
Fatehpur News: फतेहपुर में आखिरकार एक साथ इतने लोग क्यों मुंडवा रहे सिर ! वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप
Fatehpur Satyagrah News: फ़तेहपुर में पिछले कई दिनों से सड़क निर्माण न होने पर लगातार लोग एकजुट होकर सत्याग्रह करते हुए विरोध जता रहे है. सत्याग्रह के 8 वें दिन लोगों ने सिर मुंडवा कर विरोध जताया और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की साथ में चेतावनी भी दी कि मांग न पूरी हुई तो अब तेरहवीं संस्कार भी करेंगे.
हाईलाइट्स
- सड़क निर्माण न होने को लेकर फतेहपुर में सत्याग्रह , सिर मुंडवा कर जताया विरोध
- जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध गुस्सा, गाजीपुर से विजयीपुर तक सड़क ध्वस्त
- जनप्रतिनिधियों ने नही पूरी की मांग तो अब तेरहवीं संस्कार करेंगे
Fatehpur Ghazipur Vijaipur Road Satyagrah: आप हमें वोट देकर इस बार चुनाव में जरूर जिताइए हम आपसे यह वादा करते हैं कि, चुनाव जीतने के बाद आपके कस्बे गांव में विकास की गंगा बहाएंगे जिसमें सबसे पहले मूलभूत सुविधाओं में से एक अच्छी सड़के बनवाएंगे ताकि यातायात और भी ज्यादा सरल एवं सुगम बन सके.

सड़को में गड्ढे या गड्ढों में सड़क तय करें आप



पिछले 8 दिनों से सत्याग्रह पर बैठे लोगों ने अपनी बात को शासन प्रशासन तक पहुंचाने के लिए एक अनोखा रास्ता अपनाया अब सत्याग्रह कर रहे लोगों ने अपना सिर मुड़वाना शुरू कर दिया है, यदि इसके बाद भी सड़क का निर्माण शुरू न हुआ तो जनप्रतिनिधियों का तेरहवीं संस्कार भी किया जाएगा. सत्ताग्रहियों ने कहा कि हम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए हुए रास्ते पर चल रहे हैं हम किसी भी तरह की हिंसा नहीं फैलाएंगे अपनी बात अहिंसा के रूप में कहेंगे

ग्रामीणों ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के समय में होती है, क्योंकि सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे होने की वजह से अक्सर बारिश में इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिस वजह से रास्ता समझ में नहीं आता है. बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी समस्या होती है तो वही राहगीर भी परेशान होते हैं यही नहीं कई बार तो इसी रास्ते से होकर अस्पताल भी जाना होता है, जिस वजह से कई बार यहां पर बड़े वाहन भी आने में कतराते हैं. सरकार ग्रामीणों की समस्याओं को अनदेखा कर रही है. जनप्रतिनिधि जनता की कमाई से मौज उड़ा रहे हैं और ग्रामीण अपनी बुनियादी समस्याओं से ही जूझ रहा है.
विकास के क्षेत्र का विकास चिड़ा रहा है मुंह
किसी भी गांव या कस्बे के विकास के लिए सबसे बड़ा योगदान गांव को जोड़ने वाली सड़क का होता है, क्योंकि सड़क के रास्ते ही आयात और निर्यात किया जाता है, लेकिन पिछले 30 सालों से इस रास्ते से होकर गुजरने वाले लोग आज भी इस रोड के बनने का इंतजार कर रहे हैं. चुनाव के पहले नेता केवल चुनावी वादों ही करते हैं लेकिन विकास के नाम पर यह क्षेत्र आज भी अपने अस्तित्व को ढूंढने पर मजबूर है. आपको बता दें कि 34 किलोमीटर लंबे इस रास्ते में करीब 1500 गांव और 2 लाख ग्रामीण रोजाना जनप्रतिनिधियों और शासन की अनदेखी का सामना कर रहे हैं.
प्रदेश सरकार का गड्ढा मुक्त अभियान हवा हवाई
प्रदेश में सरकार बनने के बाद से लगातार यह दावा किया जा रहा था कि 30 नवंबर 2022 तक प्रदेश को गड्ढा मुक्त बना दिया जाएगा. जिसके लिए लगातार सीएम योगी आदित्यनाथ भी इसकी मॉनीटरिंग कर रहे थे यही नहीं पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को इसकी जिम्मेदारी भी सौपी गई थी, सीएम को खु:श करने के लिए संबंधित अधिकारियों ने कागजों पर प्रदेश को गड्ढा मुक्त भी दिखा दिया था लेकिन हकीकत आपके सामने है जहां पर आज भी लाखों लोग अधिकारियों की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं.
