
Kanpur Me 7 Din Ki Holi: कानपुर एकमात्र ऐसा शहर जहां पर 7 दिनों तक मनाई जाती है होली ! क्रांतिकारियों के आंदोलन से जुड़ी है कहानी
देशभर में होलिका दहन (Holika Dahan) 24 मार्च, वही 25 मार्च को रंगों की होली खेली (Play Holi) जाएगी. लेकिन यूपी (Up) का कानपुर (Kanpur) ही एक ऐसा शहर है जहां पर होली अगले 7 दिनों तक खेली जाती है और अनुराधा नक्षत्र (Anuradha Nakshatra), गंगा मेला (Ganga mela) के साथ होली का समापन किया जाता है. सात दिनों तक खेली जाने वाली होली के पीछे एक लंबा चौड़ा इतिहास (History) है आईए जानते हैं आखिरकार कनपुरिया 7 दिनों तक होली क्यों खेलते हैं..
कानपुर की ऐतिहासिक होली
होली का त्योहार (Festival Holi) लोंगो में उत्साह और उमंग लेकर आता है होली (Holi) के दिन सभी लोग मिलजुलकर त्यौहार मनाते (Celebrate Festival) हैं. छोटे हो या बड़े सभी एक दूसरे के गले लगा कर एक दूसरे को बधाइयां देते हैं. देशभर के अलग-अलग जगहों पर होली भी अलग-अलग तरीको से मनाई जाती है.

क्रांतिकारियों के आंदोलन से जुड़ी हुई है कहानी
सात दिनों तक खेली जाने वाली होली (holi play 7 Days) का इतिहास (History) काफी पुराना है. ये बात उन दिनों की है जब भारत देश मे अंग्रेजी हुकूमत (British rule) का शासन था. साल 1942 से इसकी शुरूआत हुई थी तब से लेकर आज तक इस त्योहार को अगले 7 दिनों तक मनाया जाता है. इस त्योहार की शुरुआत पंचमी के दिन से शुरू होकर अनुराधा नक्षत्र (Anuradha Nakshatra) के दिन समापन के साथ होता हैं. हटिया के रज्जन बाबू पार्क से रंगों का ठेला ( Rango ka thela), ड्रमों में रंग भरकर निकलता है. पूरे हटिया और फिर अन्य गलियों से निकलकर घण्टाघर होते हुए बिरहाना रोड तक जाता है.

अंग्रेजो को दिया गया था मुंहतोड़ जवाब

शहर के सरसैया घाट पर लगता है मेला

भले ही इस परंपरा को आज 8 दशक से भी ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन यह परंपरा आज भी जारी है इसीलिए पूरे विश्व में कानपुर ही एक ऐसा शहर है जहां पर होली एक या दो दिन नहीं बल्कि अगले 7 दिनों तक मनाई जाती है इस त्यौहार की एक खास बात यह भी है कि यहां पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर इस त्यौहार को मनाते हैं शायद इसीलिए ही कानपुर शहर को गंगा जमुनी तहजीब का शहर भी कहा जाता है.
