में बन्द थे।

मंगलवार रात जेल से रिहा होने के बाद डाक्टर कफ़ील ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें जेल में पाँच पाँच दिनों तक भूखा प्यासा रखा गया।इसके पहले भी उन्होंने जेल में अव्यवस्थाओं को लेकर एक पत्र लिखा था जो सोशल मीडिया में काफ़ी वायरल हुआ था।

02 Sep 2020 By Shubham Mishra

UP:हाईकोर्ट के आदेश के बाद देर रात जेल से रिहा हुए डॉ. कफ़ील खान..लगाए गम्भीर आरोप.!

लखनऊ:डॉक्टर कफ़ील खान मंगलवार देर रात जेल से रिहा कर दिए गए।उन्हें यूपी सरकार द्वारा एनएसए की कार्यवाही के तहत गिरफ्तार कर जेल में रखा गया था।मंगलवार को हाईकोर्ट से उन्हें ज़मानत मिल गई।जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ़ हुआ।

ये भी पढ़ें-पितृ पक्ष 2020:आज से शुरू हुआ कब होगा समाप्त..कैसे करें पितरों का श्राद्ध औऱ तर्पण..!

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा कि कफ़ील ख़ान को एनएसए के तहत गिरफ़्तार किया जाना 'ग़ैरक़ानूनी' है।अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा, "डॉक्टर कफ़ील ख़ान का भाषण किसी तरह की नफ़रत या हिंसा को बढ़ावा देने वाला नहीं था, बल्कि यह लोगों के बीच राष्ट्रीय एकता का आह्वान था।"

क्या है पूरा मामला..

डॉक्टर कफ़ील खान का नाम उस वक़्त सबसे पहले चर्चा में आया था जब वह बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में तैनात थे।साल 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 60 बच्चों की मौत हो गई थी।उत्तर प्रदेश सरकार ने लापरवाही बरतने, भ्रष्टाचार में शामिल होने सहित कई आरोप लगाकर डॉ. कफ़ील को निलंबित कर जेल भेज दिया था। हालाँकि कई मामलों में बाद में उन्हें सरकार से क्लीन चिट मिल गई थी लेकिन उनका निलंबन रद्द नहीं हुआ था।

ये भी पढ़ें-फतेहपुर:मॉल में साथ काम करते करते एक दूसरे को दिल दे बैठीं सहेलियां..शादी कर पहुंचीं थाने.!

इसके बाद पिछले साल दिसंबर महीने में नागरिकता संशोधन क़ानून यानी सीएए के ख़िलाफ़ डॉक्टर कफ़ील ख़ान ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था।इस मामले में कफ़ील के ख़िलाफ़ अलीगढ़ के सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया था।29 जनवरी को यूपी एसटीएफ़ ने उन्हें मुंबई से गिरफ़्तार किया था।

ये भी पढ़ें-UP:22 PCS से IAS औऱ 18 PPS से IPS में हुए प्रमोट..लिस्ट जारी..!

10 फ़रवरी को उन्हें ज़मानत मिल गई थी, लेकिन तीन दिन तक जेल से उनकी रिहाई नहीं हो सकी और इस दौरान अलीगढ़ ज़िला प्रशासन ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) लगा दिया।तब से वह मथुरा जेल में बन्द थे।

मंगलवार रात जेल से रिहा होने के बाद डाक्टर कफ़ील ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें जेल में पाँच पाँच दिनों तक भूखा प्यासा रखा गया।इसके पहले भी उन्होंने जेल में अव्यवस्थाओं को लेकर एक पत्र लिखा था जो सोशल मीडिया में काफ़ी वायरल हुआ था।

Tags:

Latest News

UP Weather Update: यूपी में मौसम ने ली करवट, फतेहपुर समेत 50 जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट UP Weather Update: यूपी में मौसम ने ली करवट, फतेहपुर समेत 50 जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम का मिजाज बदल दिया है. कई जिलों में बादल, बूंदाबांदी...
आज का राशिफल (Aaj Ka Rashifal) 28 मार्च 2026: इन 5 राशियों का चमकेगा भाग्य, कर्क और मीन राशि वालों के लिए दिन चुनौतीपूर्ण
LPG Crisis In India: गैस किल्लत की आहट ! योगी सरकार बांटेगी लकड़ी, एक माह में इतनी मिलेगी, जानिए क्या है तैयारी
कौशांबी में दर्दनाक हादसा: मुंडन संस्कार से लौट रहे फतेहपुर के परिवार की पिकअप ट्रेलर से भिड़ी, 8 की मौत, 20 घायल
Fatehpur News: फतेहपुर में बाबू कांड ने पकड़ा तूल ! पत्नी ने DIOS और पूर्व BJP जिलाध्यक्ष के खिलाफ दी तहरीर, डीएम ने बैठाई जांच
Fatehpur News: पत्नी को पद दिलाने के लिए मुखलाल पाल को दिए थे 25 लाख, DIOS से लेकर शिक्षक संघ अध्यक्ष तक लगे आरोप
चैत्र नवरात्रि पारण 2026 कब है: 26 या 27 मार्च? जानिए सही तिथि, रामनवमी और व्रत पारण का पूरा नियम

Follow Us