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Pitru Paksha 2022 : आज से शुरू हो गए पितृ पक्ष कैसे करें पिंडदान जानें पूरी विधि

Pitru Paksha 2022 : आज से शुरू हो गए पितृ पक्ष कैसे करें पिंडदान जानें पूरी विधि
Pitru Paksha 2022 पिंडदान की विधि

आज यानी 10 सितंबर से पितृ पक्ष ( Pitru Paksha 2022 Start Date )शुरू हो गए हैं. अब 15 दिनों तक लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति हेतु पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध आदि कर्म करेंगें. पिंडदान की विधि ( Pitru Paksha Pinddan Vidhi ) क्या है आइए जानते हैं.

Pitru Paksha 2022 : पितृ पक्ष आज से शुरू हो गए हैं. अब अगले 15 दिनों तक पितरों यानी संसार से विदा ले चुके पूर्वजों को याद किया जाएगा. उनके नाम से तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध आदि क्रिया कर्म लोग करेंगें. ऐसा शास्त्रों में कहा गया है कि पितृ पक्ष ( pitru paksha pindadan vidhi ) में किया गया कर्म सीधे पूर्वजों की अर्पित होता है. 

पितृ पक्ष में कैसे करें पिंडदान

पितृ पक्ष में तर्पण ( पितरों को जल देना )  के साथ साथ पिंडदान करना भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. पिंडदान ( pind dan kab karna chahiye 2022 ) में क्या क्या ज़रूरी सामग्री लगती है औऱ पितृ पक्ष में पिंडदान करने की विधि क्या है ( pind dan karne ki vidhi kya hai ) आचार्य प्रमोद दुबे बताते हैं कि पितृ पक्ष में पिंडदान करना बहुत आवश्यक होता है.वह बताते हैं कि पिंडे ( shradh me kitne pind banane chahiye ) तीन तरह से बनाए जा सकते हैं, दूध औऱ चावल को गलाकर (खीर) , या जौ के आटे से या खोए से इनमें से किसी एक चीज में फ़िर गाय का दूध, काले तिल, जौ, घी, गुड़ और शहद को मिलाकर गोल-गोल पिंड बनाए जाते हैं. 

जनेऊ को दाएं कंधे पर पहनकर और दक्षिण की ओर मुख करके उन पिंडो को पितरों को अर्पित किया जाता है. आचार्य जी कहते हैं कि शास्त्रों में ऐसा उल्लेख है कि दूध औऱ चावल से बने पिंड से पितर लंबे समय तक संतुष्ट रहते हैं. ( pind dan karne ki vidhi kya hai )

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पिंडदान करते समय इन बातों का रखें ध्यान

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आचार्य प्रमोद दुबे बताते हैं कि पिंडदान करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है,अन्यथा पिंडदान का फल ( pind dan ka fal ) नहीं प्राप्त हो पाता. पिंडदान करते समय सफ़ेद कपड़े ही धारण करने चाहिए, पिंडदान करने के बाद पितरों का ध्यान करें और पितरों के देव अर्यमा का भी ध्यान करें. पिंड पूजा करने के बाद उन्हें नदियों में प्रवाहित करें. Pitru paksha pind dan vidhi kya hai 

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पंचबलि कर्म

पिंडदान के बाद पंचबलि कर्म ( Pitru Paksha Panchbali Karm ) करना भी अति आवश्यक होता है. यहाँ बलि से मतलब किसी जीव की हत्या करने से नहीं है, पंचबलि कर्म का आशय ( Panchbali karm kya hai ) है गाय को , कौवे को औऱ कुत्ते को भोजन कराएं साथ ही देवताओं औऱ पीपल के पेड़ को भोजन अर्पित करें. 

10 Sep 2022 By Shubham Mishra

Pitru Paksha 2022 : आज से शुरू हो गए पितृ पक्ष कैसे करें पिंडदान जानें पूरी विधि

Pitru Paksha 2022 : पितृ पक्ष आज से शुरू हो गए हैं. अब अगले 15 दिनों तक पितरों यानी संसार से विदा ले चुके पूर्वजों को याद किया जाएगा. उनके नाम से तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध आदि क्रिया कर्म लोग करेंगें. ऐसा शास्त्रों में कहा गया है कि पितृ पक्ष ( pitru paksha pindadan vidhi ) में किया गया कर्म सीधे पूर्वजों की अर्पित होता है. 

पितृ पक्ष में कैसे करें पिंडदान

पितृ पक्ष में तर्पण ( पितरों को जल देना )  के साथ साथ पिंडदान करना भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. पिंडदान ( pind dan kab karna chahiye 2022 ) में क्या क्या ज़रूरी सामग्री लगती है औऱ पितृ पक्ष में पिंडदान करने की विधि क्या है ( pind dan karne ki vidhi kya hai ) आचार्य प्रमोद दुबे बताते हैं कि पितृ पक्ष में पिंडदान करना बहुत आवश्यक होता है.वह बताते हैं कि पिंडे ( shradh me kitne pind banane chahiye ) तीन तरह से बनाए जा सकते हैं, दूध औऱ चावल को गलाकर (खीर) , या जौ के आटे से या खोए से इनमें से किसी एक चीज में फ़िर गाय का दूध, काले तिल, जौ, घी, गुड़ और शहद को मिलाकर गोल-गोल पिंड बनाए जाते हैं. 

जनेऊ को दाएं कंधे पर पहनकर और दक्षिण की ओर मुख करके उन पिंडो को पितरों को अर्पित किया जाता है. आचार्य जी कहते हैं कि शास्त्रों में ऐसा उल्लेख है कि दूध औऱ चावल से बने पिंड से पितर लंबे समय तक संतुष्ट रहते हैं. ( pind dan karne ki vidhi kya hai )

पिंडदान करते समय इन बातों का रखें ध्यान

आचार्य प्रमोद दुबे बताते हैं कि पिंडदान करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है,अन्यथा पिंडदान का फल ( pind dan ka fal ) नहीं प्राप्त हो पाता. पिंडदान करते समय सफ़ेद कपड़े ही धारण करने चाहिए, पिंडदान करने के बाद पितरों का ध्यान करें और पितरों के देव अर्यमा का भी ध्यान करें. पिंड पूजा करने के बाद उन्हें नदियों में प्रवाहित करें. Pitru paksha pind dan vidhi kya hai 

पंचबलि कर्म

पिंडदान के बाद पंचबलि कर्म ( Pitru Paksha Panchbali Karm ) करना भी अति आवश्यक होता है. यहाँ बलि से मतलब किसी जीव की हत्या करने से नहीं है, पंचबलि कर्म का आशय ( Panchbali karm kya hai ) है गाय को , कौवे को औऱ कुत्ते को भोजन कराएं साथ ही देवताओं औऱ पीपल के पेड़ को भोजन अर्पित करें. 

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